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पुलिस की दरियादिली बिना दस्तावेजों के दौड़ रहे ऑटो को पहुंचा रही फायदा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Dec 2021 01:15 AM IST
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Police generosity is benefitting autos running without documents
यमुनानगर। ट्विन सिटी में ऑटो की संख्या लगातार बढ़ रही है। बहुत से ऑटो बिना मानक के दौड़ रहे हैं। इतना ही नहीं कई ऑटो जिनकी हालात खस्ताहाल हो चुकी, फिर भी उन्हें सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। ऐसे में ऑटो खुद और दूसरों के लिए खतरा बन रहे हैं। सड़कों पर फर्राटा भर रहे इस प्रकार के ऑटो पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। पुलिस की यही दरियादिली ऑटो चालकों को फायदा पहुंचा रही है। शहर के हर चौक पर पुलिस कर्मी तैनात हैं, किंतु इन ऑटो चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं करते।
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बता दें ट्विन सिटी में करीब छह हजार से अधिक ऑटो रिक्शा हैं। हालांकि इनकी पासिंग का जिम्मा क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण विभाग(आरटीए) का है जबकि नियमों की उल्लंघन पर आरटीए समेत पुलिस और यातायात विभाग कार्रवाई कर सकते हैं। बावजूद इसके शहर में अधिकांश ऑटो रिक्शा बिना पासिंग और अधूरे कागजात के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसके अलावा ऑटो रिक्शा में न सुरक्षा उपकरण ही लगे हैं और न ही क्षमता अनुसार सवारी बैठाई जाती है। यही नहीं सवारियां बैठाने के लिए ऑटो चालक जब चाहे सड़क पर कहीं भी ब्रेक लगाकर रोक देते हैं। वहीं, प्रतिबंध के बावजूद ऑटो रिक्शा चालक आगे ड्राइवर सीट के दोनों ओर सवारियां बैठा लेते हैं। यह सब लापरवाही अपने आप में हादसे को न्योता देने जैसा है।
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आपातकालीन नंबर तक नहीं लिखे हुए
रजिस्टर्ड होने के बाद ऑटो सड़क पर दौड़ाने से पहले उसके ऊपर आपातकालीन नंबर जैसे पुलिस कंट्रोल रूम, एंबुलेंस व महिला हेल्प नंबर या चाइल्ड लाइन नंबर लिखा होना आवश्यक है। मगर बहुत से ऑटो ऐसे हैं जिनके ऊपर इस प्रकार के नंबर तक नहीं लिखे हुए हैं।
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हर ऑटो के आगे और पीछे पुलिस कंट्रोल रूम, एंबुलेंस, महिला हेल्पनंबर लिखा होना अनिवार्य है। जिन ऑटो के ऊपर यह नंबर नहीं लिखे मिले तो चालान किए जाएंगे। बकायदा ऑटो यूनियन वालों की बुलाकर पहले एक बैठक की जाएगी ताकि वे अपने स्टैंड के ऑटो चालकों को इसके बारे में जागरूक करें।
-संदीप कुमार, एसएचओ, ट्रैफिक।
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