{"_id":"6887ca1ddb878ac6580c29f5","slug":"students-will-be-taught-the-lesson-of-mission-vatsalya-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-141459-2025-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा मिशन वात्सल्य का पाठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा मिशन वात्सल्य का पाठ
Tue, 29 Jul 2025 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 29 Jul 2025 12:36 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। मिशन वात्सल्य के स्कूलों में विद्यार्थियों को बाल संरक्षण का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। इसके लिए महिला एवं बाल विकास की जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से स्कूलों में कार्यक्रम करवाए जाएंगे। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को बाल संरक्षण विषय व कानून के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य बाल संरक्षण तंत्र प्रणाली को मजबूत करना है। हर बच्चे को अपने अधिकारों व सुरक्षा के लिए बाल अधिकार, बाल संरक्षण विषय व कानून की जानकारी होना जरूरी है।
इसी कड़ी में सोमवार को भंभौली के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें जिला बाल संरक्षण इकाई से मनीष कुमार, गौरव शर्मा व मुकेश कंसल ने विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, बाल शोषण व संरक्षण अधिनियमों के बारे में बताया। विद्यार्थियों को बुनियादी शिक्षा के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 112 , बाल विवाह निषेध के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। परिजनों और शिक्षकों को बच्चों के संरक्षण के लिए बाल संरक्षण मित्र बनकर सहयोग करना होगा। अनजान व्यक्ति पर विश्वास होना बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है। बच्चे आसानी से लालच का शिकार हो जाते हैं और यही कारण अपराधों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे व बुरे स्पर्श के बजाय स्पर्श नहीं की भी जानकारी दी जाए। बच्चों को किसी भी स्थिति में असहज महसूस होने पर इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में यह कार्यक्रम निरंतर जारी रहेगा और विद्यार्थियों को बाल संरक्षण मित्र बनाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जगाधरी। मिशन वात्सल्य के स्कूलों में विद्यार्थियों को बाल संरक्षण का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। इसके लिए महिला एवं बाल विकास की जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से स्कूलों में कार्यक्रम करवाए जाएंगे। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को बाल संरक्षण विषय व कानून के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य बाल संरक्षण तंत्र प्रणाली को मजबूत करना है। हर बच्चे को अपने अधिकारों व सुरक्षा के लिए बाल अधिकार, बाल संरक्षण विषय व कानून की जानकारी होना जरूरी है।
इसी कड़ी में सोमवार को भंभौली के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें जिला बाल संरक्षण इकाई से मनीष कुमार, गौरव शर्मा व मुकेश कंसल ने विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, बाल शोषण व संरक्षण अधिनियमों के बारे में बताया। विद्यार्थियों को बुनियादी शिक्षा के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 112 , बाल विवाह निषेध के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। परिजनों और शिक्षकों को बच्चों के संरक्षण के लिए बाल संरक्षण मित्र बनकर सहयोग करना होगा। अनजान व्यक्ति पर विश्वास होना बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है। बच्चे आसानी से लालच का शिकार हो जाते हैं और यही कारण अपराधों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे व बुरे स्पर्श के बजाय स्पर्श नहीं की भी जानकारी दी जाए। बच्चों को किसी भी स्थिति में असहज महसूस होने पर इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में यह कार्यक्रम निरंतर जारी रहेगा और विद्यार्थियों को बाल संरक्षण मित्र बनाया जाएगा।
विज्ञापन