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Yamuna Nagar News: यूरिया की कालाबाजारी में जांच के लिए डीडीए कार्यालय पहुंची पुलिस

Wed, 14 Feb 2024 04:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 14 Feb 2024 04:28 AM IST
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Police reached DDA office to investigate black marketing of urea
यमुनानगर। मानकपुर में पकड़ी गई 120 बोरी कृषि योग्य यूरिया को अनाधिकृत रूप से फैक्ट्री में सप्लाई करने और फर्जीवाड़ा कर उसे वैध दिखाने के मामले की जांच के लिए मंगलवार को पुलिस टीम कृषि विभाग के डीडीए कार्यालय पहुंची। यहां पुलिस टीम ने डीलरों के रिकॉर्ड की जांच पड़ताल की। इससे पहले पकड़ी गई यूरिया की जांच के दौरान फर्जी बिल देने के आरोप में डीलर सुमित को काबू किया जा चुका है। उससे पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने जो गोदाम पिछले साल सील हो गया था, उस फर्म का फर्जी बिल दे दिया था, ताकि पकड़े गए यूरिया को वैध दिखाया जा सके। इसी आधार पर गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक ने भी पुलिस को आरोपी के पक्ष में रिपोर्ट दी थी। मामले में गुणवत्ता निरीक्षक सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं आरोपी डीलर और किसान सेवा केंद्र के संचालक को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
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मानकपुर औद्योगिक क्षेत्र में पांच फरवरी को एक फैक्टरी के बाहर कृषि यूरिया से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस ने पकड़ा था। सदर जगाधरी पुलिस के पहुंचने से पहले वहां पर दो यूट्यूबर और अन्य युवक पहुंचे हुए थे। पुलिस ने उस ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा कर दिया और कृषि विभाग को सूचना दे दी। अगले दिन कृषि विभाग के गुण नियंत्रण निरीक्षक बलबीर सिंह ने रिपोर्ट दे दी कि यह यूरिया वैध है। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली लेने के लिए झीवरेहड़ी गांव निवासी महिंद्र पाल थाने पहुंच गया। इसके बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला कि जब यूरिया पकड़ा गया था, तब चालक मुस्तफा था और कृषि अधिकारी की ओर से दी गई रिपोर्ट में ड्राइवर महिंद्र को दिखाया गया है। उसके बयान भी रिपोर्ट में लगाए गए। महिंद्र से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने पूरा सच उगल दिया और बताया कि मानकपुर में ग्लू फैक्टरी संचालक अनेश गर्ग ने उसे फोन कर बुलाया था कि ट्रैक्टर-ट्रॉली थाने से लेकर आना है। इस दौरान उसके सामने दुसानी निवासी धर्मेंद्र आया और एक बिल कृषि विभाग के अधिकारी को दे दिया। उसके झूठे बयान लेकर उन पर साइन करा लिए। तब मामला दबाने को दो लाख रुपये फैक्टरी मालिक ने दिए थे। आरोप है कि इसमें डेढ़ लाख रुपये कृषि विभाग के गुण नियंत्रक लेकर गए और 50 हजार रुपये यूट्यूबर ने लिए थे। इन बयानों के बाद आठ फरवरी को सदर जगाधरी थाना पुलिस ने एएसआई उधम सिंह की शिकायत पर गुण नियंत्रण निरीक्षक बलबीर सिंह और अन्य पर केस दर्ज किया। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि खाद डीलर गांव भटली निवासी सुमित के लोगों ने खाद पकड़वाया था, क्योंकि वह उनके विरोधी द्वारा फैक्टरी में सप्लाई किया जा रहा था। बाद में फर्जी बिल देकर और अधिकारी से मिलीभगत कर गलत रिपोर्ट बनवा कर उस खाद को अपने नाम पर छुड़ाना चाह रहा था। पुलिस ने सुमित और खाद डीलर भूखड़ी गांव निवासी रिंकू कांबोज को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं बलबीर, धर्मेंद्र और यूट्यूबर मोहित वर्मा ने अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट में लगाई हुई है, जिस पर जल्द सुनवाई हो सकती है। जांच में खुलासा होने के बाद सदर थाना पुलिस ने अब मामले में धमका कर पैसे मांगने के आरोप में आईपीसी की धारा-384 व 389 भी जोड़ी है। वहीं, इस मामले की जांच स्पेशल सेल द्वारा की जाएगी।
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