{"_id":"69e283f60a3b83ea7905ffa6","slug":"second-notice-issued-to-pwd-xen-for-failing-to-carry-out-road-safety-works-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-154541-2026-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को दूसरा नोटिस, सड़क सुरक्षा के लिए नहीं कराए काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को दूसरा नोटिस, सड़क सुरक्षा के लिए नहीं कराए काम
Sat, 18 Apr 2026 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 18 Apr 2026 12:33 AM IST
विज्ञापन
सड़क सुरक्षा कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक करतीं डीसी प्रीति। डीआईपीआरओ
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीसी प्रीति ने सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक शुक्रवार को जिला सचिवालय में ली। हादसों को रोकने के लिए किए जाने वाले कार्यों में लापरवाही बरतने पर डीसी ने पिछली बैठक में पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पुनीत मित्तल को शोकॉज नोटिस जारी किया था। उन्होंने अभी तक नोटिस का जवाब नहीं दिया। इस पर डीसी ने एक्सईएन को एक और नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
वहीं जिन चौक-चौराहों पर ज्यादा हादसे हो रहे हैं वहां हादसों की वजह क्या है और इन्हें कम करने के लिए क्या किया जा सकता है इसके लिए उन्होंने अधिकारियों की एक टीम भी बनाई। रेलवे बाईपास के नीचे बंद पड़े अंडरपास को खोलने से अधिकारियों ने एक बार फिर से इन्कार कर दिया।
एक्सईएन व एसडीएम जगाधरी विश्वनाथ ने अपनी रिपोर्ट देते हुए कहा कि बंद पड़े अंडरपास की ऊंचाई बहुत कम है। इसलिए यहां वाहनों के फंसने का खतरा है। इसलिए नया अंडरपास बनाने का विकल्प तलाशा जा रहा है। बैठक में एसपी कमलदीप गोयल व नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद भी मौजूद रहे। डीटीओ हैरतजीत कौर ने सभी विभागों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
विज्ञापन
डीसी ने शहर में जगह-जगह हो रहे अतिक्रमण को हटाने के कार्य में भी तेजी लाने को कहा। प्रीति ने कहा कि जितने भी मोड़ हैं वहां पर रेहड़ी वाले खड़े रहते हैं। वाहनों पर आने जाने वाले लोग उनके पास रूकते हैं। इससे मोड़ पर हादसा हो जाता है। इसलिए ऐसे रेहड़ी वालों को तुरंत हटाया जाए।
इतना ही नहीं डीसी ने सभी अधिकारियों को यह भी नसीहत दी कि वह जिस भी सड़क से निकलते हैं और उन्हें लगता कि किसी प्वाइंट पर किसी कमी की वजह से हादसा होने का खतरा है तो इसके बारे में तुरंत संबंधित विभाग को जानकारी दें ताकि उसे दूर किया जा सके। जरूरी नहीं है कि संबंधित विभाग पर ही सारी जिम्मेदारी डाल दी जाए।
बैठक में अवैध कटों का मुद्दा राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य एडवोकेट सुशील आर्य ने उठाया। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन रोड और विश्वकर्मा चौक से जोड़ियों तक अवैध कट बहुत ज्यादा हैं। इन्हें बंद किया जाए। जिस पर डीसी ने सारे कट बंद करने को कहा। वहीं हाईवे पर पूर्व विधायक के पेट्रोल पंप के सामने जो अवैध कट है उसे स्थायी तौर पर बंद करने के भी निर्देश दिए।
बैंकों और निजी अस्पतालों को नोटिस देकर भूले अधिकारी
पिछली बैठक में डीसी ने रेलवे स्टेशन रोड और शुगर मिल से यमुना पुल तक सड़क पर ट्रक खड़ा करने वालों को नोटिस जारी करने के लिए कहा था। नगर निगम के एसडीओ राजेश कुमार ने अपनी रिपोर्ट देते हुए कहा कि स्टेशन रोड पर 27 नोटिस दिए गए हैं। डीसी ने पूछा कब दिए, जवाब मिला सात अप्रैल को। दूसरा नोटिस कब दिया तो एसडीओ ने कहा कि 14 अप्रैल को। इसी तरह पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पुनीत मित्तल ने जवाब दिया कि सड़क किनारे ट्रक खड़े करने वाले 48 ट्रांसपोर्टरों को नोटिस दिए गए हैं। डीसी ने सख्त लहजे में पूछा कि दूसरा नोटिस क्यों नहीं दिया। जब नोटिस का समय पूरा हो चुका है तो कार्रवाई क्यों नहीं की।
विज्ञापन
यमुनानगर। डीसी प्रीति ने सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक शुक्रवार को जिला सचिवालय में ली। हादसों को रोकने के लिए किए जाने वाले कार्यों में लापरवाही बरतने पर डीसी ने पिछली बैठक में पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पुनीत मित्तल को शोकॉज नोटिस जारी किया था। उन्होंने अभी तक नोटिस का जवाब नहीं दिया। इस पर डीसी ने एक्सईएन को एक और नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
वहीं जिन चौक-चौराहों पर ज्यादा हादसे हो रहे हैं वहां हादसों की वजह क्या है और इन्हें कम करने के लिए क्या किया जा सकता है इसके लिए उन्होंने अधिकारियों की एक टीम भी बनाई। रेलवे बाईपास के नीचे बंद पड़े अंडरपास को खोलने से अधिकारियों ने एक बार फिर से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन
एक्सईएन व एसडीएम जगाधरी विश्वनाथ ने अपनी रिपोर्ट देते हुए कहा कि बंद पड़े अंडरपास की ऊंचाई बहुत कम है। इसलिए यहां वाहनों के फंसने का खतरा है। इसलिए नया अंडरपास बनाने का विकल्प तलाशा जा रहा है। बैठक में एसपी कमलदीप गोयल व नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद भी मौजूद रहे। डीटीओ हैरतजीत कौर ने सभी विभागों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
विज्ञापन
डीसी ने शहर में जगह-जगह हो रहे अतिक्रमण को हटाने के कार्य में भी तेजी लाने को कहा। प्रीति ने कहा कि जितने भी मोड़ हैं वहां पर रेहड़ी वाले खड़े रहते हैं। वाहनों पर आने जाने वाले लोग उनके पास रूकते हैं। इससे मोड़ पर हादसा हो जाता है। इसलिए ऐसे रेहड़ी वालों को तुरंत हटाया जाए।
इतना ही नहीं डीसी ने सभी अधिकारियों को यह भी नसीहत दी कि वह जिस भी सड़क से निकलते हैं और उन्हें लगता कि किसी प्वाइंट पर किसी कमी की वजह से हादसा होने का खतरा है तो इसके बारे में तुरंत संबंधित विभाग को जानकारी दें ताकि उसे दूर किया जा सके। जरूरी नहीं है कि संबंधित विभाग पर ही सारी जिम्मेदारी डाल दी जाए।
बैठक में अवैध कटों का मुद्दा राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य एडवोकेट सुशील आर्य ने उठाया। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन रोड और विश्वकर्मा चौक से जोड़ियों तक अवैध कट बहुत ज्यादा हैं। इन्हें बंद किया जाए। जिस पर डीसी ने सारे कट बंद करने को कहा। वहीं हाईवे पर पूर्व विधायक के पेट्रोल पंप के सामने जो अवैध कट है उसे स्थायी तौर पर बंद करने के भी निर्देश दिए।
बैंकों और निजी अस्पतालों को नोटिस देकर भूले अधिकारी
पिछली बैठक में डीसी ने रेलवे स्टेशन रोड और शुगर मिल से यमुना पुल तक सड़क पर ट्रक खड़ा करने वालों को नोटिस जारी करने के लिए कहा था। नगर निगम के एसडीओ राजेश कुमार ने अपनी रिपोर्ट देते हुए कहा कि स्टेशन रोड पर 27 नोटिस दिए गए हैं। डीसी ने पूछा कब दिए, जवाब मिला सात अप्रैल को। दूसरा नोटिस कब दिया तो एसडीओ ने कहा कि 14 अप्रैल को। इसी तरह पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पुनीत मित्तल ने जवाब दिया कि सड़क किनारे ट्रक खड़े करने वाले 48 ट्रांसपोर्टरों को नोटिस दिए गए हैं। डीसी ने सख्त लहजे में पूछा कि दूसरा नोटिस क्यों नहीं दिया। जब नोटिस का समय पूरा हो चुका है तो कार्रवाई क्यों नहीं की।