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टोल प्लाजा पर तीन घंटे तक किया चक्का जाम
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टोल प्लाजा पर जाम लगाकर बैठे किसान
- फोटो : Yamuna Nagar
कृषि क्षेत्र में सुधार को लेकर केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए तीन कानूनों के खिलाफ रविवार को भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में किसानों ने मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर तीन घंटे तक जाम लगाया। किसानों ने यहां नेशनल हाईवे नंबर 344 पर टोल प्लाजा के दोनों तरफ दोपहर 12 बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर दी और बूथ की लाइनों में दरी डालकर बैठ गए। इस दौरान किसान केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि देश का युवा, बच्चे से लेकर बूढ़े तक, मजदूर से लेकर आढ़ती तक, सब ये चाहते हैं कि उन्हें ये कानून नहीं चाहिए, लेकिन सरकार उन पूंजीपतियों के पक्ष में ये कानून लागू कर रही हैं, जो इनको रिश्वत देते हैं। उन्होंने देश की बड़ी-बड़ी सरकारी कंपनियां बेच दीं। रेलवे, हवाई अड्डे व बंदरगाह बेच दी हैं। अब किसानों और खेती को पूंजीपतियों के हाथ बेच रहे हैं। सरकार किसानों को मीठी गोली देकर मंडियों से दूर कर रही है। उसके बाद सबकुछ पूंजीपतियों के हाथ में होगा। जनता पहले ही भूखी मर रही है। आगे किसान और उससे जुड़े लोग भूखे मरने के कगार पर आ जाएंगे।
उन्होंने कहा कि देश का खजाना भी पूंजीपतियों के लिए है। किसानों ने इतनी कुर्बानियां दी है, लेकिन सरकारें नहीं जागती, उन्हें जगाना पड़ता है। कुर्बानियां अब भी देनी पड़ेगी, गोलियां भी खानी पड़ेंगी और मुकदमें भी झेलने पड़ेंगे, लेकिन किसान इनसे डरने वाले नहीं है। हम किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी मांग नहीं करते, किसान जेल काटने को तैयार हैं।
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गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि मेरे ऊपर कांग्रेस के संपर्क में होने का आरोप है। सत्तासीन लोग इस आंदोलन को कांग्रेस वर्सेज बीजेपी बनाना चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का नाम लेते हुए कहा कि ताऊ देवीलाल के आदर्शों पर वोट मांगने वाले किसी के नहीं हो सकते। जब पंजाब की सांसद इस्तीफा दे सकती हैं तो दुष्यंत चौटाला क्यों नहीं इस्तीफा देते। ये हमारे जले पर नमक छिड़क रहे है। ये सत्ता के भूखे लोग, इनका कोई दीन धर्म नहीं होता, ये देश को बेच सकते हैं, पूरे समाज को जला सकते हैं। ये हमारे देश का बेड़ा गर्क कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती। ये देश किसी के बाप का नहीं है, जो देश को अडानी और अंबानी को बेचना चाहते हैं। पिछले एक साल 40 हजार किसान मर गए हैं। हम संकेत दे रहे हैं कि हम आगे ऐसा रोड जाम करेंगे कि कोई नहीं खुलवा पाएगा। वहीं डीएसपी सुभाषचंद्र की अगुवाई में भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। हालांकि किसानों ने अपना विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्वक तरीके से किया। किसान नेता संजू गुंदयानी, हरपाल सुढैल, मंदीप रोड छप्पर, संदीप टोपरा, साहब सिंह इसोपुर, कर्मबीर, सतप्रकाश, दलबीर सिंह, संदीप समेत सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि देश का युवा, बच्चे से लेकर बूढ़े तक, मजदूर से लेकर आढ़ती तक, सब ये चाहते हैं कि उन्हें ये कानून नहीं चाहिए, लेकिन सरकार उन पूंजीपतियों के पक्ष में ये कानून लागू कर रही हैं, जो इनको रिश्वत देते हैं। उन्होंने देश की बड़ी-बड़ी सरकारी कंपनियां बेच दीं। रेलवे, हवाई अड्डे व बंदरगाह बेच दी हैं। अब किसानों और खेती को पूंजीपतियों के हाथ बेच रहे हैं। सरकार किसानों को मीठी गोली देकर मंडियों से दूर कर रही है। उसके बाद सबकुछ पूंजीपतियों के हाथ में होगा। जनता पहले ही भूखी मर रही है। आगे किसान और उससे जुड़े लोग भूखे मरने के कगार पर आ जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि देश का खजाना भी पूंजीपतियों के लिए है। किसानों ने इतनी कुर्बानियां दी है, लेकिन सरकारें नहीं जागती, उन्हें जगाना पड़ता है। कुर्बानियां अब भी देनी पड़ेगी, गोलियां भी खानी पड़ेंगी और मुकदमें भी झेलने पड़ेंगे, लेकिन किसान इनसे डरने वाले नहीं है। हम किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी मांग नहीं करते, किसान जेल काटने को तैयार हैं।
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गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि मेरे ऊपर कांग्रेस के संपर्क में होने का आरोप है। सत्तासीन लोग इस आंदोलन को कांग्रेस वर्सेज बीजेपी बनाना चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का नाम लेते हुए कहा कि ताऊ देवीलाल के आदर्शों पर वोट मांगने वाले किसी के नहीं हो सकते। जब पंजाब की सांसद इस्तीफा दे सकती हैं तो दुष्यंत चौटाला क्यों नहीं इस्तीफा देते। ये हमारे जले पर नमक छिड़क रहे है। ये सत्ता के भूखे लोग, इनका कोई दीन धर्म नहीं होता, ये देश को बेच सकते हैं, पूरे समाज को जला सकते हैं। ये हमारे देश का बेड़ा गर्क कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती। ये देश किसी के बाप का नहीं है, जो देश को अडानी और अंबानी को बेचना चाहते हैं। पिछले एक साल 40 हजार किसान मर गए हैं। हम संकेत दे रहे हैं कि हम आगे ऐसा रोड जाम करेंगे कि कोई नहीं खुलवा पाएगा। वहीं डीएसपी सुभाषचंद्र की अगुवाई में भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। हालांकि किसानों ने अपना विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्वक तरीके से किया। किसान नेता संजू गुंदयानी, हरपाल सुढैल, मंदीप रोड छप्पर, संदीप टोपरा, साहब सिंह इसोपुर, कर्मबीर, सतप्रकाश, दलबीर सिंह, संदीप समेत सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।