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Yamuna Nagar News: स्कूल में विद्यार्थियों ने बनाया नीम और गुलाब का साबुन
Fri, 30 Oct 2026 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 30 Oct 2026 01:22 AM IST
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कार्यक्रम के दौरान साबुन तैयार करतीं छात्राएं। संस्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
सरस्वतीनगर। सीएमईईई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुंदियाना में कुशल भारत चैलेंज के तहत विद्यार्थियों ने नीम और गुलाब का साबुन तैयार किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को नए कौशल सीखने और अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
प्राचार्य सतीश सैनी ने बताया कि विद्यार्थियों ने अपनी रुचि के अनुसार साबुन बनाने की परियोजना चुनी और उत्साह से इसमें भाग लिया। फिलहाल विद्यालय स्तर पर नीम और गुलाब की साबुन तैयार की गई हैं। भविष्य में हल्दी, चंदन और एलोवेरा सहित अन्य प्रकार की साबुन बनाने की योजना है।
परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक और व्यावसायिक कौशल से जोड़ना है। इससे बच्चे उत्पाद तैयार करने, प्रबंधन और व्यवसाय की बुनियादी प्रक्रियाओं को समझ सकेंगे। भविष्य में इन उत्पादों को समाज में बेचने की संभावनाओं पर भी काम किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों को स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिलेगी।
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कुशल भारत चैलेंज के तहत प्रदेशभर में इस प्रकार की गतिविधियां करवाई जा रही हैं। ऐसी परियोजनाओं से विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, रचनात्मक सोच और उद्यमिता की भावना विकसित होती है। वहीं, उन्हें भविष्य में रोजगार तलाशने के बजाय अपना काम शुरू करने के लिए भी प्रेरणा मिलती है।
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सरस्वतीनगर। सीएमईईई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुंदियाना में कुशल भारत चैलेंज के तहत विद्यार्थियों ने नीम और गुलाब का साबुन तैयार किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को नए कौशल सीखने और अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
प्राचार्य सतीश सैनी ने बताया कि विद्यार्थियों ने अपनी रुचि के अनुसार साबुन बनाने की परियोजना चुनी और उत्साह से इसमें भाग लिया। फिलहाल विद्यालय स्तर पर नीम और गुलाब की साबुन तैयार की गई हैं। भविष्य में हल्दी, चंदन और एलोवेरा सहित अन्य प्रकार की साबुन बनाने की योजना है।
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परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक और व्यावसायिक कौशल से जोड़ना है। इससे बच्चे उत्पाद तैयार करने, प्रबंधन और व्यवसाय की बुनियादी प्रक्रियाओं को समझ सकेंगे। भविष्य में इन उत्पादों को समाज में बेचने की संभावनाओं पर भी काम किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों को स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिलेगी।
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कुशल भारत चैलेंज के तहत प्रदेशभर में इस प्रकार की गतिविधियां करवाई जा रही हैं। ऐसी परियोजनाओं से विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, रचनात्मक सोच और उद्यमिता की भावना विकसित होती है। वहीं, उन्हें भविष्य में रोजगार तलाशने के बजाय अपना काम शुरू करने के लिए भी प्रेरणा मिलती है।