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Yamuna Nagar News: बाढ़ राहत कार्यों के लिए नहीं लगी निविदा
Fri, 28 Mar 2025 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 28 Mar 2025 12:35 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। मानसून से पहले क्षेत्र में बाढ़ राहत कार्य पूरे होते नहीं दिख रहे हैं। बाढ़ से बचाव कार्य पूरा करने की हर साल डेटलाइन 31 मई तक होती है। सिंचाई विभाग की तरफ से इस बार अभी तक टेंडर ही नहीं लगाए गए हैं।
पिछले वर्ष बाढ राहत बचाओ कार्य के टेंडर जनवरी में निकाले गए थे। जिन पर मार्च की शुरुआत में ही काम शुरू हो गया था। इसके बाद भी तीन महीने में बाढ़ राहत कार्य पूरे नहीं हो पाए थे। इस बार अभी तक टेंडर ही नहीं लगाए गए हैं। अगर सिंचाई विभाग अभी टेंडर निकलता भी है तो प्रक्रिया पूरी होने में एक महीने बीत जाएगा। इसके बाद केवल एक माह में कार्य पूरे नहीं किए जा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल खानूवाला, लोप्पो, हडौली सहित कई गांव में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था। खानूवाला के हालात तो इतने खराब थे कि ग्रामीणों के घरों में पांच फीट तक पानी घुस गया था। लोगों का तमाम घरेलु सामान तबाह हो गया था। गांव में सोम नदी की पटरी टूटने से बाढ़ का पानी घुस गया था। प्रशासन ने आनन फानन में पटरी का निर्माण तो किया था, परंतु यह अस्थायी था। ग्रामीण गगनदीप ने बताया कि पिछले साल जहां पटरी टूटी थी वहां पर अस्थायी इंतजाम किया था और प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि यहां स्थायी इंतजाम कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सिंचाई विभाग की लापरवाही से बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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टेंडर प्रक्रिया में देरी हो गई है। जल्द ही टेंडर लगाकर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। नियमित समय में बचाव कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। - रवि मित्तल, एसई, सिंचाई विभाग।
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छछरौली। मानसून से पहले क्षेत्र में बाढ़ राहत कार्य पूरे होते नहीं दिख रहे हैं। बाढ़ से बचाव कार्य पूरा करने की हर साल डेटलाइन 31 मई तक होती है। सिंचाई विभाग की तरफ से इस बार अभी तक टेंडर ही नहीं लगाए गए हैं।
पिछले वर्ष बाढ राहत बचाओ कार्य के टेंडर जनवरी में निकाले गए थे। जिन पर मार्च की शुरुआत में ही काम शुरू हो गया था। इसके बाद भी तीन महीने में बाढ़ राहत कार्य पूरे नहीं हो पाए थे। इस बार अभी तक टेंडर ही नहीं लगाए गए हैं। अगर सिंचाई विभाग अभी टेंडर निकलता भी है तो प्रक्रिया पूरी होने में एक महीने बीत जाएगा। इसके बाद केवल एक माह में कार्य पूरे नहीं किए जा सकते हैं।
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उल्लेखनीय है कि पिछले साल खानूवाला, लोप्पो, हडौली सहित कई गांव में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था। खानूवाला के हालात तो इतने खराब थे कि ग्रामीणों के घरों में पांच फीट तक पानी घुस गया था। लोगों का तमाम घरेलु सामान तबाह हो गया था। गांव में सोम नदी की पटरी टूटने से बाढ़ का पानी घुस गया था। प्रशासन ने आनन फानन में पटरी का निर्माण तो किया था, परंतु यह अस्थायी था। ग्रामीण गगनदीप ने बताया कि पिछले साल जहां पटरी टूटी थी वहां पर अस्थायी इंतजाम किया था और प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि यहां स्थायी इंतजाम कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सिंचाई विभाग की लापरवाही से बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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टेंडर प्रक्रिया में देरी हो गई है। जल्द ही टेंडर लगाकर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। नियमित समय में बचाव कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। - रवि मित्तल, एसई, सिंचाई विभाग।