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Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों ने लिया मातृभाषा संरक्षण का संकल्प
Tue, 09 Jun 2026 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 09 Jun 2026 01:04 AM IST
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ग्रीष्मकालीन शिविर के समापन के दौरान पौधरोपण करती छात्राएं। संस्थान
- फोटो : मनीष शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोट कलसिया में चल रहा सात दिवसीय भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर का सोमवार को समापन हो गया।। समापन पर विद्यार्थियों ने पौधरोपण कर मातृभाषा संरक्षण का संकल्प लिया।
शिविर में विद्यार्थियों ने भारतीय भाषाओं, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय मूल्यों का विकास करना था। शिविर में भाषा आधारित खेल, प्रश्नोत्तरी, समूह चर्चा, वाचन, संवाद कौशल विकास गतिविधियां, पोस्टर व नारा लेखन, पारंपरिक खेल तथा शैक्षिक वीडियो प्रस्तुति सहित अन्य रोचक गतिविधियां करवाई गईं।
विद्यार्थियों ने भारतीय भाषाओं की समृद्ध परंपरा और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर अपने विचार भी व्यक्त किए। समापन में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए मातृभाषा व भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। अध्यापकों ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, ज्ञान और सामाजिक समरसता की आधारशिला है।
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प्राचार्य बलबीर ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता, संवाद कौशल विकसित करने से भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना मजबूत करते हैं। शिविर के समापन पर विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में पौधे लगाकर देखभाल करने का संकल्प लिया।
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छछरौली। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोट कलसिया में चल रहा सात दिवसीय भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर का सोमवार को समापन हो गया।। समापन पर विद्यार्थियों ने पौधरोपण कर मातृभाषा संरक्षण का संकल्प लिया।
शिविर में विद्यार्थियों ने भारतीय भाषाओं, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय मूल्यों का विकास करना था। शिविर में भाषा आधारित खेल, प्रश्नोत्तरी, समूह चर्चा, वाचन, संवाद कौशल विकास गतिविधियां, पोस्टर व नारा लेखन, पारंपरिक खेल तथा शैक्षिक वीडियो प्रस्तुति सहित अन्य रोचक गतिविधियां करवाई गईं।
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विद्यार्थियों ने भारतीय भाषाओं की समृद्ध परंपरा और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर अपने विचार भी व्यक्त किए। समापन में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए मातृभाषा व भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। अध्यापकों ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, ज्ञान और सामाजिक समरसता की आधारशिला है।
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प्राचार्य बलबीर ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता, संवाद कौशल विकसित करने से भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना मजबूत करते हैं। शिविर के समापन पर विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में पौधे लगाकर देखभाल करने का संकल्प लिया।