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चिकित्सक डेपुटेशन पर, मरीज बेहाल
Updated Tue, 29 Dec 2015 12:39 AM IST
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुड़िया में तैनात चिकित्सक को डेपुटेशन पर सिविल अस्पताल यमुनानगर में भेजने से मरीजों उपचार नहीं मिल पा रहा है। डॉक्टर न होने से मरीजों को दिनभर पीएचसी के बाहर इंतजार कर वापस लौटना पड़ रहा है। यह केंद्र केवल ही एक चिकित्सक के सहारे चल रहा है, जो अधिकतर डेपुटेशन पर रहते हैं। पीएचसी में चिकित्सक की नियमित सेवाएं न होने पर मरीजों में रोष है।
बुड़िया व आसपास गांवों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उनके घर द्वार के नजदीक मुहैया कराने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। जब से विभाग ने यहां केंद्र तैयार किया है तब से लेकर आज तक यहां कोई चिकित्सक ज्यादा दिन तक अपनी सेवाएं लोगों को नहीं दे सका।
जिस भी चिकित्सक की यहां तैनाती होती उसे विभागीय अधिकारी दूसरे अस्पतालों में डेपुटेशन पर भेज देते हैं। चिकित्सक के वहां से जाते ही स्वास्थ्य केंद्र अनाथ हो जाता है। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं रहता। दवा लेने आए मरीजों ने बताया कि वह 10 किलोमीटर दूर से आए हैं। पहले भी कई चक्कर लगाए। तब भी चिकित्सक नहीं मिला। यहां तैनात स्टाफ ने बताया कि चिकित्सक को डेपुटेशन पर दूसरे अस्पताल में भेजा गया है।
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उनको दवाई चिकित्सक के आने पर ही मिलेेगी। सोमवार को करीब दो सप्ताह बाद चिकित्सक ड्यूटी पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। उनके आने से पहले ही यहां मरीजों की भीड़ लगी थी। जैसे ही उन्होंने मरीजों को चेक करना शुरू किया तो उनके मोबाइल पर सिविल अस्पताल से फोन आया कि उनको डेपुटेशन पर सिविल अस्पताल यमुनानगर में सेवाएं देनी हैं। इस बात का पता जब यहां खड़े मरीजों को लगा तो वह एक जगह एकत्रित हो गए। मरीजों के साथ अन्य ग्रामीणों ने भी विभाग की इस कार्य प्रणाली के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
जब चिकित्सक ही नहीं होंगे तो यहां आने वाले मरीजों को दवाई कौन देगा। मरीजों के साथ अन्य ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि बुड़िया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक की नियमित ड्यूटी लगाई जाए, ताकि मरीजों को उपचार मिल सके।
रोजाना 150 मरीजों की ओपीडी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 150 मरीजों की ओपीडी है। इन मरीजों को देखने के लिए चिकित्सक की जरूरत है। विभागीय अधिकारी इस स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सक को ही हर बार डेपुटेशन पर भेजने का काम करते हैं। चिकित्सक के न होने से इस अस्पताल की सुध लेने वाला कोई नहीं होता। मरीजों का कहना है कि पहली बार बुड़िया पीएचसी के चिकित्सक को डेपुटेशन पर नहीं भेजा गया। हर बार यहीं होता है।
वर्जन
यमुनानगर सिविल अस्पताल से मोबाइल पर काल आई है कि उनको डेपुटेशन पर यमुनानगर सिविल अस्पताल में सोमवार से ही सेवाएं देनी हैं। जबकि वह आज ही डेपुटेशन से वापस पीएचसी बुड़िया में ड्यूटी पर आई थी। वह तो विभागीय अधिकारियों के आदेशों का पालन कर रही हैं।
-डॉ. अमिता, इंचार्ज, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बुड़िया
वर्जन
स्टाफ की कमी है। चिकित्सक की यमुनानगर सिविल अस्पताल में कुछ दिन के लिए ड्यूटी लगाई गई है। जल्द ही इस समस्या का हल निकाल लिया जाएगा।
- डॉ. रमेश कुमार, सिविल सर्जन यमुनानगर।
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बुड़िया व आसपास गांवों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उनके घर द्वार के नजदीक मुहैया कराने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। जब से विभाग ने यहां केंद्र तैयार किया है तब से लेकर आज तक यहां कोई चिकित्सक ज्यादा दिन तक अपनी सेवाएं लोगों को नहीं दे सका।
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जिस भी चिकित्सक की यहां तैनाती होती उसे विभागीय अधिकारी दूसरे अस्पतालों में डेपुटेशन पर भेज देते हैं। चिकित्सक के वहां से जाते ही स्वास्थ्य केंद्र अनाथ हो जाता है। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं रहता। दवा लेने आए मरीजों ने बताया कि वह 10 किलोमीटर दूर से आए हैं। पहले भी कई चक्कर लगाए। तब भी चिकित्सक नहीं मिला। यहां तैनात स्टाफ ने बताया कि चिकित्सक को डेपुटेशन पर दूसरे अस्पताल में भेजा गया है।
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उनको दवाई चिकित्सक के आने पर ही मिलेेगी। सोमवार को करीब दो सप्ताह बाद चिकित्सक ड्यूटी पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। उनके आने से पहले ही यहां मरीजों की भीड़ लगी थी। जैसे ही उन्होंने मरीजों को चेक करना शुरू किया तो उनके मोबाइल पर सिविल अस्पताल से फोन आया कि उनको डेपुटेशन पर सिविल अस्पताल यमुनानगर में सेवाएं देनी हैं। इस बात का पता जब यहां खड़े मरीजों को लगा तो वह एक जगह एकत्रित हो गए। मरीजों के साथ अन्य ग्रामीणों ने भी विभाग की इस कार्य प्रणाली के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
जब चिकित्सक ही नहीं होंगे तो यहां आने वाले मरीजों को दवाई कौन देगा। मरीजों के साथ अन्य ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि बुड़िया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक की नियमित ड्यूटी लगाई जाए, ताकि मरीजों को उपचार मिल सके।
रोजाना 150 मरीजों की ओपीडी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 150 मरीजों की ओपीडी है। इन मरीजों को देखने के लिए चिकित्सक की जरूरत है। विभागीय अधिकारी इस स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सक को ही हर बार डेपुटेशन पर भेजने का काम करते हैं। चिकित्सक के न होने से इस अस्पताल की सुध लेने वाला कोई नहीं होता। मरीजों का कहना है कि पहली बार बुड़िया पीएचसी के चिकित्सक को डेपुटेशन पर नहीं भेजा गया। हर बार यहीं होता है।
वर्जन
यमुनानगर सिविल अस्पताल से मोबाइल पर काल आई है कि उनको डेपुटेशन पर यमुनानगर सिविल अस्पताल में सोमवार से ही सेवाएं देनी हैं। जबकि वह आज ही डेपुटेशन से वापस पीएचसी बुड़िया में ड्यूटी पर आई थी। वह तो विभागीय अधिकारियों के आदेशों का पालन कर रही हैं।
-डॉ. अमिता, इंचार्ज, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बुड़िया
वर्जन
स्टाफ की कमी है। चिकित्सक की यमुनानगर सिविल अस्पताल में कुछ दिन के लिए ड्यूटी लगाई गई है। जल्द ही इस समस्या का हल निकाल लिया जाएगा।
- डॉ. रमेश कुमार, सिविल सर्जन यमुनानगर।