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Yamuna Nagar News: तबले की ताल संंग सरोद की धुन पर झूमीं छात्राएं
Sun, 30 Mar 2025 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 30 Mar 2025 12:42 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हिंदू कन्या महाविद्यालय जगाधरी में संगीत विभाग की ओर से सरोद वादन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला शाहजहांपुर घराने के प्रमुख सरोद वादक अबीर हुसैन ने शिरकत की। उन्होंने सरोद वादन की प्रस्तुति देकर छात्राओं और स्टाफ को झूमने का मजबूर किया।
उन्होंने छात्राओं को सरोद वादन की संपूर्ण जानकारी दी। वहीं तबला वादक पंडित मिथिलेश झा ने तबला की ताल के साथ अबीर हुसैन का साथ दिया। कार्यशाला में लगभग 50 छात्राओं ने भाग लिया। प्राचार्या मोनिका खुराना ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं के आयोजन से छात्राओं में आत्मविश्वास की भावना जागृत होती है। साथ ही संगीत का ज्ञान मिलता है।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील संगीत पाठ्यक्रम के साथ-साथ छात्राओं के लिए व्यापक व्यावसायिक प्रशिक्षण तैयार करती है, जिसमें सभी के लिए समग्र शिक्षा को बढ़ावा मिलता है। संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डाॅ. सलोनी ने अतिथियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से हमारी संगीत विरासत को समृद्ध और आरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने सरोद वादन कार्यशाला की सराहना की।
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यमुनानगर। हिंदू कन्या महाविद्यालय जगाधरी में संगीत विभाग की ओर से सरोद वादन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला शाहजहांपुर घराने के प्रमुख सरोद वादक अबीर हुसैन ने शिरकत की। उन्होंने सरोद वादन की प्रस्तुति देकर छात्राओं और स्टाफ को झूमने का मजबूर किया।
उन्होंने छात्राओं को सरोद वादन की संपूर्ण जानकारी दी। वहीं तबला वादक पंडित मिथिलेश झा ने तबला की ताल के साथ अबीर हुसैन का साथ दिया। कार्यशाला में लगभग 50 छात्राओं ने भाग लिया। प्राचार्या मोनिका खुराना ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं के आयोजन से छात्राओं में आत्मविश्वास की भावना जागृत होती है। साथ ही संगीत का ज्ञान मिलता है।
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उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील संगीत पाठ्यक्रम के साथ-साथ छात्राओं के लिए व्यापक व्यावसायिक प्रशिक्षण तैयार करती है, जिसमें सभी के लिए समग्र शिक्षा को बढ़ावा मिलता है। संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डाॅ. सलोनी ने अतिथियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से हमारी संगीत विरासत को समृद्ध और आरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने सरोद वादन कार्यशाला की सराहना की।
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