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दीक्षांत समारोह में डिग्रियां पाकर झूम उठीं छात्राएं
अमर उजाला ब्यूरो/बिलासपुर
Updated Mon, 06 Jan 2014 12:34 AM IST
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यमुनानगर जिले के बिलासपुर में शिक्षा मानव के भीतर सही सोच विकसित करती है। शिक्षा से मानव अपने व्यावहरिक, सामाजिक व आर्थिक जीवन में सही निर्णय लेकर सफल हो सकता है।
शिक्षा का अर्थ केवल डिग्री हासिल करना नहीं है अपितु शिक्षा द्वारा सही समय पर सही निर्णय लेकर अपने कौशल को प्रदर्शित करना है। शिक्षा के माध्यम से ही हम समाज के लोगाें में एक नई सोच विकसित कर सकते हैं।
उक्त शब्द कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन ऑफ कालेज के प्रोफेसर डॉ. डीडी अरोड़ा ने श्री सिद्धि विनायक शिक्षण संस्थान में आयोजित दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहे।
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दीक्षांत समारोह में 126 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। मुख्य अतिथि ने संस्थान के सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों को गोल्ड, सिल्वर व ब्रांज मेडल से नवाजा। इनमें सीएसई की संजना भुटानी, आईटी की गीन्नी दुग्गल, ईसीई की शेफाली, प्रगति गर्ग, पुष्पेंद्र कौर, ऋतु वर्मा को सम्मानित किया गया।
डॉ. डीडी अरोड़ा ने कहा कि हमें समाज के प्रति भी अपने कर्तव्य को समझना चाहिए। शिक्षण संस्थान के चेयरमैन डॉ. एमके सहगल ने कहा कि हमेशा सही सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
नकारात्मक विचार आदमी की उन्नति में बाधा बनते हैं। उन्हाेंने कहा कि केवल डिग्री ले लेने मात्र से ही हमारी शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण नहीं होता है बल्कि उसका सही समय पर सही उपयोग कर लोगाें को सही रास्ता दिखाना है।
गलतियों से सबक लेना चाहिए और गलतियों को न दोहराना ही असली मैनेजमेंट है। संस्थान के चेयरमैन ने स्मृति चिन्ह देकर मुख्य अतिथि को सम्मानित किया।
इस मौके पर डा. रजनी सहगल, अजय सिडाना, अरविंद ग्रेवाल, प्रदीप राजपूत, विनोद कुमार, अनुराधा पंजेटा, विक्रांत गुलाटी, मनीष गोयल, वैभव कक्कर, प्रीति, सिमरनप्रीत सिंह, प्रदीप नरवाल, निकिता शर्मा सहित संस्थान के स्टॉफ सदस्य उपस्थित रहे।
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शिक्षा का अर्थ केवल डिग्री हासिल करना नहीं है अपितु शिक्षा द्वारा सही समय पर सही निर्णय लेकर अपने कौशल को प्रदर्शित करना है। शिक्षा के माध्यम से ही हम समाज के लोगाें में एक नई सोच विकसित कर सकते हैं।
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उक्त शब्द कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन ऑफ कालेज के प्रोफेसर डॉ. डीडी अरोड़ा ने श्री सिद्धि विनायक शिक्षण संस्थान में आयोजित दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहे।
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दीक्षांत समारोह में 126 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। मुख्य अतिथि ने संस्थान के सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों को गोल्ड, सिल्वर व ब्रांज मेडल से नवाजा। इनमें सीएसई की संजना भुटानी, आईटी की गीन्नी दुग्गल, ईसीई की शेफाली, प्रगति गर्ग, पुष्पेंद्र कौर, ऋतु वर्मा को सम्मानित किया गया।
डॉ. डीडी अरोड़ा ने कहा कि हमें समाज के प्रति भी अपने कर्तव्य को समझना चाहिए। शिक्षण संस्थान के चेयरमैन डॉ. एमके सहगल ने कहा कि हमेशा सही सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
नकारात्मक विचार आदमी की उन्नति में बाधा बनते हैं। उन्हाेंने कहा कि केवल डिग्री ले लेने मात्र से ही हमारी शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण नहीं होता है बल्कि उसका सही समय पर सही उपयोग कर लोगाें को सही रास्ता दिखाना है।
गलतियों से सबक लेना चाहिए और गलतियों को न दोहराना ही असली मैनेजमेंट है। संस्थान के चेयरमैन ने स्मृति चिन्ह देकर मुख्य अतिथि को सम्मानित किया।
इस मौके पर डा. रजनी सहगल, अजय सिडाना, अरविंद ग्रेवाल, प्रदीप राजपूत, विनोद कुमार, अनुराधा पंजेटा, विक्रांत गुलाटी, मनीष गोयल, वैभव कक्कर, प्रीति, सिमरनप्रीत सिंह, प्रदीप नरवाल, निकिता शर्मा सहित संस्थान के स्टॉफ सदस्य उपस्थित रहे।