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Yamuna Nagar News: बेमौसम बारिश से बिगड़े हालात तो कैसे झेलेंगे मानसून की मार
Mon, 03 Apr 2023 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 03 Apr 2023 12:25 AM IST
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मार्च में बेमौसम की बारिश से ही शहर में जगह-जगह जलभराव के हालात बने। ऐसे में मानसून के दौरान की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसे लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी सवाल उठा रहे हैं। साथ ही मानसून में हालात और बिगड़ने की आशंका जता रहे हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारी मानसून से पहले काम पूरा होने का दावा करते हुए जलभराव की समस्या नहीं आने आने की बात कह रहे हैं।
शहर में पानी निकासी के नए व वर्षों पुराने काम अधूरे हैं। सबसे बड़ी जलनिकासी परियोजना (कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी के एसटीपी तक स्टॉर्म ड्रेन) भी मानसून से पहले पूरी होगी या नहीं, इस पर संशय है। हालांकि इसका काम वर्ष-2019 में लग गया था। तीन साल बाद भी चांदपुर आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) समीप 280 मीटर हिस्से में ड्रेन नहीं बन पाई।
इससे परियोजना पर करोड़ों खर्च पर भी न ड्रेन चालू नहीं हो पाई। पार्षदों का आरोप है कि उनके वार्डों में नालों, स्टॉर्म ड्रेन व सीवर लाइन के काम अधूरे हैं या पूरे होने पर चालू नहीं हैं। इसके अलावा अन्य निर्माण कार्यों से उखड़े रोड व फुटपाथ भी पानी निकासी में बाधा बनेंगे।
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कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी के एसटीपी तक स्टॉर्म ड्रेन का काम अमृत (अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसपोर्टेशन) स्कीम में नगर निगम करवा रहा है। इसका 24 फरवरी 2019 को शिलान्यास हुआ। ड्रेन से जगाधरी से आ रहे बड़े नाले का पानी यमुनानगर की कॉलोनियों के बजाय आउटर में एनएच-73 पर डायवर्ट कर एसटीपी तक ले जाना है। इस 4500 मीटर लंबी ड्रेन का काम 15 अगस्त 2019 में पूरा करने का लक्ष्य था, पर अब तक यह पूरा नहीं हुआ।
जगाधरी बस स्टैंड से कन्हैया साहिब चौक तक अन्य ड्रेन तैयार भी हो गई। पहली ड्रेन के काम में देरी की वजह काम लगने के बाद दूसरे विभागों से एनओसी लेने से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी करना रही, ऐसा टेंडर व वर्क अलॉट बाद होने पर अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे। बारिश के खलल में भी कई कई माह लटका। अब चांदपुर आरओबी समीप 280 मीटर हिस्से में ड्रेन का काम अधूरा है।
इसमें 70 मीटर रेलवे के ट्रैक व जमीन है, जहां से ड्रेन निकालने को नगर निगम ने रेलवे को करीब साढ़े चार करोड़ एस्टीमेट जमा कर रखे हैं, पर अभी तक काम नहीं लगा। इसके पास में ड्रेन के रास्ते 210 मीटर निजी जमीन है, ये भी अफसरों को काम शुरू होने के सालभर बाद पता लगी। जिन्होंने पहले जमीन को सरकारी बताया फिर निजी निकली तो अधिग्रहित करने का सरकार को केस भेज दिया। जहां अभी तक न जमीन अधिग्रहण की गई न ड्रेन का काम लग पाया। बतादें कि ड्रेन में 900 से 1800 एमएम के पाइप डाल 100 मेन होल व 196 प्वाइंट पानी ड्रेन में नाले के लिए रखे हैं।
वार्ड नंबर 12 के पार्षद संजीव कुमार ने कहा कि टपरी रोड पर अमृत योजना में सीवर लाइन डाली गई थी। अफसर कह रहे हैं कि यहां लाइन में कनेक्शन पूरे हो गए, पर रोड पर लगते घरों में किसी को कनेक्शन नहीं दिए। ऐसे ही बाडी माजरा रोड पर डाली दूसरी सीवर लाइन चालू नहीं है, जिसे अफसर जल्द चालू करने की कह रहे हैं।
वार्ड पनबर से पार्षद विनय कांबोज ने कहा कि सड़कों, फुटपाथ, नाले-नालियों के अधूरे निर्माण और बंद पड़े सीवर व ड्रेन भी शहर में बारिश के पानी निकासी में बाधा बन रहे हैं। जगाधरी में रेलवे बाजार में नए नाले के लिए पुराना नाला उखाड़ दिया, वहीं प्रकाश चौक से इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच इंटरलॉकिंग टाइल से फुटपाथ बनाने को सड़क किनारे उखाड़ दिए।
नगर निगम एसई हेमंत कुमार ने बताया कि 70 मीटर रेलवे के ट्रैक व जमीन से ड्रेन निकालने के लिए एस्टीमेट काफी समय पहले नगर निगम ने जमा कर दिया था। रेलवे अधिकारियों से बात हुई है। अगले चार पांच दिन में वह काम शुरू कर सकते हैं। का एक से डेढ़ माह में पूरा हो सकता है। जहां तक 210 मीटर निजी जमीन के अधिग्रहण का मामला है, उसका केस सरकार को भेजा जा चुका है। अभी जमीन अधिग्रहण कर ली जाती है तो मानसून से पहले दो माह में ड्रेन का काम पूरा हो सकता है।
मानसून से पहले पानी निकासी के कार्य व प्रबंध पूरे कराए जाएंगे। इसको लेकर संबंधित अफसरों को निर्देश दिए हैं। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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शहर में पानी निकासी के नए व वर्षों पुराने काम अधूरे हैं। सबसे बड़ी जलनिकासी परियोजना (कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी के एसटीपी तक स्टॉर्म ड्रेन) भी मानसून से पहले पूरी होगी या नहीं, इस पर संशय है। हालांकि इसका काम वर्ष-2019 में लग गया था। तीन साल बाद भी चांदपुर आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) समीप 280 मीटर हिस्से में ड्रेन नहीं बन पाई।
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इससे परियोजना पर करोड़ों खर्च पर भी न ड्रेन चालू नहीं हो पाई। पार्षदों का आरोप है कि उनके वार्डों में नालों, स्टॉर्म ड्रेन व सीवर लाइन के काम अधूरे हैं या पूरे होने पर चालू नहीं हैं। इसके अलावा अन्य निर्माण कार्यों से उखड़े रोड व फुटपाथ भी पानी निकासी में बाधा बनेंगे।
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कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी के एसटीपी तक स्टॉर्म ड्रेन का काम अमृत (अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसपोर्टेशन) स्कीम में नगर निगम करवा रहा है। इसका 24 फरवरी 2019 को शिलान्यास हुआ। ड्रेन से जगाधरी से आ रहे बड़े नाले का पानी यमुनानगर की कॉलोनियों के बजाय आउटर में एनएच-73 पर डायवर्ट कर एसटीपी तक ले जाना है। इस 4500 मीटर लंबी ड्रेन का काम 15 अगस्त 2019 में पूरा करने का लक्ष्य था, पर अब तक यह पूरा नहीं हुआ।
जगाधरी बस स्टैंड से कन्हैया साहिब चौक तक अन्य ड्रेन तैयार भी हो गई। पहली ड्रेन के काम में देरी की वजह काम लगने के बाद दूसरे विभागों से एनओसी लेने से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी करना रही, ऐसा टेंडर व वर्क अलॉट बाद होने पर अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे। बारिश के खलल में भी कई कई माह लटका। अब चांदपुर आरओबी समीप 280 मीटर हिस्से में ड्रेन का काम अधूरा है।
इसमें 70 मीटर रेलवे के ट्रैक व जमीन है, जहां से ड्रेन निकालने को नगर निगम ने रेलवे को करीब साढ़े चार करोड़ एस्टीमेट जमा कर रखे हैं, पर अभी तक काम नहीं लगा। इसके पास में ड्रेन के रास्ते 210 मीटर निजी जमीन है, ये भी अफसरों को काम शुरू होने के सालभर बाद पता लगी। जिन्होंने पहले जमीन को सरकारी बताया फिर निजी निकली तो अधिग्रहित करने का सरकार को केस भेज दिया। जहां अभी तक न जमीन अधिग्रहण की गई न ड्रेन का काम लग पाया। बतादें कि ड्रेन में 900 से 1800 एमएम के पाइप डाल 100 मेन होल व 196 प्वाइंट पानी ड्रेन में नाले के लिए रखे हैं।
वार्ड नंबर 12 के पार्षद संजीव कुमार ने कहा कि टपरी रोड पर अमृत योजना में सीवर लाइन डाली गई थी। अफसर कह रहे हैं कि यहां लाइन में कनेक्शन पूरे हो गए, पर रोड पर लगते घरों में किसी को कनेक्शन नहीं दिए। ऐसे ही बाडी माजरा रोड पर डाली दूसरी सीवर लाइन चालू नहीं है, जिसे अफसर जल्द चालू करने की कह रहे हैं।
वार्ड पनबर से पार्षद विनय कांबोज ने कहा कि सड़कों, फुटपाथ, नाले-नालियों के अधूरे निर्माण और बंद पड़े सीवर व ड्रेन भी शहर में बारिश के पानी निकासी में बाधा बन रहे हैं। जगाधरी में रेलवे बाजार में नए नाले के लिए पुराना नाला उखाड़ दिया, वहीं प्रकाश चौक से इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच इंटरलॉकिंग टाइल से फुटपाथ बनाने को सड़क किनारे उखाड़ दिए।
नगर निगम एसई हेमंत कुमार ने बताया कि 70 मीटर रेलवे के ट्रैक व जमीन से ड्रेन निकालने के लिए एस्टीमेट काफी समय पहले नगर निगम ने जमा कर दिया था। रेलवे अधिकारियों से बात हुई है। अगले चार पांच दिन में वह काम शुरू कर सकते हैं। का एक से डेढ़ माह में पूरा हो सकता है। जहां तक 210 मीटर निजी जमीन के अधिग्रहण का मामला है, उसका केस सरकार को भेजा जा चुका है। अभी जमीन अधिग्रहण कर ली जाती है तो मानसून से पहले दो माह में ड्रेन का काम पूरा हो सकता है।
मानसून से पहले पानी निकासी के कार्य व प्रबंध पूरे कराए जाएंगे। इसको लेकर संबंधित अफसरों को निर्देश दिए हैं। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।