फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Rain leaves paddy in markets soaked

Yamuna Nagar News: बारिश से मंडियों में भीगा धान, नीचे से बोरियों में गया पानी

Fri, 30 Oct 2026 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 30 Oct 2026 01:29 AM IST
विज्ञापन
Rain leaves paddy in markets soaked
जगाधरी अनाज मंडी में तिरपाल से ढकी धान से भरी बोरियां। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। जिले में वीरवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। आसमान में बादल गरजने लगे और बिजली चमकने के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। सुबह करीब 10 बजे के बाद बारिश तेज हुई तो अनाज मंडियों में खुले में रखा धान भीग गया।
जिले की मंडियों में अभी भी करीब 30 हजार मीट्रिक टन धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। कई जगह तिरपाल उपलब्ध नहीं होने के कारण धान को ढका नहीं जा सका। कुछ स्थानों पर बोरियों के ऊपर तिरपाल होने के बावजूद नीचे से बारिश का पानी धान तक पहुंचता रहा। इससे मंडियों में धान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विज्ञापन

जिले की सभी 13 अनाज मंडियों में अब तक 3,40,992 एमटी धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 3,21,809 एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं, 2,72,148 एमटी धान का उठान हुआ है, जो कुल खरीद का 84.57 प्रतिशत है। अभी 68,844 एमटी धान का उठान होना बाकी है। इसमें से करीब 30 हजार एमटी से ज्यादा धान खुले में पड़ा होने के कारण बारिश के दौरान भीगने का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वीरवार को मंडियों में धान की आवक लगभग न के बराबर रही। किसानों के अनुसार, अब तक 95 प्रतिशत से अधिक धान की कटाई हो चुकी है और मंडियों में आवक भी काफी कम हो गई है। इसके बावजूद खुले में रखे धान को बारिश से बचाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि मंडियों में धान की आवक कम होने के बावजूद फसल की सुरक्षा के उचित प्रबंध नहीं हैं। दिखावे के लिए बोरियों के ऊपर तिरपाल डाल दी जाती है, लेकिन नीचे से बारिश का पानी रिसकर धान तक पहुंच जाता है। कई जगह तिरपाल नहीं होने के कारण धान खुले में पड़ा रहता है।

मार्केट कमेटी जगाधरी सचिव मोहित बेरी ने बताया कि मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए खुले में रखे धान को पहले ही तिरपाल से ढक दिया गया था। मंडियों में धान पूरी तरह सुरक्षित है और बारिश से किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। धान को अच्छी तरह सुखाने के बाद ही उठान किया जाता है।

जगाधरी अनाज मंडी में तिरपाल से ढकी धान से भरी बोरियां। संवाद

जगाधरी अनाज मंडी में तिरपाल से ढकी धान से भरी बोरियां। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed