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Yamuna Nagar News: त्योहारों के कारण मंडियों में धान की आवक तेज, उठान ने पकड़ी रफ्तार
Wed, 28 Oct 2026 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 28 Oct 2026 01:35 AM IST
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जगाधरी अनाजमंडी से धान की बोरियां लेकर जाता ट्रक। संवाद
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। त्योहारों के बीच जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक तेज होने के साथ ही उठान ने भी रफ्तार पकड़ ली है। जिले की 13 मंडियों में अब तक 3,18,821 मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है। इसमें से 2,95,521 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है।
खरीदे गए धान में से 2,41,724 मीट्रिक टन का उठान किया जा चुका है। इस तरह अब तक 81.80 प्रतिशत धान मंडियों से उठाया जा चुका है, जबकि 18.20 प्रतिशत धान अभी भी मंडियों में पड़ा है। उठान में तेजी आने से किसानों और आढ़तियों को राहत मिली है।
धान की आवक बढ़ने के साथ मंडियों में फसल के ढेर भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में उठान में तेजी बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी उपज उतारने के लिए जगह मिलती रहे और मंडियों में व्यवस्था प्रभावित न हो। अधिकारियों ने मंडियों का दौरा कर संबंधित कर्मचारियों और उठान से जुड़े लोगों को काम में ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।
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जिले की मंडियों में धान की खरीद के आंकड़ों पर नजर डालें तो सरस्वती नगर अनाज मंडी में सबसे अधिक 64,848 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। इसके बाद जगाधरी मंडी में 47,206 मीट्रिक टन और रादौर मंडी में 39,911 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। व्यासपुर मंडी में 34,375 मीट्रिक टन और छछरौली मंडी में 29,289 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
प्रतापनगर मंडी में 24,623 मीट्रिक टन, साढौरा मंडी में 21,940 मीट्रिक टन, रणजीतपुर मंडी में 10,756 मीट्रिक टन और रसूलपुर मंडी में 9,679 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। गुमथला राव मंडी में 6,013 मीट्रिक टन, खारवन मंडी में 3,895 मीट्रिक टन, जठलाना मंडी में 2,679 मीट्रिक टन और यमुनानगर मंडी में 306 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
उठान के बाद भुगतान का इंतजार
धान की खरीद के बाद किसानों को भुगतान के लिए उठान की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ने कहा कि मंडियों से खरीदी गई फसल का उठान जल्द हो, ताकि भुगतान में अनावश्यक देरी न हो। उठान की गति बढ़ने से मंडियों में जगह खाली होने के साथ खरीद प्रक्रिया को भी सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के सामने अब शेष धान का उठान समय पर पूरा करवाने की चुनौती है।
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यमुनानगर। त्योहारों के बीच जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक तेज होने के साथ ही उठान ने भी रफ्तार पकड़ ली है। जिले की 13 मंडियों में अब तक 3,18,821 मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है। इसमें से 2,95,521 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है।
खरीदे गए धान में से 2,41,724 मीट्रिक टन का उठान किया जा चुका है। इस तरह अब तक 81.80 प्रतिशत धान मंडियों से उठाया जा चुका है, जबकि 18.20 प्रतिशत धान अभी भी मंडियों में पड़ा है। उठान में तेजी आने से किसानों और आढ़तियों को राहत मिली है।
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धान की आवक बढ़ने के साथ मंडियों में फसल के ढेर भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में उठान में तेजी बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी उपज उतारने के लिए जगह मिलती रहे और मंडियों में व्यवस्था प्रभावित न हो। अधिकारियों ने मंडियों का दौरा कर संबंधित कर्मचारियों और उठान से जुड़े लोगों को काम में ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।
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जिले की मंडियों में धान की खरीद के आंकड़ों पर नजर डालें तो सरस्वती नगर अनाज मंडी में सबसे अधिक 64,848 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। इसके बाद जगाधरी मंडी में 47,206 मीट्रिक टन और रादौर मंडी में 39,911 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। व्यासपुर मंडी में 34,375 मीट्रिक टन और छछरौली मंडी में 29,289 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
प्रतापनगर मंडी में 24,623 मीट्रिक टन, साढौरा मंडी में 21,940 मीट्रिक टन, रणजीतपुर मंडी में 10,756 मीट्रिक टन और रसूलपुर मंडी में 9,679 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। गुमथला राव मंडी में 6,013 मीट्रिक टन, खारवन मंडी में 3,895 मीट्रिक टन, जठलाना मंडी में 2,679 मीट्रिक टन और यमुनानगर मंडी में 306 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
उठान के बाद भुगतान का इंतजार
धान की खरीद के बाद किसानों को भुगतान के लिए उठान की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ने कहा कि मंडियों से खरीदी गई फसल का उठान जल्द हो, ताकि भुगतान में अनावश्यक देरी न हो। उठान की गति बढ़ने से मंडियों में जगह खाली होने के साथ खरीद प्रक्रिया को भी सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के सामने अब शेष धान का उठान समय पर पूरा करवाने की चुनौती है।