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Yamuna Nagar News: प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के विरोध में किया प्रदर्शन
Thu, 14 Aug 2025 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 14 Aug 2025 02:38 AM IST
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यमुनानगर। बिहार में मतदाता सूचियों के गहन परीक्षण व देश में प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के विरोध में राष्ट्रीय आह्वान के तहत डीसी कार्यालय पर बुधवार को धरना प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिवों का धर्मपाल चौहान व प्यारे लाल तंवर की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित किया गया ।
वामपंथी नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन बिहार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण व बिजली निजीकरण का रास्ता साफ करने की नीति से प्रीपेड मीटर लगाने की नीति के विरोध में किया गया तथा मांग पत्र प्रधानमंत्री भारत सरकार को भेजा गया। गुरभजन सिंह ने कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का आदेश दिया है। अब चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को पूरे देश में लागू करना चाहता है। मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के नाम पर, चुनाव आयोग मतदाताओं की नागरिकता सत्यापित करने के अधिकार को हथिया रहा है, जो उसके संवैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर है। मतदाता सूचियों से विदेशियों के नाम हटाने के निराधार बहाने के तहत, वे अल्पसंख्यकों और अन्य चुनिंदा समूहों के एक बड़े हिस्से को मताधिकार से वंचित कर रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में अनेकों प्रकार के उल्लंघन किए जा रहे हैं। यहां तक कि संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार से भी लाखों लोगों को वंचित किया जा रहा है। एनआरसी प्रक्रिया, जिसका कोविड महामारी से पहले लोगों ने व्यापक विरोध किया था, को पिछले दरवाजे से चुपके से लागू करने की कोशिश की जा रही है। लोकतांत्रिक अधिकारों पर इस हमले की, जिसे पूरे देश में लागू करने की कोशिश की जा रही है, अनुमति नहीं दी जानी सकती। उन्होंने कहा कि बंगालियों का निर्वासन रोका जाए। मौके पर महिपाल चमरोड़ी, हरभजन सिंह संधू, विजयपाल, सोमनाथ, संजय सिंह, फकीर सिंह मौजूद रहे।
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वामपंथी नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन बिहार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण व बिजली निजीकरण का रास्ता साफ करने की नीति से प्रीपेड मीटर लगाने की नीति के विरोध में किया गया तथा मांग पत्र प्रधानमंत्री भारत सरकार को भेजा गया। गुरभजन सिंह ने कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का आदेश दिया है। अब चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को पूरे देश में लागू करना चाहता है। मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के नाम पर, चुनाव आयोग मतदाताओं की नागरिकता सत्यापित करने के अधिकार को हथिया रहा है, जो उसके संवैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर है। मतदाता सूचियों से विदेशियों के नाम हटाने के निराधार बहाने के तहत, वे अल्पसंख्यकों और अन्य चुनिंदा समूहों के एक बड़े हिस्से को मताधिकार से वंचित कर रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में अनेकों प्रकार के उल्लंघन किए जा रहे हैं। यहां तक कि संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार से भी लाखों लोगों को वंचित किया जा रहा है। एनआरसी प्रक्रिया, जिसका कोविड महामारी से पहले लोगों ने व्यापक विरोध किया था, को पिछले दरवाजे से चुपके से लागू करने की कोशिश की जा रही है। लोकतांत्रिक अधिकारों पर इस हमले की, जिसे पूरे देश में लागू करने की कोशिश की जा रही है, अनुमति नहीं दी जानी सकती। उन्होंने कहा कि बंगालियों का निर्वासन रोका जाए। मौके पर महिपाल चमरोड़ी, हरभजन सिंह संधू, विजयपाल, सोमनाथ, संजय सिंह, फकीर सिंह मौजूद रहे।
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