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Yamuna Nagar News: डेंगू से निपटने के लिए दे रहे घर-घर दस्तक
Wed, 20 Aug 2025 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 20 Aug 2025 12:13 AM IST
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कूलर में लारवा की तलाश करते स्वास्थ्यकर्मी। विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बारिश के बाद डेंगू मच्छर भी एक्टिव हो गया है। जिले में अभी तक 11 केस सामने आ चुके हैं। भले ही अभी तक जिले में डेंगू की स्थिति ठीक है, बावजूद इसके जिले का मलेरिया विभाग डेंगू को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। डेंगू के खात्मा करने के लिए टीमें घर-घर जाकर दस्तक दे रही हैं।
इसके अलावा जो ग्रामीण व शहरी हाई रिस्क एरिया हैं उन पर विभाग नजर गड़ाए हुए है। उधर, फील्ड में घर-घर जाकर कर्मचारी जहां अभी तक बर्तनों की जांच, खून के सैंपल व पंफलेट जैसे कार्य कर रहे हैं, वहीं कर्मचारी छत पर चढ़ कर पानी की टंकी की अच्छी तरह से जांच करनी होगी।
वहीं गुजरे सालों पर नजर दौड़ाएं तो 2024 में जिले में डेंगू के 190 केस मिले थे। इससे पहले 2023 में 735 केस, 2022 में 932 केस मिले थे। इस साल डेंगू के 11 केस कंफर्म हो चुके हैं। मलेरिया के भी तीन केस मिल चुके हैं। मलेरिया विभाग ने डेंगू के लारवा की जांच के लिए कर्मचारियों की टीम बनाई है जोकि घर-घर जाकर बर्तनों, वस्तुओं में लारवा की जांच कर रही है।
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इसके अलावा कर्मचारी लारवा जांच के दौरान ही लोगों को पंफलेट बांट कर भी डेंगू व मलेरिया से बचने के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र के हाई रिस्क एरिया
गंदापुरा, ऊंचा चंदना, कान्हड़ी कलां, अहलुवाला, ज्ञानेवाला, फतेहपुर, जमनावाला, रायपुर, शादीपुर, कामी माजरा, तेजली, रापौली शामिल है। जहां पिछले साल 104 डेंगू के केस आए थे।
शहरी क्षेत्र में हाई रिस्क एरिया
सेक्टर-17, प्रोफेसर कॉलोनी, लालद्वारा, कालिंदी कॉलोनी, सेक्टर-17 व 18, काली मंदिर, गुलाब नगर, तीर्थ नगर, चिट्टा मंदिर, रेलवे कॉलोनी, नजदीक आईटीआई, लक्ष्मी नगर, पुराना हमीदा, केसर नगर व अशोक विकार शामिल हैं। जहां पर पिछले साल डेंगू के 86 केस आए थे।
कर्मचारी लगातार फील्ड में काम कर रहे हैं। वे घर-घर जाकर घरों में खुले में रखे सामान के अंदर लारवा की जांच कर रहे हैं। छत पर रखी टंकियों की जांच रहे है। जो हाई रिस्क एरिया हैं, उन्हें बार-बार चेक किया जा रहा है।
-डॉ. सुशीला सैनी, जिला मलेरिया अधिकारी, यमुनानगर।
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यमुनानगर। बारिश के बाद डेंगू मच्छर भी एक्टिव हो गया है। जिले में अभी तक 11 केस सामने आ चुके हैं। भले ही अभी तक जिले में डेंगू की स्थिति ठीक है, बावजूद इसके जिले का मलेरिया विभाग डेंगू को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। डेंगू के खात्मा करने के लिए टीमें घर-घर जाकर दस्तक दे रही हैं।
इसके अलावा जो ग्रामीण व शहरी हाई रिस्क एरिया हैं उन पर विभाग नजर गड़ाए हुए है। उधर, फील्ड में घर-घर जाकर कर्मचारी जहां अभी तक बर्तनों की जांच, खून के सैंपल व पंफलेट जैसे कार्य कर रहे हैं, वहीं कर्मचारी छत पर चढ़ कर पानी की टंकी की अच्छी तरह से जांच करनी होगी।
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वहीं गुजरे सालों पर नजर दौड़ाएं तो 2024 में जिले में डेंगू के 190 केस मिले थे। इससे पहले 2023 में 735 केस, 2022 में 932 केस मिले थे। इस साल डेंगू के 11 केस कंफर्म हो चुके हैं। मलेरिया के भी तीन केस मिल चुके हैं। मलेरिया विभाग ने डेंगू के लारवा की जांच के लिए कर्मचारियों की टीम बनाई है जोकि घर-घर जाकर बर्तनों, वस्तुओं में लारवा की जांच कर रही है।
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इसके अलावा कर्मचारी लारवा जांच के दौरान ही लोगों को पंफलेट बांट कर भी डेंगू व मलेरिया से बचने के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र के हाई रिस्क एरिया
गंदापुरा, ऊंचा चंदना, कान्हड़ी कलां, अहलुवाला, ज्ञानेवाला, फतेहपुर, जमनावाला, रायपुर, शादीपुर, कामी माजरा, तेजली, रापौली शामिल है। जहां पिछले साल 104 डेंगू के केस आए थे।
शहरी क्षेत्र में हाई रिस्क एरिया
सेक्टर-17, प्रोफेसर कॉलोनी, लालद्वारा, कालिंदी कॉलोनी, सेक्टर-17 व 18, काली मंदिर, गुलाब नगर, तीर्थ नगर, चिट्टा मंदिर, रेलवे कॉलोनी, नजदीक आईटीआई, लक्ष्मी नगर, पुराना हमीदा, केसर नगर व अशोक विकार शामिल हैं। जहां पर पिछले साल डेंगू के 86 केस आए थे।
कर्मचारी लगातार फील्ड में काम कर रहे हैं। वे घर-घर जाकर घरों में खुले में रखे सामान के अंदर लारवा की जांच कर रहे हैं। छत पर रखी टंकियों की जांच रहे है। जो हाई रिस्क एरिया हैं, उन्हें बार-बार चेक किया जा रहा है।
-डॉ. सुशीला सैनी, जिला मलेरिया अधिकारी, यमुनानगर।