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सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर राष्ट्रपति ने नाम सौंपा ज्ञापन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2020 01:12 AM IST
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नागरिक अधिकार मंच एवं भाईचारा एकता मंच के आह्वान पर सामाजिक कार्यकर्ता संजीव वालिया की अध्यक्षता में दर्जनों लोगों ने डीसी कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर सम्मानित किया। ज्ञापन में कहा कि जेलों में डाले गए बुद्धिजीवियों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं की विपक्षी नेताओं, विद्यार्थी नेताओं को रिहा किया जाए। प्रतिशोध की तुलनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए बिना पक्षपात के हिंसक कार्रवाइयों में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की जाए। सामाजिक कार्यकर्ता जब्बार पोसवाल एडवोकेट ने कहा कि भारत एक संविधान सम्मत गणराज्य है। 1947 में देश विभाजन के समय सभी धर्मों के लोगों ने भारत में रहने का विकल्प चुना। लेकिन अब कुछ वर्षों से धर्म के आधार पर अल्पसंख्यकों और अन्याय का विरोध करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। प्रशासनिक मशीनरी अपराधों को रोकने में नाकाम रही है। जिससे एक भय का वातावरण बना हुआ है। मोब्लिंचिंग से कई लोगों की हत्या की जा चुकी हैं। जन शिक्षा अधिकार मंच हरियाणा के प्रांतीय संयोजक जरनैल सिंह सांगवान ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का संविधान बिना किसी भेदभाव के अभिव्यक्ति की आजादी देता है। प्रत्येक नागरिक को सरकार की गलत नीतियों की आलोचना का अधिकार है। कोई भी व्यक्ति किसी भी पद पर बैठा हो जनता के प्रति जवाबदेह है। सत्ता उच्च पद पर बैठे व्यक्ति के आचरण के प्रति सवाल उठाना जनतांत्रिक अधिकार है। मानवाधिकार कार्यकर्ता एडवोकेट धर्मपाल चौहान ने प्रशासनिक व्यवस्था में भेदभाव पूर्ण राजनितिक चिंता प्रकट करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्ता पर हमला नहीं होना चाहिए। पसंद नापसंद के बुद्धिजीवियों, सामाजिक, कार्यकर्ताओं, साहित्यकारों, छात्रों, विपक्षी नेताओं की आवाज सुनी जानी चाहिए न कि जेलों में डालकर आवाज बंद की जाए। संजीव वालिया ने कहा कि देश में दम होगा तो दमन विरोधी आवाज भी जरूर उठेगी भाईचारा बचाए रखना देश की एकता व अखंडता के लिए जरूरी है। विरोध प्रदर्शन को विनोद कुमार त्यागी, लक्ष्मण विनायक, सचिन शर्मा, वसीम दाउदी, प्यारे लाल, अफजल, हरभजन सिंह संधू, गुरभजन सिंह, धर्मपाल चौहान, फकीर चंद, सोमनाथ आदि ने लोगों को संबोधित किया।
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