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Yamuna Nagar News: सरकारी विभागों में तालमेल की कमी, क्यों न फैले डेंगू

Fri, 20 Sep 2024 04:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 20 Sep 2024 04:17 AM IST
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Lack of coordination between government departments, why dengue does not spread
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। कुछ दिनों से जिले में डेंगू के केस बहुत तेजी से सामने आ रहे हैं। घरों में लारवा भी बहुत ज्यादा मात्रा में मिल रहा है। फिर भी घरों में मच्छरों का लारवा पाल कर डेंगू फैलाने वाले लोगों पर नगर निगम के अधिकारी मेहरबान हैं। गत तीन साल में 4967 जगह पर डेंगू मच्छर का लारवा मिला। परंतु स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अधिकारियों ने इनमें से किसी का भी न तो चालान किया और न ही जुर्माना राशि वसूली।
स्वास्थ्य विभाग इनके चालान कर जुर्माना राशि वसूलने की सारी जिम्मेदारी नगर निगम की बता रहा है। वहीं नगर निगम के अधिकारी पहली प्राथमिकता स्वास्थ्य विभाग की बता रहे हैं। सरकारी विभागों का आपसी तालमेल न होना हर साल डेंगू के फैलने का बड़ा कारण बनता है। इस बार अब तक 20 केस मिल चुके हैं।
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जहां पर डेंगू मच्छरों का लारवा खाली बर्तनों, खाली डिब्बों, टायरों या फिर अन्य जगह पर मिलता है वहां रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ चेतावनी दी जाती है। जिसमें लोगों को कहा जाता है कि उनके यहां पर जो लारवा मिला है वह उसे खत्म करें। कुछ दिन बाद वह दोबारा जांच करने के लिए आएंगे। यदि फिर से लारवा मिला तो उन्हें नोटिस दिया जाएगा।
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दोबारा लारवा मिलने पर नोटिस स्वास्थ्य विभाग की तरफ से म्युनिसिपल बायलॉज एक्ट (1973) अंडर सेक्शन 214 के तहत दिए जाते हैं। केवल आम नागरिकों के घरों में ही नहीं बल्कि कई सरकारी विभागों के कार्यालयों में भी लारवा मिल चुका है। गत सप्ताह जिला पुलिसलाइन जगाधरी में लारवा मिला था।
सिविल सर्जन की जिम्मेदारी पहले : निगमायुक्त
नगर निगम के आयुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि डेंगू मच्छर का लारवा मिलने पर नोटिस देने और जुर्माना वसूलने की पहली प्राथमिकता स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन की है। इसके अलावा यूएलबी भी चालान करने का अधिकार है। स्वास्थ्य विभाग ने शहरी क्षेत्र में जो नोटिस भेजे हैं, उनकी कॉपी भी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नगर निगम को नहीं भेजी जाती। यदि कोई रिकॉर्ड दिया जाए तो उसके आधार पर चालान की राशि को लोगों के प्रॉपर्टी टैक्स या अन्य टैक्स जोड़ कर वसूला जा सकता है।

डिफाल्टर की लिस्ट है भेजते : जिला मलेरिया अधिकारी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि शहरी क्षेत्र में नोटिस के बाद चालान कर जुर्माना वसूलने की जिम्मेदारी नगर निगम के अधिकारियों की है। स्वास्थ्य विभाग यदि चालान करता है तो वसूलने का कोई माध्यम नहीं है। जहां लगातार दो से तीन बार मच्छर का लारवा मिलता है केवल उन्हें ही नोटिस दिया जाता है। ऐसा करने वालों को स्वास्थ्य विभाग डिफाल्टर मान कर उनकी लिस्ट नगर निगम को भेजता है। गत वर्ष भी डिफाल्टर की लिस्ट नगर निगम को भेजी गई थी, लेकिन से जुर्माना नहीं वसूला गया।
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