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ट्रेन के सफर के लिए जोखिम में जान
यमुनानगर
Updated Wed, 06 Nov 2013 12:50 AM IST
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यमुनानगर। जगाधरी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्री जान जोखिम में डाल रहे हैं।
ट्रेनों में छठ पर्व के कारण भारी भीड़ है, लेकिन यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। छठ पर्व के कारण इन दिनों पूर्व की ओर जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ है। ट्रेनों की जनरल बोगियों के शौचालयों में बैठकर यात्री सफर करने को मजबूर हैं।
हाल यह है कि पीछे से आ रही ट्रेनें खचाखच भरी रहती हैं और उसमें सवार यात्री बोगी के दरवाजे को अंदर से बंद रखते हैं। इससे स्टेशन से ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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अमर उजाला ने रेलवे स्टेशन का जायजा लिया तो यात्रियों की सुरक्षा के प्रति रेलवे प्रशासन द्वारा बरती जा रही लापरवाही उजागर हुई। रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों के दरवाजे अंदर से बंद होने के कारण यात्री बंद दरवाजे और खिड़की की लोहे की ग्रिल के साथ कपड़ा बांधकर लटके नजर आए। ट्रेनों में इस तरह सफर करना न सिर्फ खतरनाक है। साथ ही गैर कानूनी भी है। इसके बावजूद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को ऐसा करने से रोकने वाला कोई नहीं है। रेलवे पुलिस द्वारा ट्रेनों के बंद दरवाजों को खुलवाने की जहमत भी नहीं उठाई जा रही है।
कानून तोड़ने वालों को रोकने वाला कोई नहीं
जगाधरी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक की लंबाई कम होने के कारण इस पर रुकने वाली ट्रेनों के सभी डिब्बे प्लेटफार्म पर नहीं आते। लगभग सभी ट्रेनों के दो-तीन डिब्बे प्लेटफार्म के पीछे रुकते हैं। इससे ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों खासकर बुुजुर्ग यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, वहीं ट्रेन पर चढ़ने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन दिनों ट्रेनों में भारी भीड़ होने के कारण अधिकतर यात्री ट्रेन आने से पहले रेल पटरी के पार जाकर खड़े हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में कभी भी कोई जानलेवा हादसा हो सकता है। न तो रेलवे प्रशासन और न ही रेलवे पुलिस यात्रियों को ऐसा करने से रोकती नजर आई।
भीड़ बढ़ने से स्टेशन पर जेबकतरे सक्रिय
जगाधरी रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों का स्टॉपेज करीब दो मिनट का होता है। जिले में पूर्वोत्तर राज्यों के लाखों लोग रहते हैं।
छठ पर्व पर घर जाने के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री स्टेशन पहुंच रहे हैं। इससे स्टेशन पर प्रतिदिन आने वाले यात्रियों की संख्या आम दिनों की तुलना में चार गुना तक बढ़ गई है।
रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने के लिए लंबी लाइन लग रही है। ऐसे में जेबकतरे भी स्टेशन पर सक्रिय हो रहे हैं।
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे रेलवे प्रशासन
रेलवे से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिले में डिवीजनल रेलवे यूजर्स कंसलटेटिव कमेटी के दो मेंबर सुंदर लाल बतरा और राजिंद्र चिटकारा हैं।
इनका कहना है कि ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदार रेलवे प्रशासन की है। इन दिनों छठ के कारण रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी अधिक बढ़ गई है। इसके मद्देनजर रेलवे प्रशासन को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस बारे रेलवे के उच्चाधिकारियों से बातचीत करेंगे।
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ट्रेनों में छठ पर्व के कारण भारी भीड़ है, लेकिन यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। छठ पर्व के कारण इन दिनों पूर्व की ओर जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ है। ट्रेनों की जनरल बोगियों के शौचालयों में बैठकर यात्री सफर करने को मजबूर हैं।
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हाल यह है कि पीछे से आ रही ट्रेनें खचाखच भरी रहती हैं और उसमें सवार यात्री बोगी के दरवाजे को अंदर से बंद रखते हैं। इससे स्टेशन से ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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अमर उजाला ने रेलवे स्टेशन का जायजा लिया तो यात्रियों की सुरक्षा के प्रति रेलवे प्रशासन द्वारा बरती जा रही लापरवाही उजागर हुई। रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों के दरवाजे अंदर से बंद होने के कारण यात्री बंद दरवाजे और खिड़की की लोहे की ग्रिल के साथ कपड़ा बांधकर लटके नजर आए। ट्रेनों में इस तरह सफर करना न सिर्फ खतरनाक है। साथ ही गैर कानूनी भी है। इसके बावजूद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को ऐसा करने से रोकने वाला कोई नहीं है। रेलवे पुलिस द्वारा ट्रेनों के बंद दरवाजों को खुलवाने की जहमत भी नहीं उठाई जा रही है।
कानून तोड़ने वालों को रोकने वाला कोई नहीं
जगाधरी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक की लंबाई कम होने के कारण इस पर रुकने वाली ट्रेनों के सभी डिब्बे प्लेटफार्म पर नहीं आते। लगभग सभी ट्रेनों के दो-तीन डिब्बे प्लेटफार्म के पीछे रुकते हैं। इससे ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों खासकर बुुजुर्ग यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, वहीं ट्रेन पर चढ़ने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन दिनों ट्रेनों में भारी भीड़ होने के कारण अधिकतर यात्री ट्रेन आने से पहले रेल पटरी के पार जाकर खड़े हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में कभी भी कोई जानलेवा हादसा हो सकता है। न तो रेलवे प्रशासन और न ही रेलवे पुलिस यात्रियों को ऐसा करने से रोकती नजर आई।
भीड़ बढ़ने से स्टेशन पर जेबकतरे सक्रिय
जगाधरी रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों का स्टॉपेज करीब दो मिनट का होता है। जिले में पूर्वोत्तर राज्यों के लाखों लोग रहते हैं।
छठ पर्व पर घर जाने के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री स्टेशन पहुंच रहे हैं। इससे स्टेशन पर प्रतिदिन आने वाले यात्रियों की संख्या आम दिनों की तुलना में चार गुना तक बढ़ गई है।
रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने के लिए लंबी लाइन लग रही है। ऐसे में जेबकतरे भी स्टेशन पर सक्रिय हो रहे हैं।
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे रेलवे प्रशासन
रेलवे से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिले में डिवीजनल रेलवे यूजर्स कंसलटेटिव कमेटी के दो मेंबर सुंदर लाल बतरा और राजिंद्र चिटकारा हैं।
इनका कहना है कि ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदार रेलवे प्रशासन की है। इन दिनों छठ के कारण रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी अधिक बढ़ गई है। इसके मद्देनजर रेलवे प्रशासन को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस बारे रेलवे के उच्चाधिकारियों से बातचीत करेंगे।