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केंद्रीय ट्रेड यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
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pradarsan
- फोटो : Yamuna Nagar
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दस केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर सभी सरकारी विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान सभी कार्यालयों में काम काज ठप रह। वहीं कर्मचा िरयों ने बसें रोक दी, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यात्री इधर उधर भटकते रहे। किसानों का आंदोलन व रोड बंद होने के कारण निजी वाहन भी शहर से बाहर नहीं जा सके। वहीं बैंक कर्मचारी भी हड़ताल पर होने के कारण यहां भी कामकाज ठप रहा। लोग बैंक पहुंचे, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। यह हाल सभी विभागों में रहा। हड़ताल के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं किसानों का दिल्ली कूच यहां बिल्कुल शांत रहा। चूंकि प्रशासन की आंखों में धूल झौंककर किसान एक दिन पहले ही दिल्ली रवाना हो गए। जिस कारण यहां दिल्ली जाने को लेकर किसी प्रकार का कोई हंगामा नहीं हुआ। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने जनसभा की और शहर में जुलूस निकाला। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मोदी और खट्टर सरकार के नाम पर महिला कर्मचारियों ने हाय हाय की।
अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन के बैनर तले जिले के विभिन्न विभागों के हजारों कर्मचारी व मजदूर हड़ताल पर रहे। सुबह सभी नौ बजे बिजली निगम अधीक्षक अभियंता कार्यालय के पास भगत सिंह पार्क में एकत्र हुए। यहां कर्मचारी व नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर सभा की। इंटक जिला प्रधान धर्मपाल चौधरी, सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान महीपाल सोडे, रिटायर्ड कर्मचारी संघ जिला सचिव सोमनाथ, एटक प्रदेश उप महासचिव हरभजन सिंह संधू, सीटू जिला सचिव शरबती देवी, बैंक एसोसिएशन जिला प्रधान हरदीप सिंह विर्क ने कर्मचारियों को संबोधित किया। यहां से कर्मचारी जुलूस की शक्ल में बस स्टैंड की ओर रवाना हो गए।
सर्व कर्मचारी संघ जिला सचिव राजपाल ने मंच संचालन किया। रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रांतीय वरिष्ठ उप प्रधान जरनैल सिंह सागवान, नगरपालिका राज्य महासचिव मांगेराम तिगरा ने कहा कि भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार केवल गिने-चुने पूंजीपतियों को मनाते के लिए देश के संसाधनों को बेच रही है। कोरोना काल पर मोदी सरकार ने किसान, मजदूर, दुकानदार, छात्र विरोधी काले कानून लागू करने का अवसर बना दिया है। नया श्रम कानून, नया बिजली कानून, नई शिक्षा नीति, नए कृष़ि कानून लोगों पर जबरन थौंप दिए हैं। इसलिए सभी किसान संगठन दिल्ली घेरने के लिए चल पड़े हैं सभी ट्रेड यूनियन आंदोलन का समर्थन कर रही हैं। इस दौरानअग्निशमन सेवा राज्य प्रेस प्रवक्ता गुलशन भारद्वाज, नंद लाल, शरबती देवी, हरदीप सिंह विर्क, विपिन बराड़, पूनम शर्मा, मांगेराम तिगरा, राकेश धनखड़, विक्की पारचा, जगपाल सिंह, रेखा सैनी, आशा, हुक्मी देवी, गोरखनाथ यादव, गुरविंद्र कौर, स्वास्थ्य सेवा से जिला प्रधान सुमित ऋषि, जिला सचिव नरेश कुमार, ईएसआई से राकेश गागट, नीलम, राज कुमार धारीवाल, विक्की, प्रेम प्रकाश ,सुनीता सुघ, रिपिन कांबोज व अन्य ने संबोधित किया। बस स्टैंड पर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान डीएसपी सुभाष चंद्र पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
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हड़ताल में बिजली विभाग, शिक्षा विभाग, रोडवेज, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी, मिड-डे मील, आशा वर्कर, वन मजदूर, फायर ब्रिगेड, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, डोर टू डोर सफाई वाहन चालक, सफाई कर्मचारी, पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग, डाक घर विभाग सहित सभी विभाग के कर्मचारियों व संगठनों ने भाग लिया।
हड़ताल में रोडवेज कर्मचारियों ने भी बढ़चढ़ कर भाग लिया। कर्मचारी पूरी तरह रोडवेज का चक्का जाम करना चाहते थे। लेकिन कोविड-19 की परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा न किया गया। जिस पर रोडवेज संगठनों ने तीन घंटे के बसों का संचालन रोक दिया। बस रोकने की सूचना पर यात्रियों में हड़कंप मच गया। यात्री इधर उधर भटकने लगे। लेकिन इस आंदोलन के कारण उन्हें निजी वाहनों की भी सेवा मुहैया न हो सकी। इसके बाद रोडवेज की ओर से आंशिक बंद की घोषणा की गई। जिसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान बस स्टैंड पर भारी भीड़ हो गई।
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अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन के बैनर तले जिले के विभिन्न विभागों के हजारों कर्मचारी व मजदूर हड़ताल पर रहे। सुबह सभी नौ बजे बिजली निगम अधीक्षक अभियंता कार्यालय के पास भगत सिंह पार्क में एकत्र हुए। यहां कर्मचारी व नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर सभा की। इंटक जिला प्रधान धर्मपाल चौधरी, सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान महीपाल सोडे, रिटायर्ड कर्मचारी संघ जिला सचिव सोमनाथ, एटक प्रदेश उप महासचिव हरभजन सिंह संधू, सीटू जिला सचिव शरबती देवी, बैंक एसोसिएशन जिला प्रधान हरदीप सिंह विर्क ने कर्मचारियों को संबोधित किया। यहां से कर्मचारी जुलूस की शक्ल में बस स्टैंड की ओर रवाना हो गए।
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सर्व कर्मचारी संघ जिला सचिव राजपाल ने मंच संचालन किया। रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रांतीय वरिष्ठ उप प्रधान जरनैल सिंह सागवान, नगरपालिका राज्य महासचिव मांगेराम तिगरा ने कहा कि भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार केवल गिने-चुने पूंजीपतियों को मनाते के लिए देश के संसाधनों को बेच रही है। कोरोना काल पर मोदी सरकार ने किसान, मजदूर, दुकानदार, छात्र विरोधी काले कानून लागू करने का अवसर बना दिया है। नया श्रम कानून, नया बिजली कानून, नई शिक्षा नीति, नए कृष़ि कानून लोगों पर जबरन थौंप दिए हैं। इसलिए सभी किसान संगठन दिल्ली घेरने के लिए चल पड़े हैं सभी ट्रेड यूनियन आंदोलन का समर्थन कर रही हैं। इस दौरानअग्निशमन सेवा राज्य प्रेस प्रवक्ता गुलशन भारद्वाज, नंद लाल, शरबती देवी, हरदीप सिंह विर्क, विपिन बराड़, पूनम शर्मा, मांगेराम तिगरा, राकेश धनखड़, विक्की पारचा, जगपाल सिंह, रेखा सैनी, आशा, हुक्मी देवी, गोरखनाथ यादव, गुरविंद्र कौर, स्वास्थ्य सेवा से जिला प्रधान सुमित ऋषि, जिला सचिव नरेश कुमार, ईएसआई से राकेश गागट, नीलम, राज कुमार धारीवाल, विक्की, प्रेम प्रकाश ,सुनीता सुघ, रिपिन कांबोज व अन्य ने संबोधित किया। बस स्टैंड पर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान डीएसपी सुभाष चंद्र पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
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हड़ताल में बिजली विभाग, शिक्षा विभाग, रोडवेज, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी, मिड-डे मील, आशा वर्कर, वन मजदूर, फायर ब्रिगेड, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, डोर टू डोर सफाई वाहन चालक, सफाई कर्मचारी, पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग, डाक घर विभाग सहित सभी विभाग के कर्मचारियों व संगठनों ने भाग लिया।
हड़ताल में रोडवेज कर्मचारियों ने भी बढ़चढ़ कर भाग लिया। कर्मचारी पूरी तरह रोडवेज का चक्का जाम करना चाहते थे। लेकिन कोविड-19 की परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा न किया गया। जिस पर रोडवेज संगठनों ने तीन घंटे के बसों का संचालन रोक दिया। बस रोकने की सूचना पर यात्रियों में हड़कंप मच गया। यात्री इधर उधर भटकने लगे। लेकिन इस आंदोलन के कारण उन्हें निजी वाहनों की भी सेवा मुहैया न हो सकी। इसके बाद रोडवेज की ओर से आंशिक बंद की घोषणा की गई। जिसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान बस स्टैंड पर भारी भीड़ हो गई।