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Yamuna Nagar News: ड्यूटी के प्रति लापरवाह कर्मचारियों को नोटिस
Mon, 10 Mar 2025 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 10 Mar 2025 01:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सरकार से हर माह हजारों रुपये का वेतन लेकर भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अपनी ड्यूटी में लारवाही कर रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में बड़ी संख्या में कर्मचारी ऐसे हैं जो बायोमीट्रिक मशीन में दो के बजाय केवल एक समय ही हाजिरी लगा रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों की पहचान करके पीएमओ ने अब नोटिस थमाना शुरू कर दिया है। इससे कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
स्वास्थ्य विभाग में सिविल सर्जन, पीएमओ, डिप्टी सिविल सर्जन, डॉक्टरों, स्टाफ नर्स से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के स्टाफ की बायोमीट्रिक बायोमीट्रिक मशीन में ऑनलाइन हाजिरी लगती है। इसके लिए स्टाफ को ड्यूटी पर आने के दौरान व शाम को खत्म होने के बाद मशीन में अपने हाथ की अंगुली के फिंगर प्रिंट स्कैन करने पड़ते हैं।
जिला नागरिक अस्पताल व सिविल सर्जन कार्यालय में कई जगह बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। काफी कर्मचारी ऐसे हैं जो केवल सुबह के समय हाजिरी लगा रहे हैं। शाम के समय हाजिरी नहीं लगाई जा रही। ऐसा करके वह न केवल स्वास्थ्य विभाग बल्कि सरकार की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं।
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सुबह की हाजिरी लगी होने के बाद भी स्टाफ न तो अपनी सीट पर मिलता है और न ही अधिकारियों को उनके कहीं आने जाने की खबर होती है। महीने के आखिर में जब वेतन का समय आता है तो रजिस्टर में हाजिरी लगाकर उस पर अधिकारियों के हस्ताक्षर करवा लिए जाते हैं। तब यह तर्क दिया जाता है कि वह ऑनलाइन हाजिरी लगाना भूल गए थे।
ट्रेजरी से अटैच नहीं है बायोमीट्रिक मशीन
दरअसल स्वास्थ्य विभाग की बायोमीट्रिक मशीनें ट्रेजरी से अटैच नहीं है। अटैच न होने से कर्मचारियों का वेतन नहीं कटता। जिससे फरलो मारने वाले कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं। यदि वेतन कटने लगे तो स्थिति में सुधार होने की गुंजाइश है। ऐसा स्टाफ भी है जिनकी ड्यूटी तो अस्पताल में है, लेकिन वह पूरा दिन सिविल सर्जन कार्यालय में ही दिखते हैं। वहीं ड्यूटी के दौरान स्टाफ स्कूल से बच्चों को घर छोड़ने व अन्य कार्यों को कर रहे हैं। इसका खामियाजा अस्पताल में आने वाले मरीज भुगत रहे हैं।
कुछ कर्मचारियों की ओर स सुबह-शाम हाजिरी नहीं लगाने का मामला सामने आया है। ऐसे कर्मचारियों की पहचान करके उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। - डॉ. नवजोत किरन टिवाना, पीएमओ जिला नागरिक अस्पताल।
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यमुनानगर। सरकार से हर माह हजारों रुपये का वेतन लेकर भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अपनी ड्यूटी में लारवाही कर रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में बड़ी संख्या में कर्मचारी ऐसे हैं जो बायोमीट्रिक मशीन में दो के बजाय केवल एक समय ही हाजिरी लगा रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों की पहचान करके पीएमओ ने अब नोटिस थमाना शुरू कर दिया है। इससे कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
स्वास्थ्य विभाग में सिविल सर्जन, पीएमओ, डिप्टी सिविल सर्जन, डॉक्टरों, स्टाफ नर्स से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के स्टाफ की बायोमीट्रिक बायोमीट्रिक मशीन में ऑनलाइन हाजिरी लगती है। इसके लिए स्टाफ को ड्यूटी पर आने के दौरान व शाम को खत्म होने के बाद मशीन में अपने हाथ की अंगुली के फिंगर प्रिंट स्कैन करने पड़ते हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल व सिविल सर्जन कार्यालय में कई जगह बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। काफी कर्मचारी ऐसे हैं जो केवल सुबह के समय हाजिरी लगा रहे हैं। शाम के समय हाजिरी नहीं लगाई जा रही। ऐसा करके वह न केवल स्वास्थ्य विभाग बल्कि सरकार की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं।
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सुबह की हाजिरी लगी होने के बाद भी स्टाफ न तो अपनी सीट पर मिलता है और न ही अधिकारियों को उनके कहीं आने जाने की खबर होती है। महीने के आखिर में जब वेतन का समय आता है तो रजिस्टर में हाजिरी लगाकर उस पर अधिकारियों के हस्ताक्षर करवा लिए जाते हैं। तब यह तर्क दिया जाता है कि वह ऑनलाइन हाजिरी लगाना भूल गए थे।
ट्रेजरी से अटैच नहीं है बायोमीट्रिक मशीन
दरअसल स्वास्थ्य विभाग की बायोमीट्रिक मशीनें ट्रेजरी से अटैच नहीं है। अटैच न होने से कर्मचारियों का वेतन नहीं कटता। जिससे फरलो मारने वाले कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं। यदि वेतन कटने लगे तो स्थिति में सुधार होने की गुंजाइश है। ऐसा स्टाफ भी है जिनकी ड्यूटी तो अस्पताल में है, लेकिन वह पूरा दिन सिविल सर्जन कार्यालय में ही दिखते हैं। वहीं ड्यूटी के दौरान स्टाफ स्कूल से बच्चों को घर छोड़ने व अन्य कार्यों को कर रहे हैं। इसका खामियाजा अस्पताल में आने वाले मरीज भुगत रहे हैं।
कुछ कर्मचारियों की ओर स सुबह-शाम हाजिरी नहीं लगाने का मामला सामने आया है। ऐसे कर्मचारियों की पहचान करके उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। - डॉ. नवजोत किरन टिवाना, पीएमओ जिला नागरिक अस्पताल।