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रैपिड फीवर सर्वे की आई रिपोर्ट, 4,285 लोग बुखार से ग्रस्त मिले
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Rapid fever survey report came, 4,285 people were found suffering from fever
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। मलेरिया व डेंगू के मरीजों की पहचान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराए गए रैपिड फीवर सर्वे की रिपोर्ट आ गई। सर्वे के दौरान विभाग को 4,285 लोग बुखार से पीड़ित मिले। विभाग की टीमों द्वारा जिले के दो लाख 15,034 घरों में सर्वे किया गया था। बुखार से ग्रस्त मरीजों को स्वास्थ्यकर्मियों की तरफ से दवाई दी गई। अब विभाग मानसून सीजन से पहले मलेरिया व डेंगू पर की रोकथाम की तैयारियों में जुटेगा।
मलेरिया व डेंगू का नहीं मिला कोई मरीज
सर्वे के दौरान राहत की बात यह रही की स्वास्थ्य विभाग को मलेरिया व डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला। किसी में इन बीमारियों का लक्षण भी नहीं दिखा। केवल सामान्य बुखार ही लोगों में पाया गया। सर्वे के दौरान लोगों से यह भी पूछा गया कि वह बुखार की दवा ले रहे हैं या नहीं। इसके अलावा दवाई कहां से ले रहे हैं। अप्रैल माह में कराए गए रैपिड फीवर सर्वे में विभाग की टीमों ने दो लाख 27473 घरों में सर्वे किया था। सर्वे में 5350 मरीज बुखार के मिले थे। इनकी मौके पर ही स्लाइड बनाकर जांच की गई। उस वक्त भी मलेरिया व डेंगू के मरीज नहीं मिले थे।
अब लारवा की जांच करेंगी टीमें
मलेरिया के साथ-साथ डेंगू भी काफी खतरनाक है। अक्सर लोग जाने अनजाने में कई बार खाली बर्तन या टायरों को खुले आसमान के नीचे रख देते हैं। बारिश होने पर इनमें पानी भर जाता है। ऐसी जगहों पर ही मच्छर पनपते हैं। लोगों के घरों में रखे फ्रीज के पीछे बनी ट्रे व कूलर में रखे पानी में भी डेंगू का लारवा मिलता है। इसलिए विभाग की टीमें अब घर-घर जाकर मच्छरों के लारवा की जांच करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब काफी होते हैं। जिनमें मच्छर पनपते हैं। इसके लिए जिला मलेरिया विभाग की तरफ से तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा रही है। यह मछली मच्छर का लारवा खा जाती है।
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मई माह में कराया गया रैपिड फीवर सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे में मलेरिया व डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला है। 4285 लोग बुखार से ग्रस्त मिले हैं। लोगों को बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
- डॉ. सुशीला सैनी, जिला मलेरिया अधिकारी, यमुनानगर।
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मलेरिया व डेंगू का नहीं मिला कोई मरीज
सर्वे के दौरान राहत की बात यह रही की स्वास्थ्य विभाग को मलेरिया व डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला। किसी में इन बीमारियों का लक्षण भी नहीं दिखा। केवल सामान्य बुखार ही लोगों में पाया गया। सर्वे के दौरान लोगों से यह भी पूछा गया कि वह बुखार की दवा ले रहे हैं या नहीं। इसके अलावा दवाई कहां से ले रहे हैं। अप्रैल माह में कराए गए रैपिड फीवर सर्वे में विभाग की टीमों ने दो लाख 27473 घरों में सर्वे किया था। सर्वे में 5350 मरीज बुखार के मिले थे। इनकी मौके पर ही स्लाइड बनाकर जांच की गई। उस वक्त भी मलेरिया व डेंगू के मरीज नहीं मिले थे।
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अब लारवा की जांच करेंगी टीमें
मलेरिया के साथ-साथ डेंगू भी काफी खतरनाक है। अक्सर लोग जाने अनजाने में कई बार खाली बर्तन या टायरों को खुले आसमान के नीचे रख देते हैं। बारिश होने पर इनमें पानी भर जाता है। ऐसी जगहों पर ही मच्छर पनपते हैं। लोगों के घरों में रखे फ्रीज के पीछे बनी ट्रे व कूलर में रखे पानी में भी डेंगू का लारवा मिलता है। इसलिए विभाग की टीमें अब घर-घर जाकर मच्छरों के लारवा की जांच करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब काफी होते हैं। जिनमें मच्छर पनपते हैं। इसके लिए जिला मलेरिया विभाग की तरफ से तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा रही है। यह मछली मच्छर का लारवा खा जाती है।
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मई माह में कराया गया रैपिड फीवर सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे में मलेरिया व डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला है। 4285 लोग बुखार से ग्रस्त मिले हैं। लोगों को बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
- डॉ. सुशीला सैनी, जिला मलेरिया अधिकारी, यमुनानगर।