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Yamuna Nagar News: नवरात्र आज से, बाजारों में उमड़ी भीड़, खरीदी पूजन सामग्री
Sun, 15 Oct 2023 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 15 Oct 2023 12:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हो रहे हैं। पूर्व संध्या पर बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने माता की अराधना के लिए पूजन सामग्री की खरीदारी की। इस बार पूरे नौ नवरात्र है, जिसमें 18, 22 व 23 अक्तूबर को सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्ध योग रहेंगे। जहां तक घट स्थापना के मुहूर्त की बात है तो इसके लिए ज्योतिषी सुबह 6.30 से 8.47 व 11.50 से 12.38 बजे तक का समय शुभ बता रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य महेश शांडिल्य ने बताया कि घट स्थापना का शुभ मुहूर्त 15 अक्तूबर (आज) सुबह 6.30 से 8:47 बजे तक है। इस समय में घट स्थापना कर लेनी चाहिए, पर किसी कारणवश ऐसा नहीं कर पाए तो दोपहर 11.50 बजे से 12: 38 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में भी घट स्थापना व पूजन किया जा सकता हैं। घट स्थापना यानी मिट्टी का घड़ा, चांदी, अष्ट धातु, पीतल के कलश को नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में ईशान कोण में स्थापित किया जाता है।
इसके लिए सबसे पहले थोड़ी-सी मिट्टी फिर इसमें जौ डालें और दोबारा एक परत मिट्टी की बिछाएं फिर जौ डालें। इसके बाद फिर से मिट्टी की परत बिछाएं और उस पर जल का छिड़काव करें। इसके बाद इसे स्थापित कर दें। घटस्थापना करने से पहले लकड़ी की चौकी पर एक पाट रख दें। इसके बाद इस पर एक लाल कपड़ा बिछाकर घट स्थापित करें। घट पर रोली या चंदन से स्वस्तिक बनाएं। घट के गले में कलावा बांधे और कलश के नीचे थोड़ा से चावल जरूर डालें।
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कलश के अंदर सिक्का, सुपारी, आम के पत्ते, मिट्टी डाल दें। मिठाई, प्रसाद आदि घट के आसपास रखें। सबसे पहले गणेश वंदना करें और फिर देवी का आह्वान करें। इसके बाद देवी-देवताओं का आह्वान करते हुए प्रार्थना करें। इसके अलावा शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ स्वास्तिक बनाएं, दरवाजे पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं।
नवरात्र के पहले दिन माता की मूर्ति या तस्वीर को लकड़ी की चौकी या आसन पर स्वास्तिक का चिह्न बनाकर स्थापित करना चाहिए। रोली, अक्षत, मोली, पुष्प से देवी के मंत्रों का उच्चारण कर माता की पूजा करें और भोग चढ़ाएं। साथ ही अखंड दीपक प्रज्वलित कर मां की आरती करें। साथ ही नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ विशेष फलदायी है।
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यमुनानगर। शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हो रहे हैं। पूर्व संध्या पर बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने माता की अराधना के लिए पूजन सामग्री की खरीदारी की। इस बार पूरे नौ नवरात्र है, जिसमें 18, 22 व 23 अक्तूबर को सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्ध योग रहेंगे। जहां तक घट स्थापना के मुहूर्त की बात है तो इसके लिए ज्योतिषी सुबह 6.30 से 8.47 व 11.50 से 12.38 बजे तक का समय शुभ बता रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य महेश शांडिल्य ने बताया कि घट स्थापना का शुभ मुहूर्त 15 अक्तूबर (आज) सुबह 6.30 से 8:47 बजे तक है। इस समय में घट स्थापना कर लेनी चाहिए, पर किसी कारणवश ऐसा नहीं कर पाए तो दोपहर 11.50 बजे से 12: 38 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में भी घट स्थापना व पूजन किया जा सकता हैं। घट स्थापना यानी मिट्टी का घड़ा, चांदी, अष्ट धातु, पीतल के कलश को नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में ईशान कोण में स्थापित किया जाता है।
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इसके लिए सबसे पहले थोड़ी-सी मिट्टी फिर इसमें जौ डालें और दोबारा एक परत मिट्टी की बिछाएं फिर जौ डालें। इसके बाद फिर से मिट्टी की परत बिछाएं और उस पर जल का छिड़काव करें। इसके बाद इसे स्थापित कर दें। घटस्थापना करने से पहले लकड़ी की चौकी पर एक पाट रख दें। इसके बाद इस पर एक लाल कपड़ा बिछाकर घट स्थापित करें। घट पर रोली या चंदन से स्वस्तिक बनाएं। घट के गले में कलावा बांधे और कलश के नीचे थोड़ा से चावल जरूर डालें।
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कलश के अंदर सिक्का, सुपारी, आम के पत्ते, मिट्टी डाल दें। मिठाई, प्रसाद आदि घट के आसपास रखें। सबसे पहले गणेश वंदना करें और फिर देवी का आह्वान करें। इसके बाद देवी-देवताओं का आह्वान करते हुए प्रार्थना करें। इसके अलावा शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ स्वास्तिक बनाएं, दरवाजे पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं।
नवरात्र के पहले दिन माता की मूर्ति या तस्वीर को लकड़ी की चौकी या आसन पर स्वास्तिक का चिह्न बनाकर स्थापित करना चाहिए। रोली, अक्षत, मोली, पुष्प से देवी के मंत्रों का उच्चारण कर माता की पूजा करें और भोग चढ़ाएं। साथ ही अखंड दीपक प्रज्वलित कर मां की आरती करें। साथ ही नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ विशेष फलदायी है।