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धान घोटाला : तीन माह में चावल मिल मालिक की पत्नी को नहीं ढूंढ पाई पुलिस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Feb 2026 01:44 AM IST
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Paddy scam: Police fail to find rice mill owner's wife in three months
यमुनानगर। यमुनानगर और करनाल दोनों जिलों में एक जैसा धान घोटाला हुआ। एसआईटी दोनों ही जिलों में मामले की जांच अलग-अलग कर रही है। करनाल में एसआईटी ने जांच के बाद मार्केट कमेटी सचिवों के अलावा डीएफएससी और कई अधिकारियों को गिरफ्तार किया है वहीं यमुनानगर में जांच कर रही एसआईटी की कार्रवाई राइस मिलर संदीप सिंगला की गिरफ्तारी से आगे नहीं बढ़ पाई है।
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एसआईटी अभी तक राइस मिलर की पत्नी एवं पार्टनर रितिका सिंगला का अभी तक पता नहीं लगा पाई है। इसके अलावा अभी तक घोटाले में शामिल कर्मचारी या अधिकारी के नाम का भी खुलासा नहीं कर पाई है। जानकारी के अनुसार जिले में 13 नवंबर 2025 को धान घोटाला उस समय उजागर हुआ, जब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक अंशज कुमार की जांच में करोड़ों रुपये की अनियमितताएं सामने आईं। जांच में प्रतापनगर की चार, छछरौली की दो और रणजीतपुर की एक राइस मिल में 70 करोड़ रुपये से अधिक की धान हेराफेरी पाई गई। सातों राइस मिलें छछरौली निवासी राइस मिलर संदीप सिंगला और उनकी पत्नी व पार्टनर रितिका सिंगला के नाम पर पंजीकृत थीं। इसके बाद संबंधित थानों में केस दर्ज हुए और एसआईटी जांच शुरू हुई।
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अब तक एसआईटी की सबसे बड़ी कार्रवाई राइस मिलर संदीप सिंगला की गिरफ्तारी रही है लेकिन उनकी पत्नी एवं पार्टनर रितिका सिंगला का तीन माह बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। इस मामले में अब तक किसी कर्मचारी या अधिकारी की गिरफ्तारी तो दूर, नाम का भी खुलासा नहीं किया गया है जिनकी इस घोटाले में संलिप्तता है।
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दूसरी ओर करनाल में एसआईटी ने जांच को तेजी से आगे बढ़ाते हुए विभागीय अधिकारियों तक शिकंजा कस दिया। हालांकि विभागीय स्तर पर कुछ कार्रवाई जरूर हुई है। हैफेड ने यमुनानगर में तैनात सीनियर मैनेजर सलिंद्र, फील्ड इंस्पेक्टर राजेश और चंद्रमोहन तथा टेक्निकल ऑफिसर अनिल कुमार को निलंबित किया। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने एएफएसओ देवेंद्र कुमार और प्रतापनगर में कार्यरत इंस्पेक्टर विनोद कुमार को भी निलंबित किया है। यह कार्रवाई निलंबन तक ही सीमित रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच की रफ्तार इसलिए भी धीमी है क्योंकि पुलिस को संबंधित विभागों से अब तक पूरा रिकॉर्ड नहीं मिल पाया है। रिकॉर्ड के अभाव में एसआईटी की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही।
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