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Yamuna Nagar News: फर्जी दस्तावेज पर बैंक से लिया लाखों का लोन
Mon, 06 May 2024 03:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 06 May 2024 03:33 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खुद को छछरौली के सरकारी स्कूल का अध्यापक बताकर एक व्यक्ति ने भारतीय स्टेट बैंक में फर्जी दस्तावेज जमा करवाकर 12 लाख रुपये का लोन ले लिया। आरोप कैथल के सोंघल गांव निवासी दरबारा सिंह पर लगा है। शहर थाना पुलिस ने आरोपी दरबारा सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है।
भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक अभिषेक जैन ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी शाखा से कैथल के सोंघल गांव निवासी दरबारा सिंह ने वर्ष 2022 में पर्सनल लोन लेने के लिए आवेदन किया था। तत्कालीन बैंक प्रबंधक को आरोपी ने यह बताया था कि वह हरियाणा शिक्षा विभाग में नौकरी करता है। इन दिनों वह छछरौली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छछरौली में अध्यापक है।
आरोपी ने लोन के लिए नौकरी से संबंधित फर्जी दस्तावेज दिए। इनमें एक फर्जी आईडी प्रूफ व छछरौली के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य की ओर से अप्रैल 2022 से सितंबर 2022 तक की फर्जी पे स्लिप दी। आरोपी ने अपने बैंक खाता की यूनियन बैंक आफ इंडिया की ओर से जारी बैंक की स्टेटमेंट पेश की। जिसमें उसका वेतन सैनिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी होना बताया गया।
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आरोपी ने बताया कि वह हरियाणा सरकार का कर्मचारी है लेकिन सरकार ने उसे डेपूटेशन पर सैनिक स्कूल में नियुक्त किया हुआ है। बाद में तत्कालीन फील्ड ऑफिसर की सिफारिश पर उप शाखा प्रबंधक ने आरोपी का 12 लाख रुपये का लोन मंजूर कर दिया। यह लोन की राशि उसने अपने बचत खाता में ट्रांसफर कर ली थी। कुछ दिन तक आरोपी ने लोन की किस्त अदा की।
बाद में उसने लोन की किस्त जमा करना बंद कर दिया। बैंक की ओर से उसे मोबाइल व नोटिस भेजकर किस्त जमा कराने के लिए कहा गया, लेकिन आरोपी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। तत्कालीन बैंक प्रबंधक ने आरोपी के दस्तावेजों के आधार पर स्कूल में जाकर जांच की तो पता लगा कि वह स्कूल में शिक्षक नहीं है।
प्रधानाचार्य को दस्तावेज दिखाए तो उन्होंने बताया कि यह दस्तावेज उनकी ओर से जारी नहीं किए गए है। यह फर्जी दस्तावेज हैं। उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। शहर थाना प्रभारी जगदीश चंद्र का कहना है कि आरोपी दरबारा सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
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यमुनानगर। खुद को छछरौली के सरकारी स्कूल का अध्यापक बताकर एक व्यक्ति ने भारतीय स्टेट बैंक में फर्जी दस्तावेज जमा करवाकर 12 लाख रुपये का लोन ले लिया। आरोप कैथल के सोंघल गांव निवासी दरबारा सिंह पर लगा है। शहर थाना पुलिस ने आरोपी दरबारा सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है।
भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक अभिषेक जैन ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी शाखा से कैथल के सोंघल गांव निवासी दरबारा सिंह ने वर्ष 2022 में पर्सनल लोन लेने के लिए आवेदन किया था। तत्कालीन बैंक प्रबंधक को आरोपी ने यह बताया था कि वह हरियाणा शिक्षा विभाग में नौकरी करता है। इन दिनों वह छछरौली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छछरौली में अध्यापक है।
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आरोपी ने लोन के लिए नौकरी से संबंधित फर्जी दस्तावेज दिए। इनमें एक फर्जी आईडी प्रूफ व छछरौली के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य की ओर से अप्रैल 2022 से सितंबर 2022 तक की फर्जी पे स्लिप दी। आरोपी ने अपने बैंक खाता की यूनियन बैंक आफ इंडिया की ओर से जारी बैंक की स्टेटमेंट पेश की। जिसमें उसका वेतन सैनिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी होना बताया गया।
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आरोपी ने बताया कि वह हरियाणा सरकार का कर्मचारी है लेकिन सरकार ने उसे डेपूटेशन पर सैनिक स्कूल में नियुक्त किया हुआ है। बाद में तत्कालीन फील्ड ऑफिसर की सिफारिश पर उप शाखा प्रबंधक ने आरोपी का 12 लाख रुपये का लोन मंजूर कर दिया। यह लोन की राशि उसने अपने बचत खाता में ट्रांसफर कर ली थी। कुछ दिन तक आरोपी ने लोन की किस्त अदा की।
बाद में उसने लोन की किस्त जमा करना बंद कर दिया। बैंक की ओर से उसे मोबाइल व नोटिस भेजकर किस्त जमा कराने के लिए कहा गया, लेकिन आरोपी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। तत्कालीन बैंक प्रबंधक ने आरोपी के दस्तावेजों के आधार पर स्कूल में जाकर जांच की तो पता लगा कि वह स्कूल में शिक्षक नहीं है।
प्रधानाचार्य को दस्तावेज दिखाए तो उन्होंने बताया कि यह दस्तावेज उनकी ओर से जारी नहीं किए गए है। यह फर्जी दस्तावेज हैं। उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। शहर थाना प्रभारी जगदीश चंद्र का कहना है कि आरोपी दरबारा सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।