फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Rakhi tied with sisters, brothers took a pledge to protect

Yamuna Nagar News: बहनों से राखी बंधवा भाइयों ने लिया रक्षा का संकल्प

Wed, 30 Aug 2023 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 30 Aug 2023 11:47 PM IST
विज्ञापन
Rakhi tied with sisters, brothers took a pledge to protect
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर/रादौर। जिले में रक्षाबंधन पर्व बुधवार को हर्षोल्लास से मनाया गया। इस दौरान बाजारों में राखियों, मिठाइयों और उपहार की दुकानों पर लोगों की काफी भीड़ रही। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाकर उनके दीर्घायु होने की कामना की। इसके बाद भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट किए। इसके अलावा खुशी के इन पलों की मोबाइल से फोटो लेकर और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। सोशल मीडिया पर दिनभर बधाइयों का भी सिलसिला चला।
जानकारी के अनुसार बुधवार को रक्षाबंधन के साथ ही भद्रा काल रात तक रहा। इस बीच काफी भाई-बहनों ने रक्षाबंधन मनाने से परहेज किया। जिन्होंने रात में पर्व मनाया। ऐसे ही कई गुरुवार सुबह तक बन रहे पर्व के मुहूर्त में राखी बंधवाएंगे। दुकानदारों के मुताबिक बाजार में आई छोटा भीम, डोरेमॉन, मोटू पतलू, स्पाइडरमैन, माइटी राजू जैसे कार्टून किरदारों की राखियां बच्चों को खूब भा रही हैं। इसके अलावा लाइट वाली राखियां भी खूब खरीदी गईं।
विज्ञापन

आज सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक मुहूर्त
पंडित रिंकू शर्मा दोहली ने कहा कि भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व श्रावण (सावन) पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस कारण इसे श्रावणी या रक्षाबंधन कहते हैं। श्रावण पूर्णिमा इस बार दो दिन 30 व 31 अगस्त को मिल रही, पर पहले दिन सुबह से भद्रा व दूसरे दिन छह घटी से कम समय तक ही पूर्णिमा मिल रही है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भद्रा सूर्य देव की पुत्री व शनिदेव की बहन हैं। भद्रा का स्वभाव क्रोधी है। जब भद्रा का जन्म हुआ तो वह जन्म लेने के फौरन बाद ही पूरे सृष्टि को अपना निवाला बनाने लगी थीं। इस तरह से भद्रा के कारण जहां भी शुभ, मांगलिक कार्य, यज्ञ व अनुष्ठान होते वहां विघ्न आने लगता है। इस कारण से जब भद्रा लगती है, तब किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है। पूर्णिमा तिथि की शुरुआती आधा हिस्सा भद्रा काल होता है, जिस कारण से रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया होने के कारण राखी नहीं बांधी जाती है। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 30 अगस्त को रात्रि 9 बजकर 3 मिनट से लेकर 31 अगस्त को सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed