फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Risk of waterborne diseases rises during rains; advice to stay alert

Yamuna Nagar News: बारिश में बढ़ा जलजनित बीमारियों का खतरा, सतर्क रहने की सलाह

Wed, 29 Jul 2026 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 29 Jul 2026 01:15 AM IST
विज्ञापन
Risk of waterborne diseases rises during rains; advice to stay alert
जिला नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। बारिश के चलते जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना पेट संबंधी संक्रमण और उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के दौरान पेयजल लाइनों में रिसाव होने पर दूषित पानी के मिलने की आशंका रहती है। ऐसे पानी के सेवन से बैक्टीरिया और वायरस शरीर में पहुंचकर आंतों को संक्रमित कर देते हैं। इससे दस्त, उल्टी, पेट दर्द, फूड प्वाइजनिंग और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
विज्ञापन

समय पर इलाज नहीं मिलने पर शरीर में पानी की कमी होने से मरीज की हालत गंभीर भी हो सकती है। बारिश के दौरान सीवरेज और पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने या उनमें लीकेज होने पर गंदा पानी पेयजल में मिल सकता है। यही पानी यदि बिना उबाले या शुद्ध किए पी लिया जाए तो संक्रमण तेजी से फैलता है। वहीं खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, कटे हुए फल और बासी भोजन से परहेज करने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पानी की शुद्धता की पूरी पुष्टि केवल लैब जांच से ही संभव है, लेकिन घर पर कुछ आसान तरीकों से उसकी प्राथमिक जांच की जा सकती है। सबसे पहले पानी का रंग, गंध और स्वाद देखें। यदि पानी मटमैला हो, बदबू आ रही हो या स्वाद असामान्य लगे तो उसका सेवन न करें।
एक साफ कांच के गिलास में पानी भरकर कुछ देर रखें। यदि नीचे मिट्टी या अन्य कण जमा हो जाएं तो पानी दूषित हो सकता है। बारिश के मौसम में पानी को कम से कम 15 से 20 मिनट तक उबालकर ही पिएं। बारिश में डायरिया (दस्त), हैजा, टाइफाइड, फूड प्वाइजनिंग, वायरल व बैक्टीरियल गैस्ट्रोएंटेराइटिस, हेपेटाइटिस-ए व ई (पीलिया) पेट दर्द, उल्टी और आंतों का संक्रमण आदि का खतरा रहता है।

उबाल कर पानी पीना ही सही : डॉ. दिव्या मंगला
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि बरसात के मौसम में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोग केवल उबालकर या शुद्ध किया हुआ पानी ही पिएं। घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखें तथा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। यदि दस्त, उल्टी, पेट दर्द या बुखार के लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed