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इंकलाब आयोग के गठन की उठाई मांग
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इंकलाब मंदिर में शहीदों को नमन करते वरयाम सिंह व अन्य। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
जठलाना। गांव गुमथला राव स्थित इंकलाब मंदिर के संस्थापक वरयाम सिंह ने नववर्ष पर पर संकल्प लिया है कि वह देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को शहीद का दर्जा दिलवाएंगे। साथ ही देश में इंकलाब आयोग का गठन कराने में अपना जीवन समर्पित करेंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि 1857 से 1947 तक देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को शहीद का दर्जा देकर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि अमर शहीदों पर अभद्र टिप्पणी व बयानबाजी न हो, इसके लिए इंकलाब आयोग का गठन किया जाए।
उन्होंने बताया कि वह लगभग 18 वर्षों से अमर शहीदों के सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने अमर शहीदों को शहीद का दर्जा देने के लिए कोई महत्वपूर्ण कदम नहीं उठाया है। वह शहीदों के सम्मान के लिए इंकलाब आयोग का गठन करवाने में कोई कसर नहीं छोडे़ंगे। उन्होंने बताया कि गांव गुमथला में इंकलाब मंदिर देश का पहला इंकलाब मंदिर है।
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इंकलाब मंदिर के माध्यम से 1857 से लेकर 1947 तक के अमर शहीदों के जीवन परिचय को जागृत करने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि भविष्य हमारी आने वाली पीढ़ी को अमर शहीदों के जीवन परिचय से अवगत कराकर इनमें राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया जा सके।
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जठलाना। गांव गुमथला राव स्थित इंकलाब मंदिर के संस्थापक वरयाम सिंह ने नववर्ष पर पर संकल्प लिया है कि वह देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को शहीद का दर्जा दिलवाएंगे। साथ ही देश में इंकलाब आयोग का गठन कराने में अपना जीवन समर्पित करेंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि 1857 से 1947 तक देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को शहीद का दर्जा देकर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि अमर शहीदों पर अभद्र टिप्पणी व बयानबाजी न हो, इसके लिए इंकलाब आयोग का गठन किया जाए।
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उन्होंने बताया कि वह लगभग 18 वर्षों से अमर शहीदों के सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने अमर शहीदों को शहीद का दर्जा देने के लिए कोई महत्वपूर्ण कदम नहीं उठाया है। वह शहीदों के सम्मान के लिए इंकलाब आयोग का गठन करवाने में कोई कसर नहीं छोडे़ंगे। उन्होंने बताया कि गांव गुमथला में इंकलाब मंदिर देश का पहला इंकलाब मंदिर है।
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इंकलाब मंदिर के माध्यम से 1857 से लेकर 1947 तक के अमर शहीदों के जीवन परिचय को जागृत करने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि भविष्य हमारी आने वाली पीढ़ी को अमर शहीदों के जीवन परिचय से अवगत कराकर इनमें राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया जा सके।