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Yamuna Nagar News: हादसों से सबक नहीं, कागजों में बचाव के उपाय
Mon, 18 Nov 2024 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 18 Nov 2024 01:35 AM IST
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राहुल शर्मा
यमुनानगर। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के प्रयास बैठकों व कागजी कार्रवाई में सिमट कर रह गए हैं। जारी गाइडलाइन से लेकर दिशा-निर्देशों व आदेशों का धरातल पर असर नहीं है। जिला सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक में हादसों की वजह खत्म करने के कई बार निर्देश जारी हो चुके हैं।
एक ओर विभागों के अफसरों की ढिलाई कई बार सामने आ चुकी हैं, दूसरी ओर अधिकांश लोग भी यातायात नियमों के विपरीत वाहन चलाकर अपने साथ दूसरों की जान से खिलवाड़ रहे हैं। हालांकि सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों व कानूनों के बारे में सरकार, जिला प्रशासन व डीसी सहित अन्य अधिकारी समय-समय पर गाइडलाइन जारी करते हैं, पर इनका सड़कों पर सरेआम उल्लंघन हो रहा है।
इंटीग्रेटेज रोड एक्सीडेंट डाटाबेस की रिपोर्ट के अनुसार जिले में वर्ष 2023 में 429 सड़क दुर्घटनाओं में 234 लोगों की मौत और 397 लोग घायल हुए। इनमें सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं कोहरे के पीक सीजन यानी दिसंबर से हुई। दिसंबर-2023 में 44 सड़क हादसे हुए, जिनमें 23 लोगों की मौत और 39 लोग घायल हुए। इसी तरह वर्ष 2024 में जनवरी से मई तक 88 सड़क दुर्घटनाओं में 94 लोगों ने जान गंवाई और 62 लोग घायल हुए।
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इस तरह 17 माह में कुल 517 सड़क हादसों में 328 मौत व 459 लोग घायल होने का आंकड़ा है। गत जून से अक्तूबर के बीच भी सड़क हादसे हुए। इनमें अलग-अलग वजह रही। अधिकांश में कोहरा, सड़कों पर अधूरे सुरक्षा मानक व यातायात नियमों का पालन न होना और जरूरी एहतियात न बरतना सड़क हादसों की वजह बनी। संवाद
सड़कों, चौराहों, पुल व अंडरपास पर अधूरे सुरक्षा मानक
सहारनपुर-कुरुक्षेत्र मार्ग, पुराने एनएच-73, एनएच-73ए (जगाधरी-पांवटा) व अन्य शहरी सड़कों सहित चांदपुर आरओबी, बाडी माजरा व पुराना हमीदा समीप नहर पर बने पुलों व जमनागली, गांधीनगर, वर्कशॉप, मंडेबरी में बने रेलवे अंडरपास पर कहीं सफेद पट्टी, मार्ग की स्थिति बताने वाले पूर्व सूचक व चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर टेप, साइन बोर्ड नहीं हैं। हाईवे सहित कई सड़कों के बर्म भी गायब है। ट्रैफिक से लेकर स्ट्रीट लाइट भी लगी नहीं या बंद पड़े हैंं। पुराना हमीदा समीप मार्ग किनारे सैकड़ों ट्रक खड़े हैं, वहीं सफेद पट्टी की जगह मार्ग पर मिट्टी की मोटी परत जमी है। इनमें से अधिकांश बिंदुओं पर रोड सेफ्टी कमेटी की बैठकों में आदेश व निर्देश हुए, पर कार्रवाई कागजों से धरातल पर नहीं हुई।
कोहरे के मद्देनजर सड़क सुरक्षा के लिए कार्य किए जा रहे हैं। इस बारे में संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। जल्द बैठक लेकर समीक्षा करेंगे। वाहन चालकों से अपील है कि कोहरे में जरूरी एहतियात बरतें और यातायात नियमों का पालन करें। - आयुष सिन्हा, एडीसी, यमुनानगर।
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यमुनानगर। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के प्रयास बैठकों व कागजी कार्रवाई में सिमट कर रह गए हैं। जारी गाइडलाइन से लेकर दिशा-निर्देशों व आदेशों का धरातल पर असर नहीं है। जिला सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक में हादसों की वजह खत्म करने के कई बार निर्देश जारी हो चुके हैं।
एक ओर विभागों के अफसरों की ढिलाई कई बार सामने आ चुकी हैं, दूसरी ओर अधिकांश लोग भी यातायात नियमों के विपरीत वाहन चलाकर अपने साथ दूसरों की जान से खिलवाड़ रहे हैं। हालांकि सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों व कानूनों के बारे में सरकार, जिला प्रशासन व डीसी सहित अन्य अधिकारी समय-समय पर गाइडलाइन जारी करते हैं, पर इनका सड़कों पर सरेआम उल्लंघन हो रहा है।
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इंटीग्रेटेज रोड एक्सीडेंट डाटाबेस की रिपोर्ट के अनुसार जिले में वर्ष 2023 में 429 सड़क दुर्घटनाओं में 234 लोगों की मौत और 397 लोग घायल हुए। इनमें सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं कोहरे के पीक सीजन यानी दिसंबर से हुई। दिसंबर-2023 में 44 सड़क हादसे हुए, जिनमें 23 लोगों की मौत और 39 लोग घायल हुए। इसी तरह वर्ष 2024 में जनवरी से मई तक 88 सड़क दुर्घटनाओं में 94 लोगों ने जान गंवाई और 62 लोग घायल हुए।
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इस तरह 17 माह में कुल 517 सड़क हादसों में 328 मौत व 459 लोग घायल होने का आंकड़ा है। गत जून से अक्तूबर के बीच भी सड़क हादसे हुए। इनमें अलग-अलग वजह रही। अधिकांश में कोहरा, सड़कों पर अधूरे सुरक्षा मानक व यातायात नियमों का पालन न होना और जरूरी एहतियात न बरतना सड़क हादसों की वजह बनी। संवाद
सड़कों, चौराहों, पुल व अंडरपास पर अधूरे सुरक्षा मानक
सहारनपुर-कुरुक्षेत्र मार्ग, पुराने एनएच-73, एनएच-73ए (जगाधरी-पांवटा) व अन्य शहरी सड़कों सहित चांदपुर आरओबी, बाडी माजरा व पुराना हमीदा समीप नहर पर बने पुलों व जमनागली, गांधीनगर, वर्कशॉप, मंडेबरी में बने रेलवे अंडरपास पर कहीं सफेद पट्टी, मार्ग की स्थिति बताने वाले पूर्व सूचक व चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर टेप, साइन बोर्ड नहीं हैं। हाईवे सहित कई सड़कों के बर्म भी गायब है। ट्रैफिक से लेकर स्ट्रीट लाइट भी लगी नहीं या बंद पड़े हैंं। पुराना हमीदा समीप मार्ग किनारे सैकड़ों ट्रक खड़े हैं, वहीं सफेद पट्टी की जगह मार्ग पर मिट्टी की मोटी परत जमी है। इनमें से अधिकांश बिंदुओं पर रोड सेफ्टी कमेटी की बैठकों में आदेश व निर्देश हुए, पर कार्रवाई कागजों से धरातल पर नहीं हुई।
कोहरे के मद्देनजर सड़क सुरक्षा के लिए कार्य किए जा रहे हैं। इस बारे में संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। जल्द बैठक लेकर समीक्षा करेंगे। वाहन चालकों से अपील है कि कोहरे में जरूरी एहतियात बरतें और यातायात नियमों का पालन करें। - आयुष सिन्हा, एडीसी, यमुनानगर।