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Yamuna Nagar News: पर्यटन स्थल बनेगा सरस्वती धाम, चलेंगी बोट
Mon, 29 Jul 2024 04:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 29 Jul 2024 04:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरस्वतीनगर (यमुनानगर)। सरस्वती धाम अब पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित होगा। भविष्य में यहां पार्क तो बनेगा साथ ही श्रद्धालु बोटिंग भी करते नजर आएंगे। इसके अलावा गेट के साथ-साथ घाट और रिवर फ्रंट भी बनेगा। योजना को दो फेज में अमलीजामा पहनाया जाएगा। इस धाम को विकसित करने के लिए हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड की तरफ से तेजी से कदम बढ़ रहे हैं। इस करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमिच ने बताया कि सरस्वती धाम क्षेत्र को विकसित करने में बोर्ड लगा हुआ है, सिंचाई विभाग की ओर से यहां कार्य कराया जाना है। यहां आने जाने वाले युवाओं, बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों की सुविधा के लिए ट्रैक का निर्माण भी किया जाएगा। यहां पर आकर्षक लाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा।
यह पवित्र धाम सरस्वती नदी के किनारे बसा है। यहां पर प्राचीन समय से लोग मां सरस्वती की पूजा करते आ रहे हैं। यह गांव सतयुगी सरस्वती धाम, सरस्वती तीर्थ स्थल के नाम से जाना जाता है। कपालमोचन पंचतीर्थ के श्रद्धालु सरस्वती धाम का महत्व मानते हैं। सरस्वती धाम पर प्राचीन सतयुगी मां सरस्वती का मंदिर बना है। इस जगह का पुराना नाम मुस्तफाबाद था।
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सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, शहर को पहले सरस्वती तीर्थ के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में मुस्लिम शासन के तहत मुस्तफाबाद नाम दिया गया। सरस्वती नदी के पैलियोचैनल के यहां से बहने के बाद 2016 में भाजपा सरकार द्वारा एक अधिसूचना के माध्यम से इसका आधिकारिक नाम बदलकर सरस्वती नगर कर दिया गया।
ऐसे में अब इस खंड को मुस्तफाबाद की जगह सरस्वती नगर के नाम से जाना जाता है। वहीं यहां बने सरस्वती धाम में श्रद्धालुओं की काफी आस्था है, लोग दूर-दूर से यहां विराजमान मां सरस्वती जी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सरस्वती धाम विकसित होने पर यहां पर्यटकों के साथ-साथ श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ जाएगी।
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सरस्वतीनगर (यमुनानगर)। सरस्वती धाम अब पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित होगा। भविष्य में यहां पार्क तो बनेगा साथ ही श्रद्धालु बोटिंग भी करते नजर आएंगे। इसके अलावा गेट के साथ-साथ घाट और रिवर फ्रंट भी बनेगा। योजना को दो फेज में अमलीजामा पहनाया जाएगा। इस धाम को विकसित करने के लिए हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड की तरफ से तेजी से कदम बढ़ रहे हैं। इस करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमिच ने बताया कि सरस्वती धाम क्षेत्र को विकसित करने में बोर्ड लगा हुआ है, सिंचाई विभाग की ओर से यहां कार्य कराया जाना है। यहां आने जाने वाले युवाओं, बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों की सुविधा के लिए ट्रैक का निर्माण भी किया जाएगा। यहां पर आकर्षक लाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा।
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यह पवित्र धाम सरस्वती नदी के किनारे बसा है। यहां पर प्राचीन समय से लोग मां सरस्वती की पूजा करते आ रहे हैं। यह गांव सतयुगी सरस्वती धाम, सरस्वती तीर्थ स्थल के नाम से जाना जाता है। कपालमोचन पंचतीर्थ के श्रद्धालु सरस्वती धाम का महत्व मानते हैं। सरस्वती धाम पर प्राचीन सतयुगी मां सरस्वती का मंदिर बना है। इस जगह का पुराना नाम मुस्तफाबाद था।
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सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, शहर को पहले सरस्वती तीर्थ के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में मुस्लिम शासन के तहत मुस्तफाबाद नाम दिया गया। सरस्वती नदी के पैलियोचैनल के यहां से बहने के बाद 2016 में भाजपा सरकार द्वारा एक अधिसूचना के माध्यम से इसका आधिकारिक नाम बदलकर सरस्वती नगर कर दिया गया।
ऐसे में अब इस खंड को मुस्तफाबाद की जगह सरस्वती नगर के नाम से जाना जाता है। वहीं यहां बने सरस्वती धाम में श्रद्धालुओं की काफी आस्था है, लोग दूर-दूर से यहां विराजमान मां सरस्वती जी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सरस्वती धाम विकसित होने पर यहां पर्यटकों के साथ-साथ श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ जाएगी।