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Yamuna Nagar News: बरसाती नदियां उफान पर, सैकड़ों एकड़ फसल डूबी
Wed, 12 Aug 2026 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 12 Aug 2026 01:18 AM IST
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भारी बारिश के दौरान गिरे पेड़ व खेत में जमी रेत। संवाद
- फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। दो दिन से हो रही लगातार बारिश के चलते प्रतापनगर क्षेत्र की बरसाती नदियां उफान पर आ गईं। इससे सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। कई खेतों में पानी उतरने के बाद रेत जमा हो गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
ढाकवाला, चिक्कन और बागपत बरसाती नदियों का पानी ममलीवाला, बक्करवाला, कोटड़ा खास, रायपुर, डमोली समेत दर्जनों गांवों के खेतों में घुस गया। ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ के पानी के तेज बहाव से करीब 30 एकड़ क्षेत्र में खड़े पॉपुलर के पेड़ गिर गए, जबकि कई पेड़ बह गए।
मनीष, रघुवीर, रशीदा, मेहंदी, नसीम, सुखदेव, रामरतन और बहादुर सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण बरसाती नदियों का पानी खेतों में पहुंचने के साथ कुछ स्थानों पर घरों तक भी पहुंच गया। पानी कम होने के बाद खेतों में फसलें बर्बाद मिलीं और जगह-जगह रेत जमा थी। किसानों ने जिला प्रशासन से नुकसान का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की।
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सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रियांशु रंगा ने बताया कि मामलीवाला गांव में जलभराव और फसलों को नुकसान होने की सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग व बीडीपीओ कार्यालय की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। बरसाती नदियों में आने वाले बाढ़ के पानी से भविष्य में ग्रामीणों और किसानों को बचाने के लिए संभावित उपायों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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प्रतापनगर। दो दिन से हो रही लगातार बारिश के चलते प्रतापनगर क्षेत्र की बरसाती नदियां उफान पर आ गईं। इससे सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। कई खेतों में पानी उतरने के बाद रेत जमा हो गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
ढाकवाला, चिक्कन और बागपत बरसाती नदियों का पानी ममलीवाला, बक्करवाला, कोटड़ा खास, रायपुर, डमोली समेत दर्जनों गांवों के खेतों में घुस गया। ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ के पानी के तेज बहाव से करीब 30 एकड़ क्षेत्र में खड़े पॉपुलर के पेड़ गिर गए, जबकि कई पेड़ बह गए।
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मनीष, रघुवीर, रशीदा, मेहंदी, नसीम, सुखदेव, रामरतन और बहादुर सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण बरसाती नदियों का पानी खेतों में पहुंचने के साथ कुछ स्थानों पर घरों तक भी पहुंच गया। पानी कम होने के बाद खेतों में फसलें बर्बाद मिलीं और जगह-जगह रेत जमा थी। किसानों ने जिला प्रशासन से नुकसान का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की।
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सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रियांशु रंगा ने बताया कि मामलीवाला गांव में जलभराव और फसलों को नुकसान होने की सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग व बीडीपीओ कार्यालय की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। बरसाती नदियों में आने वाले बाढ़ के पानी से भविष्य में ग्रामीणों और किसानों को बचाने के लिए संभावित उपायों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।