फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Sewerage jam in hospital, patients in distress

Yamuna Nagar News: अस्पताल का सीवरेज जाम, मरीज हलकान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Mar 2025 01:19 AM IST
विज्ञापन
Sewerage jam in hospital, patients in distress

विज्ञापन
यमुनानगर। सब डिवीजन नागरिक अस्पताल जगाधरी का सीवरेज सिस्टम जाम हो चुका है। जिससे अस्पताल के स्टाफ से लेकर मरीजों तक परेशानी झेल रहे हैं। जाम सीवरेज की सफाई के लिए अस्पताल के एमएस डॉ. अनुज मंगला ने तीन माह पहले 82734 रुपये जनस्वास्थ्य विभाग, सब डिवीजन नंबर-वन जगाधरी के पास जमा कराए थे, परंतु अब तक सफाई का कुछ अता पता नहीं है। कई बार रिमाइंड कराने के बाद सीवरेज की सफाई को लेकर कोई काम नहीं किया जा रहा।
नागरिक अस्पताल जगाधरी का भवन काफी पुराना है। अस्पताल में सीवरेज लाइन भी कई साल पहले डाली गई थी। पुरानी होने की वजह से यह भी अक्सर जाम ही रहती है। कई बार सीवरेज का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर खुले में बहने लगता है। जिससे अस्पताल परिसर में गंदे पानी की दुर्गंध हो जाती है। इसके लिए जगाधरी अस्पताल के एमएस डॉ. अनुज मंगला ने जनस्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा था। जनस्वास्थ्य विभाग ने सारी सीवरेज लाइन नए सिरे से डालने के लिए पांच लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया था। परंतु एमएस को अपने स्तर पर एक लाख रुपये से ज्यादा खर्च करने की पावर नहीं है इसलिए उन्होंने सीवरेज लाइन की सफाई का एस्टीमेट बनाने को कहा था। जनस्वास्थ्य विभाग ने नवंबर 2024 में सीवरेज लाइन की सफाई पर 82734 रुपये खर्च आने की बात कही। जिस पर डॉ. मंगला ने डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से चार दिसंबर 2024 को उक्त राशि विभाग को जमा करवा दी। तीन माह में भी विभाग के अधिकारी सीवरेज की सफाई नहीं करवा सके हैं।
विज्ञापन

-----------

इधर हॉटलाइन के लाखों रुपये भी फंसे
इससे पहले जगाधरी अस्पताल के 17.64 लाख रुपये भी फंस चुके हैं। जगाधरी अस्पताल में बिजली कट बार-बार लगते थे। इसलिए अस्पताल को पावर हाउस की हॉटलाइन से जोड़ने के लिए 12 साल पहले तत्कालीन एमएस ने 17 लाख 64 हजार रुपये बिजली निगम के खाते में जमा कराए थे। 12 साल में हॉटलाइन लगना तो दूर अभी तक यह भी पता नहीं चल पाया है कि इतनी मोटी रकम कहां है। बिजली निगम के अधिकारी कह चुके हैं कि उन्हें रुपये नहीं मिले। वह पता कर रहे हैं कि रुपये जमा हुए हैं या नहीं। बिजली निगम के अधिकारियों की यह लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ती है। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्मी में तब होती है जब बार-बार कट लगते हैं। मरीज गर्मी से बेहाल हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------
वर्जन:
मैंने चार दिसंबर 2024 को अस्पताल की सीवरेज लाइन की सफाई के लिए 82734 रुपये जनस्वास्थ्य विभाग, सब डिवीजन नंबर-वन जगाधरी के पास जमा करवा दिए थे। तब से लेकर अब तक कई रिमाइंडर भेज चुके हैं। परंतु अभी तक भी सीवरेज लाइन की सफाई नहीं हुई है। जाम होकर सीवरेज का गंदा पानी बाहर बहने लगता है। जब भी एसडीओ से बात करते हैं हर बार जल्दी करने का आश्वासन ही मिलता है।

- डॉ. अनुज मंगला, एमएस, सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी।
----------

दूसरे विभाग में काम करने के लिए टेंडर लगाकर काम कराना पड़ता है। एक्सईएन स्तर पर टेंडर लगाया गया था। इसमें कोई तकनीकी दिक्कत आ गई थी। अभी टेंडर लगा है या नहीं इसके बारे में पता करके ही कुछ बता सकता हूं।
- लाल सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग सब डिवीजन नंबर-वन जगाधरी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed