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मंडियों में पहुंचा धान, सुविधाएं नहीं चढ़ी परवान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Sep 2021 01:21 AM IST
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Paddy reached the mandis, facilities did not improve, Yamunanagar
माई सिटी रिपोर्टर
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यमुनानगर। जिले की अनाज मंडियों में आधी अधूरी तैयारियों के साथ एक अक्तूबर से खरीफ फसलों की सरकारी खरीद शुरू होगी। जिले की 13 स्थायी मंडियों में से अधिकतर में पानी, सफाई और किसान विश्राम गृह की भी सुविधा नहीं है। वहीं पिछले एक सप्ताह से मंडियों में धान की आवक हो रही है। आढ़ती धान बोरी में भरकर अपनी दुकान के सामने लगवा रहे हैं।
जगाधरी अनाज मंडी में एक सप्ताह से धान की आवक चल रही है। भंडारण की व्यवस्था न होने के कारण मंडी में फड़ से लेकर शेड तक हर तरफ गेहूं के चट्टे लगे हैं। आढ़तियों को चिंता सता रही है कि सीजन में किसान धान कहां डालेंगे। यहां पर पेयजल के लिए तीन प्याऊ बनवा रखी है, लेकिन यहां आसपास गंदगी का आलम है। वाटर कूलर खराब पड़ा है, जिसे अब तक ठीक नहीं करवाया गया है। वहीं साफ सफाई की व्यवस्था भी सही नहीं है। किसान विश्राम गृह भी नहीं है, किसानों को पेड़ों के नीचे विश्राम करना पड़ता है।
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जगाधरी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मनीश कांबोज का कहना है कि मंडी में अव्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें की जा चुकी हैं। इस बारे में जिला उपायुक्त से भी मुलाकात की जा चुकी है। मुसींबल गांव से धान की फसल लेकर आए किसान रामनाथ ने बताया कि अगेती फसल मंडियों में आ चुकी है। सरकार को 25 सितंबर से ही खरीद करनी चाहिए थी। अभी तो ज्यादा दिक्कत नहीं है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू होती है मंडियां फसल से अट जाएगी। क्योंकि हर बार आवक ज्यादा होती है और उठान कम होता है।
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प्रतापनगर में गेहूं का उठान भी नहीं हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। किसान धान की फसल लेकर मंडी में खड़े हैं, लेकिन यहां पहले से ही पिछले सीजन का गेहूं रखा हुआ है। दूसरी तरफ मार्केटिंग बोर्ड की ओर से मंडी की गलियां बनाई जा रही हैं, जिससे मंडी में आवागमन के रास्ते बंद हैं। गेहूं उठवाने के लिए आढ़ती एसोसिएशन कई बार संबंधित विभाग से गुहार लगा चुका है। समस्या ज्यों की त्यों है। अगर यही हाल रहा तो किसानों को अपना धान सड़कों पर डालना पड़ेगा। मंडी एसोसिएशन के जिला उपप्रधान प्रवीण बटार का कहना है कि उपायुक्त के साथ बैठक में भी पुराने अनाज को उठाने का मुद्दा उठा था। संबंधित अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। ऐसे में धान लेकर आने वाले किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसान राजकुमार, गुरमीत सिंह, मनमोहन सिंह, श्यामलाल, रणधीर, राजकुमार, जमील अहमद आदि ने बताया कि किसान अनाज लेकर मंडी में खड़े हैं, लेकिन कहीं भी उनको अनाज डालने की जगह नहीं मिल पा रही। जैसे ही सरकारी खरीद शुरू होगी तो मंडी में लाखों टन अनाज पहुंच जाएगा। ऐसे में मंडी में किसानों के लिए इस बार भारी समस्या होगी।
इस बारे में एएफएससी सतीश कुमार का कहना है कि जल्द ही मंडियों में पड़े पुराने गेहूं को उठा लिया जाएगा ताकि किसानों को अनाज लेकर आने में और दिक्कत न हो। एसडीएम बिलासपुर जसपाल गिल का कहना है कि वह खुद मंडी का दौरा करेंगे। जहां पर कोई दिक्कत है, उसका तुरंत समाधान करवाया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बात कर तुरंत पिछले सीजन का गेहूं उठाने की बात कही है।
ई-खरीद सॉफ्टवेयर लांच
जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक कुशल बूरा ने बताया कि खरीफ धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू हो रही है। उन्होंने बताया कि जिला के किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में अपनी धान की फसल को लाने के लिए शेड्यूल स्वयं करने की व्यवस्था ई-खरीद सॉफ्टवेयर में की गई है। उन्होंने जिले के किसानों से अनुरोध किया है कि धान की फसल को बेचने के लिए अपना समय स्वयं निर्धारित करें और चुने गए समय के अनुसार ही मंडियों में फसल लाए।
बिलासपुर : मंडी में कम पड़ रही जगह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। धान की सरकारी खरीद पहली अक्तूबर से शुरू होगी। अनाजमंडी में प्रतिदिन किसान धान लेकर पहुंच रहे हैं। किसानों ने धान खरीद के इंतजार में मंडी में ही रख दी है। वहीं आढ़ती प्रतिदिन धान की बढ़ती आवक से चिंतित हैं। आवक जारी रहने से मंडी में जगह कम होती जा रही है।
आढ़ती दलजीत सिंह बाजवा, शिव कुमार बंसल ने बताया कि रोजाना आठ से दस हजार क्विंटल धान की आवक हो रही है। किसान मंडी में धान सूखाने के लिए दुकानों के बाहर डाल रहे हैं। वहीं अभी तक किसी भी आढ़ती के पास बारदाना नहीं पहुंचा गया है। इसके अलावा मंडी में फड़ और शेड में गेहूं की बोरियां पड़ी ह, जिनका उठान नहीं किया गया है।
मंडी में धान लेकर पहुंचे गांव आंबवाला के किसान यशपाल सिंह, गांव मछरौली के राम गोपाल, त्रिलोचन सिंह, अमरीक सिंह, गुरदेव सिंह, कर्ण सिंह ने बताया कि उनके खेत में फसल तैयार है। समय रहते न काटी जाती तो बारिश और तेज हवा के कारण गिर सकती थी। मंडी में गेहूं का उठान न होने से जगह की कमी पड़ी रही है। मंडी में धान लेकर आ रहे किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

किसान अशोक कुमार, राम कुमार ने बताया कि उनके पास धान सुखाने के लिए जगह नहीं है, ट्राली में ज्यादा दिन तक कटा धान रख नहीं सकते हैं। ऐसा करने से धान काला पड़ जाएगा। इसलिए कटाई के बाद सीधे ट्राली मंडी में लेकर आते हैं। मंडी से धान वापस नहीं ले जा सकते हैं, इससे अतिरिक्त खर्च पड़ेगा। किसानों ने सरकार से धान की खरीद जल्द शुरू करने की मांग की है।

प्रतापनगर अनाज मंडी में शेड के नीचे रखी गेहूं की बोरियां।  संवाद

प्रतापनगर अनाज मंडी में शेड के नीचे रखी गेहूं की बोरियां। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar

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