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किसानों को पराली खेतों में न जलाने के बारे में जागरूक करें
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हरियाणा के मुख्य सचिव विजयवर्धन ने चंडीगढ़ से उपायुक्तों और जिले के अन्य अधिकारियों की में वीसी के माध्यम से बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जिलों के किसानों को धान की पराली एवं फसल अवशेष खेतों में न जलाने के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जल शक्ति मिशन के तहत हर घर नल, नल से जल योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि टोल फ्री नम्बर-1800-180-5678 पर पानी की आपूर्ति और सीवरेज से संबंधित शिकायतें दर्ज करवाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि हर गांव में पानी की समिति बनाई गई है और विद्यार्थियों के माध्यम से पानी की गुणवत्ता की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम व नगर पालिका के अधिकारी शहरी क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत के कार्य को प्राथमिकता दें और सड़कों की मरम्मत का कार्य शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करवाएं। इसी प्रकार उन्होंने डीएपी, यूरिया व अन्य खादों की उपलब्धता व वितरण के बारे में भी सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि डीएपी खाद अन्य राज्यों में न जाए। उपायुक्त खादों के स्टाक की मात्रा की चेकिंग सुनिश्चित करें और डीएपी खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए भी कदम उठाए। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने उन्हें संबन्धित अधिकारियों व अपनी ओर से आश्वासन दिया कि उन्होंने जो निर्देश दिए हैं उनका सख्ती से पालन किया जाएगा। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने वीडियो कांफ्रेंस के दौरान ही कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को गेहूं व आलू की फसल की बुआई में एसएसपी व एनपीके खाद डालने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यालय पर डीएपी खाद के स्टाक की डेली मॉनिटरिंग विशेष अधिकारियों से करवाई जाएगी। कृषि उप निदेशक ने उपायुक्त को बताया कि जिला में 324 मीट्रिक टन डीएपी व अन्य खाद उपलब्ध है और नवम्बर माह में 6 हजार मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता है। इस मौके पर नगर निगम के आयुक्त अजय सिंह तोमर व ईई एलसी चावला, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवीन आहूजा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी शंकर लाल गोयल, उप निदेशक कृषि डा. जसविन्द्र सिंह, जन स्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता पारीख गर्ग व ईई सुमित गर्ग सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि नगर निगम व नगर पालिका के अधिकारी शहरी क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत के कार्य को प्राथमिकता दें और सड़कों की मरम्मत का कार्य शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करवाएं। इसी प्रकार उन्होंने डीएपी, यूरिया व अन्य खादों की उपलब्धता व वितरण के बारे में भी सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि डीएपी खाद अन्य राज्यों में न जाए। उपायुक्त खादों के स्टाक की मात्रा की चेकिंग सुनिश्चित करें और डीएपी खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए भी कदम उठाए। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने उन्हें संबन्धित अधिकारियों व अपनी ओर से आश्वासन दिया कि उन्होंने जो निर्देश दिए हैं उनका सख्ती से पालन किया जाएगा। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने वीडियो कांफ्रेंस के दौरान ही कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को गेहूं व आलू की फसल की बुआई में एसएसपी व एनपीके खाद डालने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यालय पर डीएपी खाद के स्टाक की डेली मॉनिटरिंग विशेष अधिकारियों से करवाई जाएगी। कृषि उप निदेशक ने उपायुक्त को बताया कि जिला में 324 मीट्रिक टन डीएपी व अन्य खाद उपलब्ध है और नवम्बर माह में 6 हजार मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता है। इस मौके पर नगर निगम के आयुक्त अजय सिंह तोमर व ईई एलसी चावला, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवीन आहूजा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी शंकर लाल गोयल, उप निदेशक कृषि डा. जसविन्द्र सिंह, जन स्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता पारीख गर्ग व ईई सुमित गर्ग सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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