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अवैध खनन ने ली नौजवान की जान
अमर उजाला ब्यूराो यमुनानगर
Updated Wed, 02 Mar 2016 12:13 AM IST
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पश्चिमी यमुना नहर से अवैध खनन के चलते एक नौजवान युवक की जान चली गई। रात को नहर से निकाली गई रेत सड़क के बीच में गिरा देने से मोटरसाइकिल सवार युवक स्लिप कर गया और मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे खंबे से टकरा गई, सिर पर गहरी चोट लगने से उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने झोटा बुग्गी की रेत सड़क पर गिरवाई थी।
अमादलपुर का रहने वाला अशीष राणा (23) की बुड़िया चौक के नजदीक आढ़त की दुकान है। सोमवार रात को करीब एक बजे वह मोटरसाइकिल पर दुकान से घर जा रहा था। जगाधरी-अमादलपुर रोड पर सुघ गांव के नजदीक सड़क पर रेत का ढेर लगा था। अंधेरा होने के कारण आशीष को रेत का ढेर नजर नहीं आया। जैसे ही उसकी मोटरसाइकिल का पहिया रेत पर पड़ा तो मोटरसाइकिल स्लिप हो गई और घसीटते हुए एक खंभे से जा टकराई। हादसे में आशीष के सिर में गहरी चोट लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
कुछ देर बाद स्थानीय लोगों ने युवक को मृत पड़े देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर आकर शव को सिविल अस्पताल पहुंचाया। आशीष की जेब से मिले मोबाइल व पहचान पत्र के आधार पर पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी। मृतक के चाचा अनिल राणा ने बताया कि परिवार के लोग अल सुबह घटनास्थल पर पहुंचे।
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वहां सड़क के बीच में रेत का ढेर पड़ा था। अनिल राणा के मुताबिक उन्होंने आसपास के लोगों से पूछा तो पता चला कि रात को रेत से भरी एक झोटा बुग्गी यहां से गुजर रही थी। पुलिस ने उसे रुकवाकर झोटे को बुग्गी से अलग कर दिया और बुग्गी की रेत सड़क पर ही डलवा दी। सड़क पर रेत पड़ी होने के कारण ही आशीष दुर्घटना का शिकार हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
कुछ दिन पहले ही खोली थी दुकान...
आशीष राणा ने कुछ दिनों पहले ही बुड़िया चौक के नजदीक आढ़त की दुकान की थी। उसके पिता शुगर मिल में कर्मचारी हैं। उनके दो बेटों में आशीष सबसे बड़ा था। आशीष के लकड़ी का कारोबार शुरू करने से परिवार काफी खुश था। कम उम्र में ही आशीष की मौत से उसके परिवार के सदस्यों को गहरा सदमा लगा है।
काफी समय से चल रहा है नहर से रेत चोरी करने का धंधा
अमादलपुर गांव के नजदीक ही पश्चिमी यमुना नहर है। अवैध खनन में लिप्त लोग रात को चोरी-छिपे नहर से झोटा बुग्गियों में रेत भरकर ले जाते हैं। नहर से निकाली गई रेत को जगाधरी व आसपास के इलाकों में दुकानदारों या मकान बनाने वालों को बेंच देते हैं। यह धंधा काफी समय से चल रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस कभी-कभार अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती है। पुलिस पहले भी कई बार झोटा बुग्गी की रेत को सड़क पर डलवा चुकी है। जबकि पुलिस को रेत से भरी झोटा बुग्गी को कब्जे में लेना चाहिए। पुलिस की सख्ती न होने के कारण रात को नहर से रेत चोरी करने का सिलसिला लगातार जारी है।
वर्जन :::::
पुलिस ने झोटा बुग्गी से रेत सड़क पर नहीं गिरवाई। पुलिस को देखकर नहर से रेत चुरा कर लाने वाले सड़क पर रेत गिरा देते हैं। नहर से अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। अब भी रात को इस सड़क पर गश्त करती रहती है।
जोगिंद्र सिंह, एसएचओ, थाना बुड़िया
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अमादलपुर का रहने वाला अशीष राणा (23) की बुड़िया चौक के नजदीक आढ़त की दुकान है। सोमवार रात को करीब एक बजे वह मोटरसाइकिल पर दुकान से घर जा रहा था। जगाधरी-अमादलपुर रोड पर सुघ गांव के नजदीक सड़क पर रेत का ढेर लगा था। अंधेरा होने के कारण आशीष को रेत का ढेर नजर नहीं आया। जैसे ही उसकी मोटरसाइकिल का पहिया रेत पर पड़ा तो मोटरसाइकिल स्लिप हो गई और घसीटते हुए एक खंभे से जा टकराई। हादसे में आशीष के सिर में गहरी चोट लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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कुछ देर बाद स्थानीय लोगों ने युवक को मृत पड़े देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर आकर शव को सिविल अस्पताल पहुंचाया। आशीष की जेब से मिले मोबाइल व पहचान पत्र के आधार पर पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी। मृतक के चाचा अनिल राणा ने बताया कि परिवार के लोग अल सुबह घटनास्थल पर पहुंचे।
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वहां सड़क के बीच में रेत का ढेर पड़ा था। अनिल राणा के मुताबिक उन्होंने आसपास के लोगों से पूछा तो पता चला कि रात को रेत से भरी एक झोटा बुग्गी यहां से गुजर रही थी। पुलिस ने उसे रुकवाकर झोटे को बुग्गी से अलग कर दिया और बुग्गी की रेत सड़क पर ही डलवा दी। सड़क पर रेत पड़ी होने के कारण ही आशीष दुर्घटना का शिकार हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
कुछ दिन पहले ही खोली थी दुकान...
आशीष राणा ने कुछ दिनों पहले ही बुड़िया चौक के नजदीक आढ़त की दुकान की थी। उसके पिता शुगर मिल में कर्मचारी हैं। उनके दो बेटों में आशीष सबसे बड़ा था। आशीष के लकड़ी का कारोबार शुरू करने से परिवार काफी खुश था। कम उम्र में ही आशीष की मौत से उसके परिवार के सदस्यों को गहरा सदमा लगा है।
काफी समय से चल रहा है नहर से रेत चोरी करने का धंधा
अमादलपुर गांव के नजदीक ही पश्चिमी यमुना नहर है। अवैध खनन में लिप्त लोग रात को चोरी-छिपे नहर से झोटा बुग्गियों में रेत भरकर ले जाते हैं। नहर से निकाली गई रेत को जगाधरी व आसपास के इलाकों में दुकानदारों या मकान बनाने वालों को बेंच देते हैं। यह धंधा काफी समय से चल रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस कभी-कभार अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती है। पुलिस पहले भी कई बार झोटा बुग्गी की रेत को सड़क पर डलवा चुकी है। जबकि पुलिस को रेत से भरी झोटा बुग्गी को कब्जे में लेना चाहिए। पुलिस की सख्ती न होने के कारण रात को नहर से रेत चोरी करने का सिलसिला लगातार जारी है।
वर्जन :::::
पुलिस ने झोटा बुग्गी से रेत सड़क पर नहीं गिरवाई। पुलिस को देखकर नहर से रेत चुरा कर लाने वाले सड़क पर रेत गिरा देते हैं। नहर से अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। अब भी रात को इस सड़क पर गश्त करती रहती है।
जोगिंद्र सिंह, एसएचओ, थाना बुड़िया