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Yamuna Nagar News: भंडारा तो कहीं पर हवन में डालीं आहुतियां
Fri, 11 Jul 2025 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 11 Jul 2025 12:27 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुननगर। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जिले में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान कहीं पर भंडारा तो कहीं पर हवन में आहुतियां डाली गईं। वहीं शिष्यों ने अपने गुरुओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और उनका सम्मान किया।
वहीं शिक्षण संस्थानों में टीचरों ने अपने सीनियर व जूनियर को गुरु पूर्णिमा की बधाई देकर उज्जवल भविष्य की कामला की। वहीं स्कूलों में विद्यार्थियों ने अपने-अपने गुरुओं के पैरों को छू कर आशीर्वाद लिया और गिफ्ट भी दिए।
पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने ने आश्रम बनिया वाला में गुरु भीलपुरा ओमप्रकाश गांधी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर गुरुजन के चरणों में शीश नवाया। उन्होंने कहा कि हर साल आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है।
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इस दिन का महत्व हमारे जीवन में बेहद खास है, कहते हैं गुरु ही हमारे जीवन की नैया को पार लगाने वाले होते हैं, वो हमें सही-गलत का फर्क समझाते हैं,कठिनाइयों में हौसला देते हैं और अपने अनुभवों से हमें जिंदगी की असली समझ देते हैं।
मेयर ने दयालु मंदिर में टेका मत्था : यमुनानगर। गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर मेयर सुमन बहमनी ने श्री दुर्गा हनुमान मंदिर (दयालु मंदिर) पहुंचकर मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर के पूज्य पुजारी केशव दत्त को सम्मानित कर गुरु परंपरा को नमन किया। बहमनी ने कहा गुरु केवल व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे विचार, मार्गदर्शन और ऊर्जा होते हैं जो जीवन के हर मोड़ पर दिशा दिखाते हैं। गुरु ही वह शक्ति हैं जो हमें अज्ञान से ज्ञान और अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती हैं। उन्होंने भावुक होकर अपनी जीवन यात्रा साझा की कि कैसे उन्होंने एक अध्यापक के रूप में समाज सेवा की शुरुआत के बारे में बताया।
गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व : कृष्णा नंद
व्यासपुर। कस्बा व्यासपुर स्थित सरस्वती अजात आश्रम में गुरु पूर्णिमा श्रद्धा व उत्साह पूर्वक मनाई। महंत स्वामी कृष्णा नंद सरस्वती ने वैसे तो हर माह पूर्णिमा होती है, पर आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का एक विशेष महत्व होता हैं। स्वामी ने बताया कि आज के दिन सभी लोग अपने अपने गुरु की पूजा करते हैं। गुरु मनुष्य को अंधकार से उजाले की तरफ लेकर जाता हैं। एक गुरु ही है जो मनुष्य को सच्चाई के मार्ग पर चलने की राह दिखाता हैं। वही खेड़ा मंदिर प्रांगण व्यासपुर में भी खेड़ा मंदिर समिति सदस्यों ने पूजन कर गुरु पूर्णिमा मनाई। वेद व्यास भवन व्यासपुर में भी गुरु पूर्णिमा पर हवन पूजन व वेद व्यास की पूजा की गई। भक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया संवाद
श्रद्धालुओं ने बावा लाल जी के स्वरूप को लगाया तिलक
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। श्री लाल द्वारा मंदिर में गुरु महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने बावा लाल जी के स्वरूप को तिलक लगाया और माथा टेका।
गुरु महोत्सव को लेकर सुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगना आरंभ हो गया था। मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर गुरु महाराज को तिलक कर माथा टेका और आचार्य गोपाल राज से प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें कई भजन मंडलियों के सदस्यों ने अपने भजनों से श्रद्धालुओं को निहाल किया। भजनिकों ने जब भर लो झोलियां भर लो झोलियां बावा लाल दे द्वारे तो भर लो झोलियां भजन गया तो श्रद्धालु झूमने लगे।
कमेटी के प्रधान रमेश मेहता वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश शर्मा व स्टेज सेक्रेटरी केवल लूथरा ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु को समर्पित होता है, बिना गुरु के ज्ञान की प्राप्ति नहीं होती है, सच्चे गुरु की जब प्राप्ति हो जाती है तो जीवन से सभी प्रकार के अंधकार मिट जाते है। गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस पूर्णिमा का सनातन धर्म में बड़ा महत्व है।
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यमुननगर। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जिले में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान कहीं पर भंडारा तो कहीं पर हवन में आहुतियां डाली गईं। वहीं शिष्यों ने अपने गुरुओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और उनका सम्मान किया।
वहीं शिक्षण संस्थानों में टीचरों ने अपने सीनियर व जूनियर को गुरु पूर्णिमा की बधाई देकर उज्जवल भविष्य की कामला की। वहीं स्कूलों में विद्यार्थियों ने अपने-अपने गुरुओं के पैरों को छू कर आशीर्वाद लिया और गिफ्ट भी दिए।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने ने आश्रम बनिया वाला में गुरु भीलपुरा ओमप्रकाश गांधी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर गुरुजन के चरणों में शीश नवाया। उन्होंने कहा कि हर साल आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है।
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इस दिन का महत्व हमारे जीवन में बेहद खास है, कहते हैं गुरु ही हमारे जीवन की नैया को पार लगाने वाले होते हैं, वो हमें सही-गलत का फर्क समझाते हैं,कठिनाइयों में हौसला देते हैं और अपने अनुभवों से हमें जिंदगी की असली समझ देते हैं।
मेयर ने दयालु मंदिर में टेका मत्था : यमुनानगर। गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर मेयर सुमन बहमनी ने श्री दुर्गा हनुमान मंदिर (दयालु मंदिर) पहुंचकर मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर के पूज्य पुजारी केशव दत्त को सम्मानित कर गुरु परंपरा को नमन किया। बहमनी ने कहा गुरु केवल व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे विचार, मार्गदर्शन और ऊर्जा होते हैं जो जीवन के हर मोड़ पर दिशा दिखाते हैं। गुरु ही वह शक्ति हैं जो हमें अज्ञान से ज्ञान और अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती हैं। उन्होंने भावुक होकर अपनी जीवन यात्रा साझा की कि कैसे उन्होंने एक अध्यापक के रूप में समाज सेवा की शुरुआत के बारे में बताया।
गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व : कृष्णा नंद
व्यासपुर। कस्बा व्यासपुर स्थित सरस्वती अजात आश्रम में गुरु पूर्णिमा श्रद्धा व उत्साह पूर्वक मनाई। महंत स्वामी कृष्णा नंद सरस्वती ने वैसे तो हर माह पूर्णिमा होती है, पर आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का एक विशेष महत्व होता हैं। स्वामी ने बताया कि आज के दिन सभी लोग अपने अपने गुरु की पूजा करते हैं। गुरु मनुष्य को अंधकार से उजाले की तरफ लेकर जाता हैं। एक गुरु ही है जो मनुष्य को सच्चाई के मार्ग पर चलने की राह दिखाता हैं। वही खेड़ा मंदिर प्रांगण व्यासपुर में भी खेड़ा मंदिर समिति सदस्यों ने पूजन कर गुरु पूर्णिमा मनाई। वेद व्यास भवन व्यासपुर में भी गुरु पूर्णिमा पर हवन पूजन व वेद व्यास की पूजा की गई। भक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया संवाद
श्रद्धालुओं ने बावा लाल जी के स्वरूप को लगाया तिलक
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। श्री लाल द्वारा मंदिर में गुरु महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने बावा लाल जी के स्वरूप को तिलक लगाया और माथा टेका।
गुरु महोत्सव को लेकर सुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगना आरंभ हो गया था। मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर गुरु महाराज को तिलक कर माथा टेका और आचार्य गोपाल राज से प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें कई भजन मंडलियों के सदस्यों ने अपने भजनों से श्रद्धालुओं को निहाल किया। भजनिकों ने जब भर लो झोलियां भर लो झोलियां बावा लाल दे द्वारे तो भर लो झोलियां भजन गया तो श्रद्धालु झूमने लगे।
कमेटी के प्रधान रमेश मेहता वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश शर्मा व स्टेज सेक्रेटरी केवल लूथरा ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु को समर्पित होता है, बिना गुरु के ज्ञान की प्राप्ति नहीं होती है, सच्चे गुरु की जब प्राप्ति हो जाती है तो जीवन से सभी प्रकार के अंधकार मिट जाते है। गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस पूर्णिमा का सनातन धर्म में बड़ा महत्व है।