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Yamuna Nagar News: बारिश ने धोए आम उत्पादकों के अरमान, 70 प्रतिशत फसल खराब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Apr 2023 01:54 AM IST
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Rain washes away the hopes of mango growers, 70 percent crop damaged
मार्च के महीने में हुई बारिश गेहूं के साथ-साथ फलों के राजा आम पर भी भारी पड़ी। बारिश से जिले में आम की 70 प्रतिशत यानि 3850 एकड़ से ज्यादा फसल खराब हो चुकी है। बारिश ने आम उत्पादक किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है। केवल 30 प्रतिशत आम की फसल ही बची है। जिन पेड़ों पर आम का बोर आया हुआ है उस पर अन्य बीमारियां मंडराने का खतरा बना हुआ है। प्रदेश में आम के सबसे ज्यादा बाग यमुनानगर में हैं। इसलिए जिले के आम उत्पादकों को ही इस बारिश ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आम उत्पादक सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
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जिले में आम के बागों का कुल रकबा 5500 एकड़ से ज्यादा है। यहां हर साल 70 हजार मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है। सबसे ज्यादा आम के बाग छछरौली एरिया में हैं। इस बार आम के लगभग सभी पेड़ों में पिछले साल से भी ज्यादा बोर आया था। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा था कि इस बार आम का उत्पादन पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा। परंतु मार्च महीने में रूक-रूक कर होती रही बारिश ने आम उत्पादकों से लेकर अधिकारियों तक की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दरअसल मार्च महीने में जब बारिश आई वही समय आम पर आए बोर का फल में परिवर्तित होने का था। बारिश से बोर आम के पेड़ों से झड़ गया। इतना ही नहीं बोर भी पानी से काला पड़ गया। जो हिस्सा काला पड़ जाता है उस पर फल नहीं लगता।
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मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत यदि फल व सब्जी उत्पादकों ने फसल का बीमा कराया हुआ है तो उन्हें सरकार की तरफ से मुआवजा देने का प्रावधान है। नियमानुसार सब्जी का बीमा कराने के लिए 750 रुपये प्रीमियम देना होता है। प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा। इसी तरह फलों का बीमा कराने के लिए 1000 रुपये प्रीमियम देकर 40 हजार रुपये तक मुआवजा लिया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि फसल लगाने के दौरान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया हो। नुकसान की सूचना 72 घंटे में देनी होती है।
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जिला बागवानी अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि बारिश की वजह से जिले में आम की 70 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। इस वक्त एक लीटर पानी में एक एमएल इमिडाक्लोप्रीड दवाई मिलाकार आम के पेड़ों पर छिड़काव करना चाहिए। यह दवा फल वाले हिस्से से रस चूसने वाले कीड़ों से बचाती है। दवा का छिड़काव शाम को करना चाहिए ताकि मधुमक्खियों को नुकसान न हो। इसी तरह हैक्जाकोनाजोल दवा एक एमएल एक लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करनी चाहिए। यह दवा पेड़ का फफूंदी से बचाव करती है।
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