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Yamuna Nagar News: हार्वेस्टर पर अनुदान का प्रावधान
Tue, 18 Mar 2025 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 18 Mar 2025 02:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नेबजट में किसानों को गन्ना छिलाई के लिए सब्सिडी पर हारवेस्टर उपलब्ध कराने की बात कही है। इससे जिले के किसानों को काफी फायदा होगा। क्योंकि जिले में गन्ने का रकबा घट रहा है।
वर्ष 2017-18 के दौरान जिले में गन्ने का रकबा 99 हजार एकड़ था, जो पिछले साल घट कर 85 हजार एकड़ पर आ गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह पॉपुलर का बढ़ता रकबा है। इस बार जिले में पॉपुलर का रकबा करीब 24 हजार एकड़ को पार कर चुका है। किसान गन्ने के खेतों में पॉपुलर के पौधे लगा रहे हैं।
दूसरा किसानों को गन्ने की छिलाई के लिए सबसे ज्यादा मजदूरों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। पहले बिहार से बड़ी संख्या में मजदूर गन्ना छिलाई के लिए आते थे, जिनकी संख्या अब तेजी से कम हुई है। मजदूरों को बिहार में ही रोजगार मिलने लगा है। जिस कारण वहां से मजदूरों ने यहां आना कम कर दिया है। मजदूर 50 से 60 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना छिलाई का ले रहे हैं।
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ःभारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष संजू गुंदियाना का कहना है कि गन्ना छिलाई करने वाली मशीन की कीमत 80 से 90 लाख रुपये है। लाखों रुपये खर्च करके किसान इस मशीन को नहीं ले सकता। यदि सरकार 50 प्रतिशत भी सब्सिडी देती है तब भी यह मशीन किसानों की पहुंच से बाहर है। सब्सिडी का फायदा तो बिजनेसमैन को ही होगा। वहीं सरस्वती शुगर मिल की तरफ से तीन मशीनें गन्ना छिलाई के लिए लगाई गई हैं, जो किसान से 55 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किराया लेती है।
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यमुनानगर। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नेबजट में किसानों को गन्ना छिलाई के लिए सब्सिडी पर हारवेस्टर उपलब्ध कराने की बात कही है। इससे जिले के किसानों को काफी फायदा होगा। क्योंकि जिले में गन्ने का रकबा घट रहा है।
वर्ष 2017-18 के दौरान जिले में गन्ने का रकबा 99 हजार एकड़ था, जो पिछले साल घट कर 85 हजार एकड़ पर आ गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह पॉपुलर का बढ़ता रकबा है। इस बार जिले में पॉपुलर का रकबा करीब 24 हजार एकड़ को पार कर चुका है। किसान गन्ने के खेतों में पॉपुलर के पौधे लगा रहे हैं।
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दूसरा किसानों को गन्ने की छिलाई के लिए सबसे ज्यादा मजदूरों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। पहले बिहार से बड़ी संख्या में मजदूर गन्ना छिलाई के लिए आते थे, जिनकी संख्या अब तेजी से कम हुई है। मजदूरों को बिहार में ही रोजगार मिलने लगा है। जिस कारण वहां से मजदूरों ने यहां आना कम कर दिया है। मजदूर 50 से 60 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना छिलाई का ले रहे हैं।
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ःभारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष संजू गुंदियाना का कहना है कि गन्ना छिलाई करने वाली मशीन की कीमत 80 से 90 लाख रुपये है। लाखों रुपये खर्च करके किसान इस मशीन को नहीं ले सकता। यदि सरकार 50 प्रतिशत भी सब्सिडी देती है तब भी यह मशीन किसानों की पहुंच से बाहर है। सब्सिडी का फायदा तो बिजनेसमैन को ही होगा। वहीं सरस्वती शुगर मिल की तरफ से तीन मशीनें गन्ना छिलाई के लिए लगाई गई हैं, जो किसान से 55 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किराया लेती है।