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Yamuna Nagar News: कलेसर नेशनल पार्क में नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी
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कलेसर जंगल में विचरण करता हिरण।
प्रतापनगर। शिवालिक की पहाड़ियों से सटे कलेसर नेशनल पार्क में जल्द ही आधुनिक सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इसकी योजना तैयार की जा रही है। मंजूरी मिलने के बाद जंगल में विचरण करने वाले जानवरों की गतिविधियां बेहतर ढंग से कैद हो सकेंगी।
हालांकि मौजूदा समय में भी जंगल के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन ये कैमरे केवल कुछ ही जगहों पर ही लगे हैं। ऐसे में अन्य जगहों पर वन्य प्राणियों की गतिविधियों के बारे में नहीं चल पता है, इसलिए वन्य जीव प्राणी विभाग और कैमरे लगाने पर विचार कर रहा है। इस बारे में विभागीय अधिकारी मुख्यालय से भी बातचीत कर रहे हैं।
कलेसर मठ के नाम पर पड़ा पार्क का नाम : उत्तराखंड का राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से कलेसर नेशनल पार्क से कुछ ही दूरी पर है। ऐसे में कलेसर नेशनल पार्क में कई बार बाघ व हाथी विचरण करते हुए आ जाते हैं। पार्क से तीन राज्यों हिमाचल, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश की सीमाएं सटीं हैं। यहां बने कलेसर मठ (शिव) मंदिर के नाम पर इस पार्क का नामकरण हुआ है।
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तस्करों पर भी रहेगी नजर
कलेसर नेशनल पार्क 11570 एकड़ में फैला है। जहां पर सफारी के दौरान पर्यटक अपने कैमरे व मोबाइल फोन में वन्य प्राणी तेंदुआ, हाथी, चीतल, हिरण, जंगली सूअर, मोर, बंदर, खरगोश, अजगर, कोबरा जैसे जीव जंतु तथा सांभर को कैद करते हैं। इस घने जंगल में काफी संख्या में बेशकीमती खैर के पेड़ भी हैं, जिन्हें तस्कर काटकर ले जाने का प्रयास भी करते हैं। नए कैमरे लगने से वन्य प्राणियों के साथ-साथ तस्करों पर भी नजर रहेगी। इन सब का कंट्रोल रूम स्थानीय विभागीय कार्यालय में होगा।
वर्जन
जंगल में नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना तैयारी चल रही है। अभी इस मामले में विभाग के उच्चाधिकारियों से बात की जानी है। लेकिन कैमरे लगाने की मंजूरी मिली तो प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
-लीलूराम, निरीक्षक, वन्य जीव प्राणी विभाग।
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हालांकि मौजूदा समय में भी जंगल के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन ये कैमरे केवल कुछ ही जगहों पर ही लगे हैं। ऐसे में अन्य जगहों पर वन्य प्राणियों की गतिविधियों के बारे में नहीं चल पता है, इसलिए वन्य जीव प्राणी विभाग और कैमरे लगाने पर विचार कर रहा है। इस बारे में विभागीय अधिकारी मुख्यालय से भी बातचीत कर रहे हैं।
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कलेसर मठ के नाम पर पड़ा पार्क का नाम : उत्तराखंड का राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से कलेसर नेशनल पार्क से कुछ ही दूरी पर है। ऐसे में कलेसर नेशनल पार्क में कई बार बाघ व हाथी विचरण करते हुए आ जाते हैं। पार्क से तीन राज्यों हिमाचल, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश की सीमाएं सटीं हैं। यहां बने कलेसर मठ (शिव) मंदिर के नाम पर इस पार्क का नामकरण हुआ है।
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तस्करों पर भी रहेगी नजर
कलेसर नेशनल पार्क 11570 एकड़ में फैला है। जहां पर सफारी के दौरान पर्यटक अपने कैमरे व मोबाइल फोन में वन्य प्राणी तेंदुआ, हाथी, चीतल, हिरण, जंगली सूअर, मोर, बंदर, खरगोश, अजगर, कोबरा जैसे जीव जंतु तथा सांभर को कैद करते हैं। इस घने जंगल में काफी संख्या में बेशकीमती खैर के पेड़ भी हैं, जिन्हें तस्कर काटकर ले जाने का प्रयास भी करते हैं। नए कैमरे लगने से वन्य प्राणियों के साथ-साथ तस्करों पर भी नजर रहेगी। इन सब का कंट्रोल रूम स्थानीय विभागीय कार्यालय में होगा।
वर्जन
जंगल में नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना तैयारी चल रही है। अभी इस मामले में विभाग के उच्चाधिकारियों से बात की जानी है। लेकिन कैमरे लगाने की मंजूरी मिली तो प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
-लीलूराम, निरीक्षक, वन्य जीव प्राणी विभाग।

कलेसर जंगल में विचरण करता हिरण।