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सरस्वती शुगर मिल में प्रदेश के पहले एथेनॉल प्लांट का शुभारंभ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Dec 2021 02:52 AM IST
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State's first ethanol plant inaugurated at Saraswati Sugar Mill, Yamunanagar
मशीन में शीला डालते सरस्वती शुगर मिल के चीफ ऑपरेटिंग अफसर एसके सचदेवा। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सरस्वती शुगर मिले में शीरे से एथेनॉल बनाने वाले प्रदेश के पहले प्लांट का बुधवार को शुभारंभ हो गया। प्रबंधक निदेशक आदित्य पुरी ने वीडियो लिंक के माध्यम से प्लांट का शुभारंभ किया है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए प्लांट में रोजाना एक लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। जल्द ही यमुनानगर के बाद शाहाबाद और पानीपत में 60 हजार लीटर प्रतिदिन एथेनॉल का उत्पादन करने के प्लांट भी तैयार हो जाएंगे।
सरस्वती शुगर मिल में एथेनॉल के लिए स्टोरेज टैंक तैयार किए गए हैं। प्लांट के लगने से अब विदेशों से एथेनॉल मंगवाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक विभिन्न तेल कंपनियों को भेजा जाएगा। सरस्वती शुगर मिल से निकल रहा शीरा फिलहाल डिस्टलरी, केमिकल प्लांट व ओपन मार्केट में बिक रहा था। अब शीरे से एथेनॉल बनाने का काम किया जाएगा। सरस्वती शुगर मिल के चीफ ऑपरेटिंग अफसर एसके सचदेवा ने शीरा डालकर मशीन चालू की।
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सरस्वती शुगर मिल में एथेनॉल प्लांट का प्रोजेक्ट सात साल पुराना है। पिछले साल मई 2020 में इसके निर्माण का कार्य शुरू किया गया और 2021 अप्रैल में काम पूरा होना था। कोरोना महामारी के चलते इसका कार्य बीच में रुक गया था। मगर अब इस प्लांट के शुभारंभ के लिए एक्साइज विभाग से एक दस्तावेज हस्ताक्षर न होने के चलते इस कार्य अटका पड़ा था। हस्ताक्षर होते ही प्लांट के शुभारंभ की तारीख भी घोषित कर दी गई थी।
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क्या होता है एथेनॉल
एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जिसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन वैसे तो गन्ने से होता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर 35 फीसदी तक कार्बन मोनोऑक्साइड कम किया जा सकता है। एथेनॉल ब्लेंडिंग वाले पेट्रोल से आम आदमी को भी बड़ा फायदा होगा। एथेनॉल से चलने वाली गाड़ी पेट्रोल के मुकाबले बहुत कम गर्म होती है। एथेनॉल में अल्कोहल जल्दी उड़ जाता है, जिसके चलते इंजन जल्द गर्म नहीं होता है।
बताया जा रहा है दो-तीन साल में पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाकर बेचने का लक्ष्य रखा गया है। इससे महंगे तेल आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। एथेनॉल का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में होता है तो पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार तेल कंपनियां 20 फीसदी एथेनॉल के मिश्रण के साथ ही पेट्रोल बेच सकेगी।

प्रदेश के पहले एथेनॉल प्लांट का शुभारंभ कंपनी के प्रबंधक निदेशक आदित्य पुरी ने वीडियो लिंक के माध्यम से किया है। 200 करोड़ रुपए की लागत से यह प्लांट तैयार हुआ है। एथेनॉल को शराब में प्रयोग होने वाले शीरा से तैयार किया जाएगा। - एसके सचदेवा, चीफ ऑपरेटिंग अफसर, सरस्वती शुगर मिल
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