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Yamuna Nagar News: पढ़ाई से वंचित बच्चों को छह माह तक दिया जाएगा मिड-डे-मील

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Sep 2025 01:43 AM IST
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Mid-day meal will be provided to children deprived of education for six months
समग्र ​शिक्षा परियोजना कार्यालय। संवाद
अभय सिंह
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जगाधरी। स्कूल न आने वाले बच्चे पोषण से दूर न रहे, इसके लिए पढ़ाई से वंचित बच्चों को भी छह माह तक मिड-डे-मील दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूल न आने वाले या कभी स्कूल न आने बच्चों को मुख्य धारा में लेकर आना है। इसके अलावा उन्हें स्कूली बच्चों की तरह पोषण भी देना है। राज्य शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से पत्र जारी कर ऐसे बच्चों को मिड-डे-मील देने के आदेश दिए हैं। वहीं, जिले में 1,350 से ज्यादा बच्चों को चयनित किया जा चुका है। जिले में बनाए गए 46 विशेष केंद्रों पर ये सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
जिले में पढ़ाई से वंचित बच्चों को मुख्य धारा में शामिल करने के लिए शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से समग्र शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्कूल न आने वाले बच्चों को भी मिडे-डे-मील दिया जाएगा। यह वे बच्चे हैं, जो स्कूल नहीं जाते हैं अथवा दस्तावेजों व अन्य औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण इनका नाम पोर्टल पर नहीं चढ़ पाया है। इन बच्चों का सीधे तौर पर दाखिला नहीं हो पाया है। वहीं, ऐसे बच्चे जिनका दाखिला हो गया और वे स्कूल नहीं आ पा रहे हैं। विभाग की ओर से इन्हें आउट ऑफ स्कूल बच्चे माना है। विभाग की ओर से इन बच्चों को छह महीने के लिए मिड-डे-मील दिया जाएगा। यह कार्यक्रम 15 सितंबर से 15 मार्च तक चलाया जाएगा। वहीं, इन छह महीनों में बच्चों को शिक्षा का मूल महत्व व अक्षर ज्ञान भी दिया जाएगा, ताकि उन्हें आधारभूत अक्षर व शब्दों की जानकारी हो। इसके बाद इन बच्चों को स्कूल में दाखिला कर मुख्य धारा में लाया जाएगा।
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जिले में चलाए जाएंगे 46 केंद्र
स्कूल आउट बच्चों के लिए जिले में कुल 46 सेंटर चलाए जाएंगे। यह सभी सेंटर के क्षेत्र के ही स्कूल में चलाए जाएंगे। मील के लिए बच्चों को स्कूल में ले जाकर खाना खिलाया जाएगा। इसमें शिक्षा स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके लिए सबसे ज्यादा जगाधरी खंड में 35 केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, व्यासपुर में चार, छछरौली में चार केंद्र चलाए जाएंगे, जबकि रादौर में तीन बनाए गए हैं। यह केंद्र छह महीने के चलाए जाएंगे। इन केंद्रों से छह माह बच्चों को मिड-डे-मील दिया जाएगा। जिले में अब तक कुल 1362 बच्चों को चयनित किया जा चुका है। यह बच्चे स्लम बस्ती के हैं। जानकारी के अनुसार पिछले साल योजना के तहत 1837 बच्चों को चयनित किया गया था। इनमें 970 लड़के और 867 लड़कियां थी। इसमें से 1799 स्कूलों में भर्ती करवा दिया गया है।
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68,000 को मिल रहा भोजन

बता दें कि जिले में कुल 592 और 221 माध्यमिक विद्यालय हैं। इन्हीं में शिक्षा विभाग की ओर से बाल वाटिका भी चलाई जा रही है। इन विद्यालयों के करीब 68,000 विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया गया है। जिले की बाल वाटिकाओं में करीब 3,500 बच्चे हैं। वहीं, प्राथमिक पाठशाला में करीब 41,800 बच्चे पढ़ रहे हैं। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में छठी से आठवीं कक्षा में करीब 21,200 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।

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वर्जन
स्कूल आउट बच्चों को मिड-डे-मील उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए ऐसे बच्चों की तलाश की जा रही है। अभी तक 1362 बच्चें चयनित किए हैं। योजना के तहत छह महीने बच्चों को मील दिया जाना है।
डॉ. धर्मवीर सिंह, जिला परियोजना सह-समन्वयक।
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