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Yamuna Nagar News: हथनीकुंड बैराज पुल के सरिये बाहर निकले
Tue, 23 Jun 2026 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 23 Jun 2026 01:14 AM IST
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हथिनीकुंड बैराज पुल की क्षतिग्रस्त सड़क। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। हथनीकुंड बैराज का पुल इन दिनों अपनी खराब होती स्थिति को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण पुल की सतह कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। हालात ऐसे हैं कि कुछ जगहों पर पुल के सरिये तक दिखाई देने लगे हैं, जिससे हादसे की आशंका जताई जा रही है।
एक तरफ सरकार की ओर से करीब 146 करोड़ रुपये की लागत से बैराज और उसके आसपास सुरक्षा संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं। इसके तहत सुरक्षा दीवार और ब्लॉक लगाने जैसे कार्य हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ भारी वाहनों की आवाजाही से पुल के सरिये तक बाहर निकल आए हैं।
लोगों का आरोप है कि बैराज के पुल से भारी वाहनों की आवाजाही होती रही है। इससे पुल पर अतिरिक्त भार पड़ा और इसकी संरचना प्रभावित हुई। बैराज के नीचे राहत एवं सुरक्षा कार्य चलते रहे और ऊपर से लगातार भारी वाहन गुजरते रहे। समाजसेवी जयपाल, विक्रम का कहना है कि यदि बैराज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की पिछले एक वर्ष की फुटेज की जांच की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। इन्होंने निगरानी व्यवस्था की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई है।
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पुल की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। बजटस्वीकृत होते ही पुल की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाएगा। - विजय गर्ग, एक्सईएन सिंचाई विभाग।
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प्रतापनगर। हथनीकुंड बैराज का पुल इन दिनों अपनी खराब होती स्थिति को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण पुल की सतह कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। हालात ऐसे हैं कि कुछ जगहों पर पुल के सरिये तक दिखाई देने लगे हैं, जिससे हादसे की आशंका जताई जा रही है।
एक तरफ सरकार की ओर से करीब 146 करोड़ रुपये की लागत से बैराज और उसके आसपास सुरक्षा संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं। इसके तहत सुरक्षा दीवार और ब्लॉक लगाने जैसे कार्य हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ भारी वाहनों की आवाजाही से पुल के सरिये तक बाहर निकल आए हैं।
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लोगों का आरोप है कि बैराज के पुल से भारी वाहनों की आवाजाही होती रही है। इससे पुल पर अतिरिक्त भार पड़ा और इसकी संरचना प्रभावित हुई। बैराज के नीचे राहत एवं सुरक्षा कार्य चलते रहे और ऊपर से लगातार भारी वाहन गुजरते रहे। समाजसेवी जयपाल, विक्रम का कहना है कि यदि बैराज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की पिछले एक वर्ष की फुटेज की जांच की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। इन्होंने निगरानी व्यवस्था की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई है।
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पुल की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। बजटस्वीकृत होते ही पुल की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाएगा। - विजय गर्ग, एक्सईएन सिंचाई विभाग।

हथिनीकुंड बैराज पुल की क्षतिग्रस्त सड़क। संवाद