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उद्यमिता के नए अवसर तलाशें विद्यार्थी : आरुषि
Sat, 31 Oct 2026 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 31 Oct 2026 12:38 AM IST
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कार्यशाला के दौरान छात्राओं को जानकारी देतीं वक्ता। संस्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल और वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नवाचार एवं उद्यमिता के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपकरण और उभरती तकनीक विषय पर कार्यशाला लगाई गई। मुख्य वक्ता हिट बुल्सआई की प्रबंधक आरुषि नेगी ने उद्यमिता के नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य डॉ. सुरिंद्र कौर और आईआईसी संयोजक विवेक के नेतृत्व में आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता नेगी ने छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न टूल्स, उनकी कार्यप्रणाली और बदलते तकनीकी परिदृश्य में उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एआई तकनीक समय और श्रम की बचत के साथ रचनात्मकता, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्णय लेने की दक्षता बढ़ाने में भी सहायक है।
विद्यार्थियों को इस तकनीक का उपयोग कर नवाचार और उद्यमिता के नए अवसर तलाशने चाहिए। अर्थशास्त्र विभाग की प्राध्यापिका जसमीत कौर ने एआई टूल्स से नए विचार विकसित करने, समस्याओं का समाधान खोजने, व्यावसायिक योजनाएं तैयार करने और स्टार्टअप की संभावनाएं तलाशने के तरीके बताए।
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उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में विद्यार्थियों के लिए नई तकनीकों की समझ विकसित करना जरूरी है। प्राध्यापिका शैली चौहान ने छात्राओं को स्टार्टअप शुरू करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। कार्यशाला निशी ग्रोवर, पूजा सिंदवानी, डॉ. शिखा सभ्रवाल, नीलम, ज्योति, ईशी की देखरेख में हुई।
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यमुनानगर। डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल और वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नवाचार एवं उद्यमिता के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपकरण और उभरती तकनीक विषय पर कार्यशाला लगाई गई। मुख्य वक्ता हिट बुल्सआई की प्रबंधक आरुषि नेगी ने उद्यमिता के नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य डॉ. सुरिंद्र कौर और आईआईसी संयोजक विवेक के नेतृत्व में आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता नेगी ने छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न टूल्स, उनकी कार्यप्रणाली और बदलते तकनीकी परिदृश्य में उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एआई तकनीक समय और श्रम की बचत के साथ रचनात्मकता, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्णय लेने की दक्षता बढ़ाने में भी सहायक है।
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विद्यार्थियों को इस तकनीक का उपयोग कर नवाचार और उद्यमिता के नए अवसर तलाशने चाहिए। अर्थशास्त्र विभाग की प्राध्यापिका जसमीत कौर ने एआई टूल्स से नए विचार विकसित करने, समस्याओं का समाधान खोजने, व्यावसायिक योजनाएं तैयार करने और स्टार्टअप की संभावनाएं तलाशने के तरीके बताए।
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उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में विद्यार्थियों के लिए नई तकनीकों की समझ विकसित करना जरूरी है। प्राध्यापिका शैली चौहान ने छात्राओं को स्टार्टअप शुरू करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। कार्यशाला निशी ग्रोवर, पूजा सिंदवानी, डॉ. शिखा सभ्रवाल, नीलम, ज्योति, ईशी की देखरेख में हुई।