फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Municipal Corporation unable to find agencies; development works stalled

Yamuna Nagar News: नगर निगम को नहीं मिल रहीं एजेंसियां, विकास कार्य अटके

Tue, 23 Jun 2026 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 23 Jun 2026 01:27 AM IST
विज्ञापन
Municipal Corporation unable to find agencies; development works stalled
नगर निगम कार्यालय। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। नगर निगम को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के लिए एजेंसियां नहीं मिल रही हैं, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं लटकी हैं। हालात यह हैं कि निगम प्रशासन को एक ही कार्य के लिए बार-बार निविदाएं जारी करनी पड़ रही हैं। इसका सीधा असर शहर के विकास और आम लोगों की सुविधाओं पर पड़ रहा है।
नगर निगम के विभिन्न वार्डों में सड़क, गली, नाली, जल निकासी और सौंदर्यीकरण से जुड़े कई प्रोजेक्ट स्वीकृत होने के बावजूद शुरू नहीं हो सके हैं। वार्ड-17 में 39.54 लाख रुपये की लागत से गली और आरसीसी नाले का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन इसके लिए कोई एजेंसी आगे नहीं आई। इसी प्रकार शहीद भगत सिंह चौक के पास स्थित नगर निगम के भवन की मरम्मत पर 26.68 लाख रुपये खर्च किए जाने थे।
विज्ञापन

इन कामों के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिला। वहीं मानसून सीजन शुरू होने वाला है। नगर निगम के इस भवन की हालत काफी खराब है। छत से पानी टपकता है। वार्ड-16 में 32.88 लाख रुपये की लागत से बरसाती पानी की निकासी की योजना भी एजेंसी के अभाव में शुरू नहीं हो सकी। इसी वार्ड में बूटर पेट्रोल पंप से गाबा पैलेस तक नाले के निर्माण और सड़क किनारे टाइलें लगाने का लगभग 50 लाख रुपये का कार्य भी कागजों तक सीमित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वार्ड-13 में 29 लाख रुपये से गली एवं नालियों का निर्माण तथा वार्ड-8 में 27 लाख रुपये से ग्रीन बेल्ट विस्तार का कार्य भी अटका हुआ है। इसके अलावा वार्ड-16 में 45 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित गली निर्माण कार्य भी एजेंसी नहीं मिलने के कारण शुरू नहीं हो पाया है। विकास कार्य शुरू न होने से उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात के मौसम में जलभराव, टूटी गलियों, खराब सड़कों और अधूरी सुविधाओं के कारण नागरिकों की परेशानी बढ़ा सकती है। पूर्व पार्षद नवनीत शर्मा व निर्मल चौहान का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो विकास कार्यों में और देरी होगी। ऐसे में नगर निगम को ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, क्योंकि काम न होने से लोग काफी परेशान हैं।
कार्रवाई बनी एजेंसियों की बेरुखी की वजह
पिछले कुछ समय में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी खामियां मिलने पर कई ठेकेदारों पर कार्रवाई हो चुकी है। कुछ एजेंसियों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया। माना जा रहा है कि अब ठेकेदारों को घाटे में काम करने के साथ-साथ कार्रवाई और ब्लैकलिस्ट होने का डर भी सता रहा है। कई बार एजेंसियां प्रतिस्पर्धा में कम दरों पर काम लेने को तैयार हो जाती हैं। बाद में गुणवत्ता प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में निगम कार्रवाई करता है, जिससे अन्य ठेकेदार भी सतर्क हो गए हैं।

विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो एजेंसी गुणवत्ता से खिलवाड़ करेगी, उस पर कार्रवाई जरूर होगी। काम ऐसा होना चाहिए, जिसे शहरवासी वर्षों तक याद रखें। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed