फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Sponge strip was left in woman's stomach during operation, FIR registered against five doctors

Yamuna Nagar News: ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में छोड़ दी थी स्पंज पट्टी, पांच डॉक्टरों पर प्राथमिकी दर्ज

Thu, 29 Jan 2026 02:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 29 Jan 2026 02:54 AM IST
विज्ञापन
Sponge strip was left in woman's stomach during operation, FIR registered against five doctors
महिला मरीज के गर्भ से ऑपरेशन कर निकाली गई पट्‌टी।
यमुनानगर। जिले में सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान महिला के गर्भ में सर्जिकल स्पंज (पट्टी) छोड़ने और बाद में झूठी अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन रिपोर्ट बनाकर सच्चाई छिपाने के मामले में आठ माह बाद थाना शहर जगाधरी में एसपी अस्पताल जगाधरी की महिला डॉक्टर डॉ. सोना गोयल, उनके पति पूर्व डिप्टी सीएमओ डॉ. अनूप गोयल, इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉ. प्रदीप तेहलान, मेहता अल्ट्रासाउंड सेंटर के डॉ. निखिल मेहता और मॉडल टाउन स्थित चड्ढा अस्पताल के डॉ. कुलदीप चड्ढा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई 25 दिसंबर 2025 को कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के समक्ष पहुंची शिकायत और उनके सख्त आदेश के बाद की है। वहीं वीरवार को जिला सचिवालय के कमरा नंबर 203 में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति (ग्रीवेंस कमेटी) की बैठक प्रस्तावित है। ऐसे में बैठक के ठीक एक दिन पहले डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जिला प्रशासन ने अपनी साख बचाने की कोशिश की है, ताकि ग्रीवेंस मंच पर जवाबदेही से बचा जा सके।
विज्ञापन

मेहर खातून के पति ओसामा निवासी बीबीपुर गांव (जगाधरी) ने मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को दी शिकायत में बताया था कि 12 मार्च 2025 को वह अपनी गर्भवती पत्नी को चेकअप के लिए जगाधरी स्थित एसपी अस्पताल लेकर गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने सिजेरियन डिलीवरी की सलाह दी और मेहर को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। अगले दिन 13 मार्च 2025 की सुबह डॉ. सोना गोयल ने उसकी पत्नी का सिजेरियन ऑपरेशन किया। आरोप है कि इस दौरान उनके पति डॉ. अनूप गोयल, जो डिप्टी सिविल सर्जन एवं डिप्टी सीएमओ भी ऑपरेशन प्रक्रिया में शामिल थे। ऑपरेशन के दौरान मेहर ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। ऑपरेशन और इलाज पर करीब 70 हजार रुपये खर्च हुए। इसके बाद 15 मार्च 2025 को मेहर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान महिला के गर्भ में सर्जिकल स्पंज (कॉटन पट्टी) छूट गई। इसके बाद जब महिला की तबीयत बिगड़ने लगी, तो अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन की झूठी रिपोर्टों के जरिए परिवार को गुमराह किया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि डॉक्टरों ने केवल ऑपरेशन की लापरवाही को छिपाया, बल्कि बार-बार गलत जांच रिपोर्ट तैयार कर गुमराह किया गया। इससे उसकी पत्नी की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
विज्ञापन

घर लौटने के कुछ दिन बाद ही मेहर को टांकों के आसपास तेज दर्द, सूजन और कमजोरी महसूस होने लगी। शुरुआत में परिजनों को लगा कि यह ऑपरेशन के बाद की सामान्य समस्या होगी, लेकिन धीरे-धीरे हालत बिगड़ती चली गई और परिजन 1 अप्रैल 2025 को उसे बूड़िया गांव स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। 3 अप्रैल 2025 को ओसामा अपनी पत्नी को जगाधरी-यमुनानगर रोड स्थित इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर लेकर गया। आरोप है कि अल्ट्रासाउंड के दौरान डॉक्टरों को महिला के गर्भ में किसी बाहरी वस्तु, संभवतः सर्जिकल स्पंज, का अंदेशा हो गया था, इसके बावजूद सच्चाई छिपा ली गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि डॉ. प्रदीप तेहलान ने महिला डॉक्टर से मिलीभगत कर जानबूझकर नॉर्मल अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बना दी। रिपोर्ट में लिखा गया कि टांकों में केवल पस है और इलाज के लिए उसी डॉक्टर के पास करवाने की सलाह दी गई, जहां सिजेरियन ऑपरेशन हुआ था। रिपोर्ट नॉर्मल होने के कारण परिजन भ्रमित हो गए और बूड़िया के उसी अस्पताल में वापस चले गए। वहां केवल पस का इलाज किया गया और मेहर को 18 अप्रैल तक भर्ती रखा गया, लेकिन उसकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
पंचकूला में खुली सच्चाई
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी मेहर की तबीयत में सुधार नहीं होने के बाद यमुनानगर के एक अन्य अस्पताल में फिर से अल्ट्रासाउंड कराया गया। यहां भी आरोप है कि डॉक्टर ने सच्चाई जानते हुए भी गर्भ में पट्टी होने की बात छिपाई और नॉर्मल रिपोर्ट दे दी। इस बार कहा गया कि यूटेरस में पस की वजह से गैस बन गई है और छोटा सा ऑपरेशन उसी अस्पताल में करवाना बेहतर रहेगा, जहां से यह पूरा मामला शुरू हुआ था। 21 मई 2025 को मेहर की हालत अचानक फिर बिगड़ गई। उसे दोबारा बूड़िया स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। 22 मई को परिजन उसे फिर यमुनानगर के मेहता अल्ट्रासाउंड सेंटर लेकर पहुंचे। आरोप है कि यहां डॉ. निखिल मेहता ने सच्चाई छिपाते हुए रिपोर्ट में लिखा कि यूटेरस में पस के कारण रसौली बन गई है और ऑपरेशन जरूरी है। यहां से भी मरीज को मुख्य आरोपी महिला डॉक्टर के अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी गई।
परिजनों के इनकार करने पर उन्हें मॉडल टाउन स्थित चड्ढा अस्पताल भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि डॉ. कुलदीप चड्ढा को सच्चाई पहले से पता थी, फिर भी उन्होंने परिवार को डराया कि यूटेरस में गैस का गोला बन गया है, जो कभी भी फट सकता है और महिला की जान जा सकती है। इमरजेंसी ऑपरेशन का दबाव बनाया गया, लेकिन परिजन डर के बावजूद बिना इलाज कराए लौट आए। उसी दिन महिला को पंचकूला सेक्टर-26 स्थित ओजस अस्पताल ले जाया गया। यहां जांच में सच्चाई सामने आई। डॉक्टर यह देखकर हैरान रह गए कि महिला के गर्भ में लंबे समय से सर्जिकल स्पंज फंसा हुआ है, जिससे गंभीर संक्रमण फैल चुका था। 24 मई 2025 को इमरजेंसी ऑपरेशन किया गया। पट्टी निकालने के लिए डॉक्टरों को उसकी आंत काटनी पड़ी। डॉक्टरों ने साफ कहा कि अगर कुछ दिन और देरी हो जाती, तो महिला की जान नहीं बच पाती। संक्रमण इतना फैल चुका था कि करीब तीन महीने बाद आंत जोड़ने का एक और बड़ा ऑपरेशन करना पड़ा। परिजनों का कहना है कि इस पूरे इलाज और भागदौड़ में करीब 10 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।

----
ग्रीवेंस कमेटी में उठा मामला, तब जाकर दर्ज हुई प्राथमिकी
आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जून 2025 में बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण डीसी से मिलने पहुंचे। डीसी ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की। जांच में यह साबित हो गया कि ऑपरेशन के दौरान गर्भ में पट्टी छोड़ी गई थी, हालांकि जिम्मेदारी तय करने को लेकर दी रिपोर्ट पर सवाल उठे। लंबे समय तक कार्रवाई न होने पर उन्होंने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायत दी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की अध्यक्षता में हुई ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में यह मामला तीन बार उठा। कमेटी की जांच में लापरवाही की पुष्टि होने पर मंत्री ने इसे बेहद गंभीर मानते हुए एसपी को सभी आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं और स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed