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किसानों ने सरकार और पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी
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- फोटो : Yamuna Nagar
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किसान संगठनों व यूनियन के नेताओं के घरों में गिरफ्तारी को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई का ग्रामीणों ने विरोध किेया। भाकियू के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से भाकियू ने प्रदेश सरकार व पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को लेकर रोष प्रकट करते हुए नारेबाजी की।
भाकियू के पदाधिकारियों ने ज्ञापन देने से पूर्व जाट धर्मशाला कपालमोचन में बैठक की। बैठक में दिल्ली कूच करने को लेकर विचार विमर्श किया गया। किसानों ने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने आधी रात में किसान नेताओं को घरों से उठाया है, उसी की तर्ज पर विभिन्न किसान संगठन के पदाधिकारी व किसान समय से पहले दिल्ली के लिए कूच करेंगे। दिल्ली जाने के लिए किसान पैदल चलने से भी गुरेज नही करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से छछरौली प्रधान मोहन लाल ने कहा कि प्रशासन ने सरकार के आदेशों पर बीती आधी रात किसानों नेताओं को घरों से गिरफ्तार कर लिया है, जो कि सही नहीं है।
भाकियू ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली का विरोध किया। किसानों ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि सभी किसान नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो मजबूरन किसानों को जेल भरो आंदोलन भी करना पड़ेगा। जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। भाकियू ने चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी दिनों मे किसी भी कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रदेश सरकार के नुमाइदों का यूनियन के द्वारा काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। किसानों ने सरकार से मांग करते हुए कहा की किसान कानून में किसानों की मांगों के अनुरूप संसोधन कर दिया जाए। ताकि किसानों को भविष्य सुरक्षित हो सकें। मोहन लाल, सुल्तान सिंह, दिलबाग सिंह युवा उपप्रधान, किरण पाल, रणसिंह, अनिल ,सुभाष शर्मा, कर्मबीर, जनक, राज पाल, अमरजीत सिंह, मनोज कुमार, हनीफ सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
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भाकियू के पदाधिकारियों ने ज्ञापन देने से पूर्व जाट धर्मशाला कपालमोचन में बैठक की। बैठक में दिल्ली कूच करने को लेकर विचार विमर्श किया गया। किसानों ने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने आधी रात में किसान नेताओं को घरों से उठाया है, उसी की तर्ज पर विभिन्न किसान संगठन के पदाधिकारी व किसान समय से पहले दिल्ली के लिए कूच करेंगे। दिल्ली जाने के लिए किसान पैदल चलने से भी गुरेज नही करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से छछरौली प्रधान मोहन लाल ने कहा कि प्रशासन ने सरकार के आदेशों पर बीती आधी रात किसानों नेताओं को घरों से गिरफ्तार कर लिया है, जो कि सही नहीं है।
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भाकियू ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली का विरोध किया। किसानों ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि सभी किसान नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो मजबूरन किसानों को जेल भरो आंदोलन भी करना पड़ेगा। जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। भाकियू ने चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी दिनों मे किसी भी कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रदेश सरकार के नुमाइदों का यूनियन के द्वारा काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। किसानों ने सरकार से मांग करते हुए कहा की किसान कानून में किसानों की मांगों के अनुरूप संसोधन कर दिया जाए। ताकि किसानों को भविष्य सुरक्षित हो सकें। मोहन लाल, सुल्तान सिंह, दिलबाग सिंह युवा उपप्रधान, किरण पाल, रणसिंह, अनिल ,सुभाष शर्मा, कर्मबीर, जनक, राज पाल, अमरजीत सिंह, मनोज कुमार, हनीफ सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
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