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शिक्षामंत्री से मिलने जा रहे शिक्षकों को रोका
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एच-73ए पर जगाधरी समीप धरना देते अध्यापक। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ (सर्व कर्मचारी संघ) के आह्वान पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अध्यापकों ने शिक्षामंत्री कंवरपाल के विधानसभा क्षेत्र जगाधरी में ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में प्रदर्शन किया। यहां अलग-अलग संगठनों से जुड़े अध्यापक एनएच-73ए पर एक पैलेस के बाहर इकट्ठे हुए फिर पैदल मार्च कर शिक्षामंत्री आवास की रवाना हुए। पुलिस ने उन्हें महाराजा अग्रसेन चौक पर बेरिकेट लगाकर रोक दिया।
बाद में प्रतिनिधिमंडल की मंत्री कंवरपाल से मुलाकात हुई। वहां मंत्री के समक्ष मांग रखी कि सही तरीके से रेशनलाइजेशन कर पदों की सूची जारी कर ट्रांसफर किया जाए। इस पर प्रतिनिधिमंडल की मंत्री व उच्चाधिकारियों से चंडीगढ़ में मंगलवार को बैठक का समय मिला। मंत्री से मुलाकात के लिए प्रतिनिधिमंडल में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांडा, राज्य महासचिव प्रभु सिंह, पूर्व राज्य प्रधान वजीर सिंह, स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से महासचिव सीएन भारती व अन्य शामिल रहे।
धर्मेंद्र ढांडा ने कहा कि शिक्षा के लिए कोई भी नीति बनती है तो उसके केंद्र बिंदु में छात्रों को होना चाहिए। दूसरा केंद्र बिंदु अध्यापक होना चाहिए। लेकिन यहां नीति का पहला केंद्र बिंदु सरकार है, दूसरा अध्यापक है और तीसरा आखिरी स्थान छात्र को मिला है। इसी कारण हर वर्ष रेशनलाइजेशन के नियम बदलते हुए हजारों पद समाप्त कर दिए जाते हैं। ट्रांसफर ड्राइव में आ रही खामियों, त्रुटियों व नीतिगत मुद्दों को लेकर राज्यभर के शिक्षकों में रोष है।
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स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से महासचिव सीएन भारती ने कहा कि ट्रांसफर में आ रही कमियों को हल कर सभी पात्र शिक्षकों को भागीदारी करने का उचित अवसर प्रदान किया जाए। सभी शिक्षकों को समान अवसर मिले, ताकि वह बिना किसी प्रताड़ना के सामाजिक, पारिवारिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए शिक्षण कार्य को पूर्ण कर सकें। अगर जल्द ही सार्वजनिक शिक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले फैसले वापस नहीं लिए गए, तो अध्यापक संघ जनता के बीच में जाएगा। लोगों को बताएगा कि किस प्रकार सरकार स्कूलों को बंद कर बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ कर रही है। मौके पर विभिन्न अध्यापक व कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
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यमुनानगर। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ (सर्व कर्मचारी संघ) के आह्वान पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अध्यापकों ने शिक्षामंत्री कंवरपाल के विधानसभा क्षेत्र जगाधरी में ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में प्रदर्शन किया। यहां अलग-अलग संगठनों से जुड़े अध्यापक एनएच-73ए पर एक पैलेस के बाहर इकट्ठे हुए फिर पैदल मार्च कर शिक्षामंत्री आवास की रवाना हुए। पुलिस ने उन्हें महाराजा अग्रसेन चौक पर बेरिकेट लगाकर रोक दिया।
बाद में प्रतिनिधिमंडल की मंत्री कंवरपाल से मुलाकात हुई। वहां मंत्री के समक्ष मांग रखी कि सही तरीके से रेशनलाइजेशन कर पदों की सूची जारी कर ट्रांसफर किया जाए। इस पर प्रतिनिधिमंडल की मंत्री व उच्चाधिकारियों से चंडीगढ़ में मंगलवार को बैठक का समय मिला। मंत्री से मुलाकात के लिए प्रतिनिधिमंडल में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांडा, राज्य महासचिव प्रभु सिंह, पूर्व राज्य प्रधान वजीर सिंह, स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से महासचिव सीएन भारती व अन्य शामिल रहे।
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धर्मेंद्र ढांडा ने कहा कि शिक्षा के लिए कोई भी नीति बनती है तो उसके केंद्र बिंदु में छात्रों को होना चाहिए। दूसरा केंद्र बिंदु अध्यापक होना चाहिए। लेकिन यहां नीति का पहला केंद्र बिंदु सरकार है, दूसरा अध्यापक है और तीसरा आखिरी स्थान छात्र को मिला है। इसी कारण हर वर्ष रेशनलाइजेशन के नियम बदलते हुए हजारों पद समाप्त कर दिए जाते हैं। ट्रांसफर ड्राइव में आ रही खामियों, त्रुटियों व नीतिगत मुद्दों को लेकर राज्यभर के शिक्षकों में रोष है।
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स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से महासचिव सीएन भारती ने कहा कि ट्रांसफर में आ रही कमियों को हल कर सभी पात्र शिक्षकों को भागीदारी करने का उचित अवसर प्रदान किया जाए। सभी शिक्षकों को समान अवसर मिले, ताकि वह बिना किसी प्रताड़ना के सामाजिक, पारिवारिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए शिक्षण कार्य को पूर्ण कर सकें। अगर जल्द ही सार्वजनिक शिक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले फैसले वापस नहीं लिए गए, तो अध्यापक संघ जनता के बीच में जाएगा। लोगों को बताएगा कि किस प्रकार सरकार स्कूलों को बंद कर बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ कर रही है। मौके पर विभिन्न अध्यापक व कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।