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अच्छे कर्म ही जाते हैं मनुष्य के साथ : स्वामी श्यामानंद
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व्यासपुर। कस्बे के खेड़ा मंदिर लंगर हाॅल में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास स्वामी श्यामानंद ने श्रद्धालुओं को भगवान भक्ति, मानव जीवन और अच्छे कर्मों का महत्व बताया। कथा के दौरान पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया और श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
श्यामानंद ने कहा कि पुरुषोत्तम मास अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। इस माह में दान-पुण्य, पूजा-पाठ, सत्संग और भगवान के नाम का स्मरण करने से मनुष्य को विशेष फल प्राप्त होता है। जो व्यक्ति सच्चे मन से प्रभु का स्मरण करता है, उसके जीवन के दुख दूर होते हैं और उसे आत्मिक शांति प्राप्त होती है। कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम राम राम हरे हरे महामंत्र का जाप करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कलयुग में भगवान के नाम का स्मरण ही सबसे बड़ा सहारा है। इस मंत्र के जाप से मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में अच्छे कर्म करने चाहिए और जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। संसार में जिन वस्तुओं को मनुष्य अपना समझकर मोह करता है, वे सब यहीं रह जाती हैं। मेरी कोठी, मेरा घर, मेरे खेत और मेरी दौलत कुछ भी मनुष्य के साथ नहीं जाता। केवल प्रभु भक्ति और अच्छे कर्म ही उसके साथ जाते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अहंकार त्यागकर प्रभु भक्ति में मन लगाना चाहिए।
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समाजसेवी पंकुश खुराना ने बताया कि कथा प्रतिदिन श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित की जा रही है। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर सरपंच कीर्ति खुराना, अनुकृति खुराना, कृष्ण सैनी, अरुण सैनी, राजू मंगला, पंच संदीप कुमार, डॉ. सुभाष, अशोक धीमान, मोहन गर्ग, दीपक, हिमांशु, राजकुमार वर्मा, केशव सेठी, राजेश टोनी, जगदीश अरोड़ा और विमलेश सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
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श्यामानंद ने कहा कि पुरुषोत्तम मास अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। इस माह में दान-पुण्य, पूजा-पाठ, सत्संग और भगवान के नाम का स्मरण करने से मनुष्य को विशेष फल प्राप्त होता है। जो व्यक्ति सच्चे मन से प्रभु का स्मरण करता है, उसके जीवन के दुख दूर होते हैं और उसे आत्मिक शांति प्राप्त होती है। कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम राम राम हरे हरे महामंत्र का जाप करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कलयुग में भगवान के नाम का स्मरण ही सबसे बड़ा सहारा है। इस मंत्र के जाप से मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में अच्छे कर्म करने चाहिए और जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। संसार में जिन वस्तुओं को मनुष्य अपना समझकर मोह करता है, वे सब यहीं रह जाती हैं। मेरी कोठी, मेरा घर, मेरे खेत और मेरी दौलत कुछ भी मनुष्य के साथ नहीं जाता। केवल प्रभु भक्ति और अच्छे कर्म ही उसके साथ जाते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अहंकार त्यागकर प्रभु भक्ति में मन लगाना चाहिए।
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समाजसेवी पंकुश खुराना ने बताया कि कथा प्रतिदिन श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित की जा रही है। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर सरपंच कीर्ति खुराना, अनुकृति खुराना, कृष्ण सैनी, अरुण सैनी, राजू मंगला, पंच संदीप कुमार, डॉ. सुभाष, अशोक धीमान, मोहन गर्ग, दीपक, हिमांशु, राजकुमार वर्मा, केशव सेठी, राजेश टोनी, जगदीश अरोड़ा और विमलेश सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।