{"_id":"63f7ca796a32a4c81500df06","slug":"punishment-for-rape-and-molestation-yamuna-nagar-news-c-18-1-39328-2023-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: ठंडे से बस्ते निकली रेल लाइन परियोजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: ठंडे से बस्ते निकली रेल लाइन परियोजना
विज्ञापन
प्रदेश बजट के दौरान दो साल बाद एक बार फिर करनाल यमुनानगर रेल लाइन परियोजना सिरे चढ़ने की आस जगी है। साल 2021 में केंद्र व प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दी थी। परंतु इच्छाशक्ति की कमी के चलते यह ठंडे बस्ते में रही। वीरवार को बजट में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस योजना को बस्ते से निकाला। उन्होंने बजट पेश करते हुए कहा कि केंद्र सरकार, रेलवे के सहयोग जल्द ही परियोजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
यमुनानगर से करनाल तक रेल लाइन बिछाने के लिए चार साल का समय निर्धारित किया गया था। जिसमें दो साल यूं ही बीत गए हैं। अब एक बार फिर जिलेवासियों को यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन के जंक्शन बनने की उम्मीद जगी है। यह रेल लाइन यमुनानगर से वाया रादौर, लाडवा, इंद्री से करनाल तक जोड़ी जाने की योजना है। पूर्व निर्धारित प्लान के अनुसार हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम ने 883.78 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की इस डीपीआर को अंतिम रूप दिया गया है। यह परियोजना लगभग चार वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।
प्रस्तावित नई रेल लाइन अंबाला-सहारनपुर रेलवे लाइन स्थित यमुनानगर के जगाधरी-वर्कशॉप रेलवे स्टेशन से शुरू होगी। जो दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर करनाल रेलवे स्टेशन से जुड़ेगी। यह नई लाइन पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर के लिए एक फीडर मार्ग के रूप में काम करेगी। वहीं उत्तर प्रदेश सीमा पर बने जिले के कलानौर स्टेशन पर रेलवे के साथ इंटरचेंज प्वाइंट प्रस्तावित किया है। वहीं रेल मार्ग से अच्छे यमुनानगर के रादौर, कुरुक्षेत्र के लाडवा, करनाल के इंद्री के लोगों को सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
इस रेल मार्ग के शुरू होने से प्रतिदिन करीब दस हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, बहादुरगढ़ व जिलों के उद्योगों को देश के पूर्वी हिस्से तक सामान पहुंचाना आसान हो जाएगा। रादौर, लाडवा व इंद्री के सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रों से कृषि उपज, प्लाईवुड, लकड़ी, औद्योगिक उत्पादों, धातु उद्योग, उर्वरकों इत्यादि के लिए बाजार तक पहुंचना सुगम हो जाएगा। इसके अलावा यह परियोजना हरियाणा के दक्षिणी एवं पश्चिमी क्षेत्र को सीधे हरिद्वार से जोड़ेगी।
यमुनानगर करनाल रेल मार्ग करीब 64.6 किलोमीटर लंबा होगा। यह अंबाला सहारनपुर रूट पर यमुनानगर के जगाधरी वर्कशॉप स्टेशन से इसकी शुरुआत होगी। जो अंबाला दिल्ली लाइन करनाल व भैणी खुर्द रेलवे स्टेशन पर दोनों लाइन को जोड़गी। परियोजना के अनुसार इस रेल मार्ग पर पांच स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। परियोजना के अनुसार यमुनानगर के दामला व रादौर में स्टेशन बनाया जाएगा। वहीं एक स्टेशन कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा में बनाया जाना है। जबकि करनाल में इंद्री व रंभा दो रेलवे स्टेशन बनाए जाना प्रस्तावित है। बता दें कि अभी इन क्षेत्रों के लिए सड़क मार्ग ही एकमात्र सहारा है। करनाल, इंद्री, लाडवा, कुरुक्षेत्र व आसपास क्षेत्र के लोगों को उत्तरप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ व अन्य पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में जाने के लिए अंबाला, चंडीगढ़ या दिल्ली जाना पड़ता है। वहीं कुछ गाड़ियों के लिए सड़क मार्ग से यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन आना पड़ता है। यह रेल लाइन के लिए 116 पुल बनाकर नहर, नाले, सड़कों को क्रॉस किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए प्रदेश सरकार रेलवे कुल 574.98 एकड़ भूमि अधिग्रहण करके देगी।
विज्ञापन
यमुनानगर से करनाल तक रेल लाइन बिछाने के लिए चार साल का समय निर्धारित किया गया था। जिसमें दो साल यूं ही बीत गए हैं। अब एक बार फिर जिलेवासियों को यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन के जंक्शन बनने की उम्मीद जगी है। यह रेल लाइन यमुनानगर से वाया रादौर, लाडवा, इंद्री से करनाल तक जोड़ी जाने की योजना है। पूर्व निर्धारित प्लान के अनुसार हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम ने 883.78 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की इस डीपीआर को अंतिम रूप दिया गया है। यह परियोजना लगभग चार वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।
विज्ञापन
प्रस्तावित नई रेल लाइन अंबाला-सहारनपुर रेलवे लाइन स्थित यमुनानगर के जगाधरी-वर्कशॉप रेलवे स्टेशन से शुरू होगी। जो दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर करनाल रेलवे स्टेशन से जुड़ेगी। यह नई लाइन पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर के लिए एक फीडर मार्ग के रूप में काम करेगी। वहीं उत्तर प्रदेश सीमा पर बने जिले के कलानौर स्टेशन पर रेलवे के साथ इंटरचेंज प्वाइंट प्रस्तावित किया है। वहीं रेल मार्ग से अच्छे यमुनानगर के रादौर, कुरुक्षेत्र के लाडवा, करनाल के इंद्री के लोगों को सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
इस रेल मार्ग के शुरू होने से प्रतिदिन करीब दस हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, बहादुरगढ़ व जिलों के उद्योगों को देश के पूर्वी हिस्से तक सामान पहुंचाना आसान हो जाएगा। रादौर, लाडवा व इंद्री के सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रों से कृषि उपज, प्लाईवुड, लकड़ी, औद्योगिक उत्पादों, धातु उद्योग, उर्वरकों इत्यादि के लिए बाजार तक पहुंचना सुगम हो जाएगा। इसके अलावा यह परियोजना हरियाणा के दक्षिणी एवं पश्चिमी क्षेत्र को सीधे हरिद्वार से जोड़ेगी।
यमुनानगर करनाल रेल मार्ग करीब 64.6 किलोमीटर लंबा होगा। यह अंबाला सहारनपुर रूट पर यमुनानगर के जगाधरी वर्कशॉप स्टेशन से इसकी शुरुआत होगी। जो अंबाला दिल्ली लाइन करनाल व भैणी खुर्द रेलवे स्टेशन पर दोनों लाइन को जोड़गी। परियोजना के अनुसार इस रेल मार्ग पर पांच स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। परियोजना के अनुसार यमुनानगर के दामला व रादौर में स्टेशन बनाया जाएगा। वहीं एक स्टेशन कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा में बनाया जाना है। जबकि करनाल में इंद्री व रंभा दो रेलवे स्टेशन बनाए जाना प्रस्तावित है। बता दें कि अभी इन क्षेत्रों के लिए सड़क मार्ग ही एकमात्र सहारा है। करनाल, इंद्री, लाडवा, कुरुक्षेत्र व आसपास क्षेत्र के लोगों को उत्तरप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ व अन्य पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में जाने के लिए अंबाला, चंडीगढ़ या दिल्ली जाना पड़ता है। वहीं कुछ गाड़ियों के लिए सड़क मार्ग से यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन आना पड़ता है। यह रेल लाइन के लिए 116 पुल बनाकर नहर, नाले, सड़कों को क्रॉस किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए प्रदेश सरकार रेलवे कुल 574.98 एकड़ भूमि अधिग्रहण करके देगी।