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बारिश से भीगा मंडियों में पड़ा धान, ठंडक बढ़ी
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अनाज मंडी रादौर में धान की खरीद करते अधिकारी।
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। सोमवार दिनभर जहां धूप खिली रही वहीं देर रात बारिश गिरने से मौसम में ठंडक बढ़ गई। झमाझम बारिश का नुकसान मंडियों में किसानों को झेलना पड़ा। खुले में पड़ धान भीग गया।
बारिश से मौसम में बदलाव देखने को मिला। इस दौरान पारा पांच डिग्री तक लुढ़क गया। मात्र एक घंटे की बारिश से ही सड़कों व गलियों में पानी भर गया। हालांकि इस दौरान पूरे जिले में बारिश नहीं हुई। जिले के तीन खंडों में ही बारिश हुई। लेकिन सबसे ज्यादा बारिश शहर में हुई। जिस कारण शहर की निचली कॉलोनियों में पानी भर गया। रात में बारिश होने के कारण लोगों को दिनचर्या के कामों में बाधा तो नहीं आई, लेकिन पानी भरने से परेशानी का सामना करना पड़ा।
बता दें कि सोमवार देर रात साढ़े 11 बजे बारिश शुरू हुई थी। इस दौरान यमुुनानगर जगाधरी में 22 एमएम, रादौर में 11 एमएम और सरस्वतीनगर में तीन एमएम बारिश दर्ज की गई। जबकि जिले के अन्य खंडों में बूंदाबांदी हुई, जो दर्ज नहीं की जा सकती।
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बंदोबस्त की पोल खुली
अचानक आई बारिश ने प्रशासनिक बंदोबस्त की पोल खोल दी। उठान न होने के कारण मंडी धान की बोरियों व डेरियों से अटी पड़ी है। बेमौसम की बारिश ने मंडी में धान बचाने के बंदोबस्तों की पोल खोल दी। इस दौरान शहर की मंडी में पड़ा हजारों क्विंटल धान बारिश में भीग गया। किसानों ने मंडी में सूखाने के लिए धान जमीन पर रखी थी, लेकिन उनकी मेहनत पर पानी भर गया। दूसरी ओर मार्केट कमेटी सचिव ऋषि कुमार ने कहा कि फसल बचाने के लिए पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं। एकाएक बारिश के कारण तिरपाल ढकने में कुछ समय लगा था। मंडी में धान सुरक्षित है।
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बारिश से मौसम में बदलाव देखने को मिला। इस दौरान पारा पांच डिग्री तक लुढ़क गया। मात्र एक घंटे की बारिश से ही सड़कों व गलियों में पानी भर गया। हालांकि इस दौरान पूरे जिले में बारिश नहीं हुई। जिले के तीन खंडों में ही बारिश हुई। लेकिन सबसे ज्यादा बारिश शहर में हुई। जिस कारण शहर की निचली कॉलोनियों में पानी भर गया। रात में बारिश होने के कारण लोगों को दिनचर्या के कामों में बाधा तो नहीं आई, लेकिन पानी भरने से परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बता दें कि सोमवार देर रात साढ़े 11 बजे बारिश शुरू हुई थी। इस दौरान यमुुनानगर जगाधरी में 22 एमएम, रादौर में 11 एमएम और सरस्वतीनगर में तीन एमएम बारिश दर्ज की गई। जबकि जिले के अन्य खंडों में बूंदाबांदी हुई, जो दर्ज नहीं की जा सकती।
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बंदोबस्त की पोल खुली
अचानक आई बारिश ने प्रशासनिक बंदोबस्त की पोल खोल दी। उठान न होने के कारण मंडी धान की बोरियों व डेरियों से अटी पड़ी है। बेमौसम की बारिश ने मंडी में धान बचाने के बंदोबस्तों की पोल खोल दी। इस दौरान शहर की मंडी में पड़ा हजारों क्विंटल धान बारिश में भीग गया। किसानों ने मंडी में सूखाने के लिए धान जमीन पर रखी थी, लेकिन उनकी मेहनत पर पानी भर गया। दूसरी ओर मार्केट कमेटी सचिव ऋषि कुमार ने कहा कि फसल बचाने के लिए पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं। एकाएक बारिश के कारण तिरपाल ढकने में कुछ समय लगा था। मंडी में धान सुरक्षित है।

अनाज मंडी रादौर में बरसात से भीगी धान- फोटो : Yamuna Nagar